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Muzaffarnagar News: कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए चला अभियान, घर-घर तलाशे जा रहे मरीज
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कुष्ठ रोगी खोज अभियान के तहत सरवट में लोगों को जागरूक करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत-स्वास्
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए जनपद में दो सप्ताह का अभियान शुरू हो गया। अभियान के दौरान लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करते हुए संदिग्ध रोगियों की जांच भी की जाएगी। सोमवार से शुरू होकर 23 मार्च तक चलने वाले कुष्ठ रोगी खोजो अभियान के दौरान झुग्गी-झोपड़ी सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी रोगी तलाशे जाएंगे।
जनपद में कुष्ठ रोग खोजी अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान, इलाज और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना और जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाना है। अभियान के तहत जनपद के शहरी सहित ग्रामीण इलाकों में भी में झुग्गी-झोपड़ी बस्ती, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील वार्डों में घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिंग, निशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श सेवाएं और सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां चलाई जाएंगी।
निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर होगा उपचार: डॉ.विपिन कुमार
डिप्टी सीएमओ डॉ.विपिन कुमार ने बताया कि अभियान के तहत 594 पर्यवेक्षकों की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग ने 3019 टीम गठित की हैं। प्रत्येक टीम में एक आशा और एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। घर-घर सर्वेक्षण और संदिग्ध रोगियों की पहचान कर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में पूर्व से 27 कुष्ठ रोगी हैं। उन्होंने बताया कि यह रोग स्पर्श से नहीं फैलता। लेकिन इलाज न होने पर स्थायी विकलांगता, नसों को नुकसान और त्वचा पर सुन्न धब्बों का कारण बन सकता है। समय पर मल्टी-ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से इसका पूर्ण इलाज संभव है।
-- क्या है कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण
- त्वचा पर रंगहीन या हल्के रंग के सुन्न धब्बे।
- नसों में मोटाई और संवेदनहीनता की स्थिति।
- हाथों-पैरों में कमजोरी और चेहरे पर गांठें।
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मुजफ्फरनगर। कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए जनपद में दो सप्ताह का अभियान शुरू हो गया। अभियान के दौरान लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करते हुए संदिग्ध रोगियों की जांच भी की जाएगी। सोमवार से शुरू होकर 23 मार्च तक चलने वाले कुष्ठ रोगी खोजो अभियान के दौरान झुग्गी-झोपड़ी सहित भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी रोगी तलाशे जाएंगे।
जनपद में कुष्ठ रोग खोजी अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान, इलाज और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना और जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाना है। अभियान के तहत जनपद के शहरी सहित ग्रामीण इलाकों में भी में झुग्गी-झोपड़ी बस्ती, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील वार्डों में घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की स्क्रीनिंग, निशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श सेवाएं और सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां चलाई जाएंगी।
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निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर होगा उपचार: डॉ.विपिन कुमार
डिप्टी सीएमओ डॉ.विपिन कुमार ने बताया कि अभियान के तहत 594 पर्यवेक्षकों की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग ने 3019 टीम गठित की हैं। प्रत्येक टीम में एक आशा और एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। घर-घर सर्वेक्षण और संदिग्ध रोगियों की पहचान कर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में पूर्व से 27 कुष्ठ रोगी हैं। उन्होंने बताया कि यह रोग स्पर्श से नहीं फैलता। लेकिन इलाज न होने पर स्थायी विकलांगता, नसों को नुकसान और त्वचा पर सुन्न धब्बों का कारण बन सकता है। समय पर मल्टी-ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से इसका पूर्ण इलाज संभव है।
- त्वचा पर रंगहीन या हल्के रंग के सुन्न धब्बे।
- नसों में मोटाई और संवेदनहीनता की स्थिति।
- हाथों-पैरों में कमजोरी और चेहरे पर गांठें।
