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Muzaffarnagar News: कारगिल शहीद स्मारक के लिए वादा कर भूल गया प्रशासन
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शुक तीर्थ में कारगिल शहीद स्मारक पर सैनिकों ने जनसहयोग से कराई रंगाई पुताई। संवाद
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मोरना। सरकारी उपेक्षा के कारण शुकतीर्थ का कारगिल शहीद स्मारक बदहाली पर आंसू बहा रहा है। निर्माण के 25 साल बाद भी रखरखाव के लिए कोई मदद नहीं मिल रही है। प्रशासन के बड़े-बड़े दावों और आश्वासनों के बावजूद धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है, जिससे पूर्व सैनिकों और देशभक्त नागरिकों में गहरा रोष है।
यहां का बिजली बिल चुकाने के लिए भी सरकारी बजट उपलब्ध नहीं है। सेवानिवृत्त सैनिक अपनी पेंशन के पैसों से बिजली का बिल जमा करने को मजबूर हैं। इसके अलावा, स्मारक परिसर में नई बिजली फिटिंग के कार्य की भी सख्त जरूरत है।
स्मारक भवन के लिए राष्ट्रीय धरोहर को संवारने का बीड़ा राष्ट्र सैनिक संस्था और स्थानीय देशभक्त नागरिकों ने उठाया है। जनसहयोग से स्मारक की पुताई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।
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राष्ट्रीय सैनिक संस्था प्रदेश अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कारगिल स्मारक हमारे देश की साझी धरोहर है। प्रशासन ने आंखें मूंद लीं, तो हमारी संस्था और देशभक्त नागरिकों को इसके जीर्णोद्धार के लिए आगे आना पड़ा।
जिलाध्यक्ष मनोज राठी ने बताया प्रशासन केवल आश्वासन देना जानता है। पूर्व सैनिक अपनी पेंशन से बिजली का बिल भर रहे हैं, जो व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
प्रबंधक मांगेराम ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर बने ताकि पूर्व सैनिकों को रोजगार मिल सके। मंडल अध्यक्ष फौजी राजेंद्र राठी, सूबेदार अशोक कुमार, फौजी सुधीश चौधरी, प्रमेंद्र राठी ने कहा शहीदों के सम्मान में प्रशासनिक उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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यहां का बिजली बिल चुकाने के लिए भी सरकारी बजट उपलब्ध नहीं है। सेवानिवृत्त सैनिक अपनी पेंशन के पैसों से बिजली का बिल जमा करने को मजबूर हैं। इसके अलावा, स्मारक परिसर में नई बिजली फिटिंग के कार्य की भी सख्त जरूरत है।
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स्मारक भवन के लिए राष्ट्रीय धरोहर को संवारने का बीड़ा राष्ट्र सैनिक संस्था और स्थानीय देशभक्त नागरिकों ने उठाया है। जनसहयोग से स्मारक की पुताई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।
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राष्ट्रीय सैनिक संस्था प्रदेश अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कारगिल स्मारक हमारे देश की साझी धरोहर है। प्रशासन ने आंखें मूंद लीं, तो हमारी संस्था और देशभक्त नागरिकों को इसके जीर्णोद्धार के लिए आगे आना पड़ा।
जिलाध्यक्ष मनोज राठी ने बताया प्रशासन केवल आश्वासन देना जानता है। पूर्व सैनिक अपनी पेंशन से बिजली का बिल भर रहे हैं, जो व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
प्रबंधक मांगेराम ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर बने ताकि पूर्व सैनिकों को रोजगार मिल सके। मंडल अध्यक्ष फौजी राजेंद्र राठी, सूबेदार अशोक कुमार, फौजी सुधीश चौधरी, प्रमेंद्र राठी ने कहा शहीदों के सम्मान में प्रशासनिक उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।