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Muzaffarnagar News: शुकतीर्थ में डूबे विकास के दावे
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मोरना। शुकतीर्थ में विकास के नाम पर 150 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण और साधु-संत इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तालाब खोदने और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की अपील की है।
बारिश के दौरान हनुमान धाम और पंजाबी धर्मशाला सहित मुख्य मार्गों पर पानी भर गया था। इससे वाहन खराब हुए और सड़कों पर कीचड़ फैलने से दुर्गंध आ रही है। मां पूर्णागिरि आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि पर्यटन विभाग ने शुकतीर्थ धर्म नगरी के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, फिर भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
महामंडलेश्वर स्वामी राजगिरी महाराज ने बताया कि शिवधाम कॉलोनी के पास एक बड़ी झील में गाद और जलकुंभी जमा होने से पानी की निकासी रुक गई है। लापरवाही के कारण यह झील अपना अस्तित्व खो रही है।
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हनुमत धाम के स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि बारिश से धाम जलमग्न हो गया। सुंदरीकरण पर किया गया खर्च बेकार गया है। स्वामी गीतानंद तीर्थ ने कहा लगातार बारिश के कारण हमारे आश्रम के सामने पानी भरा रहा, जिससे श्रद्धालु आश्रमों में ही रहे।
गंगा सेवा समिति सदस्य चौधरी सुरेंद्र सिंह और सोनू राणा ने बताया आने वाले समय जल समस्या विकराल रूप लेगी। शासन प्रशासन को इसके लिए ठोस योजना बनाकर नाले के माध्यम से झील तक पाने पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
कई पट्टे धारकों के पट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। प्रशासन समस्या का समाधान कराएगा। - सुनील शर्मा, कानूनगो जानसठ, राजस्व विभाग
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बारिश के दौरान हनुमान धाम और पंजाबी धर्मशाला सहित मुख्य मार्गों पर पानी भर गया था। इससे वाहन खराब हुए और सड़कों पर कीचड़ फैलने से दुर्गंध आ रही है। मां पूर्णागिरि आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि पर्यटन विभाग ने शुकतीर्थ धर्म नगरी के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, फिर भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
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महामंडलेश्वर स्वामी राजगिरी महाराज ने बताया कि शिवधाम कॉलोनी के पास एक बड़ी झील में गाद और जलकुंभी जमा होने से पानी की निकासी रुक गई है। लापरवाही के कारण यह झील अपना अस्तित्व खो रही है।
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हनुमत धाम के स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि बारिश से धाम जलमग्न हो गया। सुंदरीकरण पर किया गया खर्च बेकार गया है। स्वामी गीतानंद तीर्थ ने कहा लगातार बारिश के कारण हमारे आश्रम के सामने पानी भरा रहा, जिससे श्रद्धालु आश्रमों में ही रहे।
गंगा सेवा समिति सदस्य चौधरी सुरेंद्र सिंह और सोनू राणा ने बताया आने वाले समय जल समस्या विकराल रूप लेगी। शासन प्रशासन को इसके लिए ठोस योजना बनाकर नाले के माध्यम से झील तक पाने पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
कई पट्टे धारकों के पट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। प्रशासन समस्या का समाधान कराएगा। - सुनील शर्मा, कानूनगो जानसठ, राजस्व विभाग