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Muzaffarnagar News: आसमान में छाए बादल, बूंदाबांदी...पारा 4.2 डिग्री लुढ़का
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खतौली में बारिश के दौरान छाता लेकर गुजरते हुए : संवाद
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- जिले के कई क्षेत्रों में रुक-रुककर होती रही बूंदाबांदी
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
मुजफ्फरनगर। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुककर बूंदाबांदी भी हुई। दिन के तापमान में 4.2 डिग्री लुढ़क गया। बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को भी बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित है।
मंगलवार सुबह से ही करीब 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने लगी थी। जानसठ, भोपा, ककरौली और पुरकाजी के खादर क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा खतौली में भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन में लोगों ने पंखे और एयर कंडीशनर बंद कर दिए गए।
-- इस तरह बदल रहा मौसम
तिथि तापमान
07 अप्रैल 27.2 डिग्री
06 अप्रैल 31.4 डिग्री
05 अप्रैल 31.5 डिग्री
04 अप्रैल 31.5 डिग्री
03 अप्रैल 30.8 डिग्री
-- गेहूं की कटाई और गन्ने की बुवाई प्रभावित
मंगलवार को बूंदाबांदी से गेहूं की कटाई और गन्ने की बुवाई का कार्य प्रभावित हुआ। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को भी बारिश के आसार जताए हैं। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान होगा।
-- हीट वेव बचाव की कार्ययोजना, कंट्रोल रूम बनाया
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में हीट वेव से बचाव व कार्य योजना की तैयारी के लिए बैठक का आयोजन किया गया। डीएम उमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी गईं हैं।
डीएम ने कहा कि वर्तमान में दोपहर के तीन घंटे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। उन्होंने इन तीन घंटों में खुली धूप से बचाव की सलाह दी। जानवरों एवं बच्चों को बंद गाड़ी में न छोड़ा जाए, यह जानलेवा हो सकता है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच खुली धूप में न निकलें। घर की निचली मंजिल पर रहें। तंग कपड़े न पहनें। कलक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑप्रेशन सेंटर में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। प्रशासन ने टोल फ्री 1077 के अलावा 0131 2436918, मोबाइल नंबर 9412210080 जारी कर दिए गए हैं।
- पैदावार पर पड़ेगा असर : गुलशेर
चौरावाला निवासी किसान गुलशेर प्रधान ने कहा कि बारिश ने गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। दो दिन पहले ही हल्की ओलावृष्टि भी क्षेत्र में हुई थी। जो फसल कटने के बाद खेत में पड़ी थी, वह भीग गई और खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल झुककर गिर गई है। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
-- किसानों की मेहनत पर पानी : चौधरी
ककरौली निवासी युवा किसान जितिन चौधरी ने बताया कि दो दिन से बूंदाबांदी और हल्की ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सरसों की फसल पहले ही कमजोर थी, अब कुछ खेतों में गेहूं भी गिर गया है। खेत में पानी भर गया तो कटाई में दिक्कत हो सकती है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
मुजफ्फरनगर। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुककर बूंदाबांदी भी हुई। दिन के तापमान में 4.2 डिग्री लुढ़क गया। बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को भी बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित है।
मंगलवार सुबह से ही करीब 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने लगी थी। जानसठ, भोपा, ककरौली और पुरकाजी के खादर क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा खतौली में भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
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बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन में लोगों ने पंखे और एयर कंडीशनर बंद कर दिए गए।
तिथि तापमान
07 अप्रैल 27.2 डिग्री
06 अप्रैल 31.4 डिग्री
05 अप्रैल 31.5 डिग्री
04 अप्रैल 31.5 डिग्री
03 अप्रैल 30.8 डिग्री
मंगलवार को बूंदाबांदी से गेहूं की कटाई और गन्ने की बुवाई का कार्य प्रभावित हुआ। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को भी बारिश के आसार जताए हैं। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान होगा।
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में हीट वेव से बचाव व कार्य योजना की तैयारी के लिए बैठक का आयोजन किया गया। डीएम उमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी गईं हैं।
डीएम ने कहा कि वर्तमान में दोपहर के तीन घंटे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। उन्होंने इन तीन घंटों में खुली धूप से बचाव की सलाह दी। जानवरों एवं बच्चों को बंद गाड़ी में न छोड़ा जाए, यह जानलेवा हो सकता है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच खुली धूप में न निकलें। घर की निचली मंजिल पर रहें। तंग कपड़े न पहनें। कलक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑप्रेशन सेंटर में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। प्रशासन ने टोल फ्री 1077 के अलावा 0131 2436918, मोबाइल नंबर 9412210080 जारी कर दिए गए हैं।
- पैदावार पर पड़ेगा असर : गुलशेर
चौरावाला निवासी किसान गुलशेर प्रधान ने कहा कि बारिश ने गेहूं और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। दो दिन पहले ही हल्की ओलावृष्टि भी क्षेत्र में हुई थी। जो फसल कटने के बाद खेत में पड़ी थी, वह भीग गई और खराब होने लगी है, जबकि खड़ी फसल झुककर गिर गई है। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
ककरौली निवासी युवा किसान जितिन चौधरी ने बताया कि दो दिन से बूंदाबांदी और हल्की ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सरसों की फसल पहले ही कमजोर थी, अब कुछ खेतों में गेहूं भी गिर गया है। खेत में पानी भर गया तो कटाई में दिक्कत हो सकती है। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।

खतौली में बारिश के दौरान छाता लेकर गुजरते हुए : संवाद