सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Playing with the lives of patients in the name of life-saving medicines

Muzaffarnagar News: जीवन रक्षक दवाइयों के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
Playing with the lives of patients in the name of life-saving medicines
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

मुजफ्फरनगर। पश्चिमी यूपी में जनपद दवा कारोबार का बड़ा हब बनता जा रहा है। जिसका लाभ उठाकर माफिया लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। नारकोटिक्स श्रेणी की दवा तस्करी का मामला हो या फिर नशे के लिए कफ सीरप का कारोबार। आए दिन ऐसे मामलों में जनपद के दवा व्यापारियोंं पर उंगुली उठती रही है। हाल में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भी जीवन रक्षक दवाइयों के नाम पर नकली दवा कारोबार का खुलासा किया है, जिसमें शेरनगर क्षेत्र में संचालित एक दवा फैक्टरी पर भी सवालिया निशान लगा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वहां डेढ़ दशक तक नकली दवा बनाने का धंधा चलता रहा।


नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शेरनगर में मोहम्मद अकदास नाम के व्यक्ति ने किन फार्मास्युटिकल्स के नाम से बुखार और दर्द निवारक दवाइयां बनाने का काम शुरू किया था। आसपास के लोग भी यही समझते रहे कि फैक्टरी में जीवन रक्षक दवाइयां बनती हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नकली दवा बनाकर सप्लाई करने वाले गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो मामला खुलता चला गया। तब से ही मोहम्मद अकदास फरार चल रहा है। गत दो अप्रैल को दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की टीम ने शेरनगर स्थित मोहम्मद अकदास की फैक्टरी पर छापा मारा था। आरोपी तो मौके पर नहीं मिला लेकिन पुलिस मौके से काफी सामान बरामद कर लौट गई। जिनमें दवाइयां और रैपर सहित पैकेजिंग सामग्री बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- जनपद में खपाई थीं साढ़े तीन करोड़ की नकली दवाइयां

सितंबर माह के दौरान पुलिस ने आगरा के चार दवा कारोबारियों को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने नगर के आयुष मेडिकोज को साढ़े तीन करोड़ की नकली दवाएं बेची थीं। जांच की गई तो प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर फर्म मैसर्स आयुष मेडिकोज, नाॅर्थ गांधी काॅलोनी से भारी मात्रा में नकली दवा बेचने का मामला सामने आया था। इस मामले में गांधी कॉलोनी निवासी तरुण बंसल को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि सभी नकली दवा बाजार में बेच दी गई थी।

- कफ सिरप के अवैध कारोबार मेंं किए गए वारे-न्यारे

सिर्फ नकली दवा ही नहीं बल्कि नशे में प्रयोग की जाने वाली दवाइयों की तस्करी के मामले में भी जनपद बदनाम हो रहा है। बड़े पैमाने पर कफ सिरप का प्रयोग भी नशे में किया जा रहा है। शहर की जिला परिषद मार्केट से प्रतिवर्ष करोड़ों की दवाइयों का कारोबार होता है। दवा के कुछ थोक व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने कम समय में ही करोड़ों रुपये कमाए। इनमें कफ सिरप का अवैध कारोबार करने वाले भी शामिल हैं।
कफ सिरप के अवैध कारोबार करने वालों पर एसटीएफ और ईडी शिकंजा कस रही है। औषधि प्रशासन विभाग की ओर से भी कुछ माह पहले अलग-अलग 20 स्थानों से कफ सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed