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Muzaffarnagar News: इंस्पेक्टर विजय की हत्या के मामले में ज्योति को जमानत
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इंस्पेक्टर विजय सिंह, फाइल फोटो
- फोटो : सड़क हादसे में युवकों की मौत के बाद जमा लोग।
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मुजफ्फरनगर। फुगाना थाने में करीब 12 साल पहले इंस्पेक्टर विजय कुमार की हत्या के मामले में आरोपी ज्योति मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। ट्रायल के दौरान अदालत में पेश नहीं होने पर पुलिस ने आरोपी को चार साल पहले गिरफ्तार किया था। सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई थी।
मामला 22 मई 2014 का है। फुगाना थाना स्थित आवास पर तत्कालीन इंस्पेक्टर विजय सिंह का शव मिला था। उनकी पत्नी प्रभा देवी ने गोरखपुर के थाना बेलघाट के भभया निवासी ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
ट्रायल के दौरान ज्योति मिश्रा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को वर्ष 2022 में गिरफ्तार कर लिया था। बचाव पक्ष की ओर से पहले जमानत अर्जी दाखिल की गई लेकिन सेशन कोर्ट में प्रार्थनापत्र खारिज हो गया था।
इसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। हाईकोर्ट ने ज्योति मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। उधर, जिला अदालत में 19 मार्च को सुनवाई होगी।
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डिप्रेशन की मरीज...पता नहीं चल पाया
बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि ज्योति मिश्रा डिप्रेशन की मरीज हैं। बीमारी की वजह से अदालत में सुनवाई की तिथि की जानकारी नहीं मिल पाई। इसी वजह से वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो पा रही थी।
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यह बताई गई थी हत्या की वजह
अमरोहा के रहने वाले फुगाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर विजय सिंह गोरखपुर में तैनात रहे थे। इस दौरान उनकी जान-पहचान ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा उर्फ टप्पू से हो गई थी। कारोबार के नाम पर पांच लाख रुपये प्रशांत ने इंस्पेक्टर से ले लिए लेकिन रुपये वापस नहीं लौटाए थे। तकादा किए जाने के कारण विवाद हुआ और हत्या की वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया गया था।
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छह साल लटकी रही जिरह...अदालत हुई सख्त
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में 29 फरवरी 2016 से जिरह शुरू हुई थी। वादी अदालत में पहुंची लेकिन आरोपी पक्ष नहीं पहुंचा। 18 अक्तूबर 2016 को आरोपी की कुर्की की गई। 24 सितंबर 2018 को प्रशांत की पत्रावली अलग कर दी गई। अदालत में हाजिर नहीं होने पर पुलिस ने आरोपी ज्योति को वर्ष 2022 में गिरफ्तार कर लिया था।
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मामला 22 मई 2014 का है। फुगाना थाना स्थित आवास पर तत्कालीन इंस्पेक्टर विजय सिंह का शव मिला था। उनकी पत्नी प्रभा देवी ने गोरखपुर के थाना बेलघाट के भभया निवासी ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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ट्रायल के दौरान ज्योति मिश्रा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को वर्ष 2022 में गिरफ्तार कर लिया था। बचाव पक्ष की ओर से पहले जमानत अर्जी दाखिल की गई लेकिन सेशन कोर्ट में प्रार्थनापत्र खारिज हो गया था।
इसके बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। हाईकोर्ट ने ज्योति मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। उधर, जिला अदालत में 19 मार्च को सुनवाई होगी।
डिप्रेशन की मरीज...पता नहीं चल पाया
बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि ज्योति मिश्रा डिप्रेशन की मरीज हैं। बीमारी की वजह से अदालत में सुनवाई की तिथि की जानकारी नहीं मिल पाई। इसी वजह से वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो पा रही थी।
यह बताई गई थी हत्या की वजह
अमरोहा के रहने वाले फुगाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर विजय सिंह गोरखपुर में तैनात रहे थे। इस दौरान उनकी जान-पहचान ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा उर्फ टप्पू से हो गई थी। कारोबार के नाम पर पांच लाख रुपये प्रशांत ने इंस्पेक्टर से ले लिए लेकिन रुपये वापस नहीं लौटाए थे। तकादा किए जाने के कारण विवाद हुआ और हत्या की वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया गया था।
छह साल लटकी रही जिरह...अदालत हुई सख्त
मुजफ्फरनगर। इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में 29 फरवरी 2016 से जिरह शुरू हुई थी। वादी अदालत में पहुंची लेकिन आरोपी पक्ष नहीं पहुंचा। 18 अक्तूबर 2016 को आरोपी की कुर्की की गई। 24 सितंबर 2018 को प्रशांत की पत्रावली अलग कर दी गई। अदालत में हाजिर नहीं होने पर पुलिस ने आरोपी ज्योति को वर्ष 2022 में गिरफ्तार कर लिया था।

इंस्पेक्टर विजय सिंह, फाइल फोटो- फोटो : सड़क हादसे में युवकों की मौत के बाद जमा लोग।