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Muzaffarnagar News: मोबाइल फोन की लत कर रही परेशान, स्कूल के समय आते हैं चक्कर

Sat, 08 Aug 2026 11:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:35 PM IST
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Mobile phone addiction causing trouble; dizziness strikes during school hours.
संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। बच्चे को मोबाइल फोन की लत परेशान कर रही है। स्कूल जाने का समय निकट आते ही मोबाइल फोन छूटने के डर से चक्कर आने लगते हैं। ऐसे बच्चों के लिए मनोचिकित्सक की ओर से अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वह संवाद को हथियार बनाएं। हालात ये हैं कि घंटों मोबाइल फोन में व्यस्त रहने के कारण बच्चे पढ़ाई से दूरी बना लेते हैं। कुछ बच्चे मोबाइल फोन नहीं मिलने पर भावावेश में गंभीर कदम उठाने की धमकी देते हैं।
इंटरनेट की व्यापकता ने बच्चों की दुनिया में भी बड़ा बदलाव किया है। मोबाइल फोन पर गेम, शॉर्ट वीडियो और कई प्रकार के वीडियो कंटेंट के कारण बच्चों का स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है। इस कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जबकि उनके व्यवहार में भी परिवर्तन रहा है।
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बिहेवियरल एडिक्शन बनती जा रही बड़ी समस्या
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.अर्पण जैन का कहना है कि मोबाइल या इंटरनेट का अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल बिहेवियरल एडिक्शन यानी व्यवहार संबंधी लत की समस्या का रूप ले लेता है। इसमें संबंधित को पता होने के बावजूद कि मोबाइल का इस्तेमाल उसके लिए नुकसानदायक है, वह इसे नियंत्रित नहीं कर पाता। बच्चों में यह समस्या उनकी पढ़ाई, नींद, व्यवहार और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
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बच्चों पर नजर रख संवाद जारी रखें, दूरी न बनाएं
मनोरोग विशेषज्ञ का कहना है कि प्रतिदिन उनके सामने छोटे बच्चों से लेकर कक्षा 10 में पढ़ने वालों के तमाम ऐसे मामले आ रहे हैं। जिनमें मोबाइल फोन के कारण बच्चों के व्यवहार में चिड़चिड़ापन और भावावेश में आने की समस्या प्रमुख है। कुछ बच्चों की स्कूल जाने के समय इसलिए तबीयत खराब हो जाती है कि वे स्वीकार नहीं कर पाते कि पांच-छह घंटे मोबाइल से कैसे दूर रहेंगे। बताया कि ओपीडी में उपचार के लिए लाए गए पांचवीं कक्षा के एक बच्चे को यही समस्या थी। स्कूल जाने के समय उसे चक्कर आ जाते थे। बच्चों को खेलकूद और मनोरंजन के अन्य साधनों का प्रयोग एवं परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
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