{"_id":"6a52a11231e69845640c6202","slug":"the-rain-has-stopped-now-clouds-of-crisis-loom-over-the-farmers-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-175620-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: थम गई बारिश...अब किसानों पर संकट के बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: थम गई बारिश...अब किसानों पर संकट के बादल
विज्ञापन
तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। जिले में चार दिनों से चल रही बारिश शनिवार को थम गई। अब तक जुलाई माह में 414.3 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। मौसम साफ होने के बावजूद किसानों की गाढ़ी कमाई पर संकट के बादल छाए हुए हैं। गंगा, काली, सोलानी और हिंडन नदी के 218.50 किमी क्षेत्र में हजारों बीघा फसलों में पानी भरा हुआ है। चारे और सब्जियों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। जलनिकासी का इंतजाम नहीं हुआ तो गन्ने की फसल में भी नुकसान होगा।
हिंडन नदी चरथावल के बुड्ढाखेड़ा से जिले की सीमा में प्रवेश करती और बुढ़ाना के नगवा गांव तक 52 गांवों को प्रभावित करती है। जिले में सबसे अधिक लंबाई इसी नदी की है। दाएं किनारे पर 25 और बाएं किनारे पर 27 गांव हैं। खतरे के निशान के करीब बह रही नदी से चरथावल, बघरा, शाहपुर और बुढ़ाना क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हैं।
काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर है, जिस कारण रतनपुरी, मंसूरपुर और खतौली क्षेत्र में किसानों के सामने संकट है। चारे की फसल प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन इंतजाम करने में कामयाब नहीं रहा है।
विज्ञापन
सोलानी नदी में पानी बढ़ने से जानसठ तहसील क्षेत्र के 39 गांव प्रभावित हुए हैं। खादर में किसानों की सब्जी की फसलें बेकार हो गई है। मजलिसपुर तोफीर के प्रधान योगेश कुमार चौहान ने बताया कि यदि खेतों में पानी अधिक समय तक रुका तो फसलों में गलन से पशुओं के लिए चारे की समस्या आ सकती है।
पुरकाजी के ज्ञानी जसविंदर सिंह, राजेंद्र पांचली और पोपेंद्र गुर्जर ने बताया कि जंगलों में पानी भरा होने से पशुओं के लिए चारे की समस्या गंभीर हो गई है।
-- -- --
खलासी से पानी छोड़ने का आरोप, किसान चिंतित
रतनपुरी। किसानों की गन्ने और चारे की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। रतनपुरी के निचले इलाकों के कई घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था। किसानों का आरोप है कि खतौली गंग नहर से काली नदी में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जल स्तर बढ़ रहा है। उन्होंने गंग नहर से पानी छोड़ना तुरंत बंद करने की मांग की है। किसानों ने कहा कि जब गंग नहर के पानी की आवश्यकता होती है तो सिंचाई विभाग पानी नहीं छोड़ता है, लेकिन अब बाढ़ की स्थिति में तीनों गेट खोल दिए गए हैं। किसान संदीप सोम, अरविंद सोम, काक्का सोम, जितेंद्र सोम, मोनू सोम, बिजेंद्र सिंह, कपिल सोम का कहना है कि गंगनहर का पानी तुरंत रोका जाना चाहिए।
-- --
जनपद में इस तरह बह नही नदियां
नदी चेतावनी बिंदू जल स्तर
गंगा 220 218.50
हिंडन 227 225.70
काली 235 235.45
सोलानी 228.67 227.80
नोट- जल स्तर मीटर में।
-- -
मुजफ्फरनगर :
नदी कुल लंबाई जनपद में लंबाई
गंगा 2525 38.50 किमी
सोलानी 560 40.00 किमी
काली 145 64.00 किमी
हिंडन 355 76.00 किमी
-- -
ये बोले किसान
बुढ़ाना। हिंडन नदी का पानी खेतों में भरा हुआ है। उकावली गांव के रमेश ने बताया कि खेतों में पानी भरने से चारे की फसल बर्बाद हो गई है। पशुओं के चारे की समस्या काफी गंभीर है। चंदेडी गांव के चंद्रपाल ने बताया कि गन्ने की फसल में दो से तीन फीट पानी भर गया है। फसल खराब होने का खतरा है। संवाद
-- -
किसानों के नुकसान का करा रहे आंकलन
नायब तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा और लेखपाल प्रवीण कुमार के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। सोलानी नदी के खादर क्षेत्र में पानी की स्थिति देखी गई। किसानों के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
हिंडन नदी चरथावल के बुड्ढाखेड़ा से जिले की सीमा में प्रवेश करती और बुढ़ाना के नगवा गांव तक 52 गांवों को प्रभावित करती है। जिले में सबसे अधिक लंबाई इसी नदी की है। दाएं किनारे पर 25 और बाएं किनारे पर 27 गांव हैं। खतरे के निशान के करीब बह रही नदी से चरथावल, बघरा, शाहपुर और बुढ़ाना क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हैं।
विज्ञापन
काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर है, जिस कारण रतनपुरी, मंसूरपुर और खतौली क्षेत्र में किसानों के सामने संकट है। चारे की फसल प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि प्रशासन इंतजाम करने में कामयाब नहीं रहा है।
विज्ञापन
सोलानी नदी में पानी बढ़ने से जानसठ तहसील क्षेत्र के 39 गांव प्रभावित हुए हैं। खादर में किसानों की सब्जी की फसलें बेकार हो गई है। मजलिसपुर तोफीर के प्रधान योगेश कुमार चौहान ने बताया कि यदि खेतों में पानी अधिक समय तक रुका तो फसलों में गलन से पशुओं के लिए चारे की समस्या आ सकती है।
पुरकाजी के ज्ञानी जसविंदर सिंह, राजेंद्र पांचली और पोपेंद्र गुर्जर ने बताया कि जंगलों में पानी भरा होने से पशुओं के लिए चारे की समस्या गंभीर हो गई है।
खलासी से पानी छोड़ने का आरोप, किसान चिंतित
रतनपुरी। किसानों की गन्ने और चारे की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। रतनपुरी के निचले इलाकों के कई घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया था। किसानों का आरोप है कि खतौली गंग नहर से काली नदी में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जल स्तर बढ़ रहा है। उन्होंने गंग नहर से पानी छोड़ना तुरंत बंद करने की मांग की है। किसानों ने कहा कि जब गंग नहर के पानी की आवश्यकता होती है तो सिंचाई विभाग पानी नहीं छोड़ता है, लेकिन अब बाढ़ की स्थिति में तीनों गेट खोल दिए गए हैं। किसान संदीप सोम, अरविंद सोम, काक्का सोम, जितेंद्र सोम, मोनू सोम, बिजेंद्र सिंह, कपिल सोम का कहना है कि गंगनहर का पानी तुरंत रोका जाना चाहिए।
जनपद में इस तरह बह नही नदियां
नदी चेतावनी बिंदू जल स्तर
गंगा 220 218.50
हिंडन 227 225.70
काली 235 235.45
सोलानी 228.67 227.80
नोट- जल स्तर मीटर में।
मुजफ्फरनगर :
नदी कुल लंबाई जनपद में लंबाई
गंगा 2525 38.50 किमी
सोलानी 560 40.00 किमी
काली 145 64.00 किमी
हिंडन 355 76.00 किमी
ये बोले किसान
बुढ़ाना। हिंडन नदी का पानी खेतों में भरा हुआ है। उकावली गांव के रमेश ने बताया कि खेतों में पानी भरने से चारे की फसल बर्बाद हो गई है। पशुओं के चारे की समस्या काफी गंभीर है। चंदेडी गांव के चंद्रपाल ने बताया कि गन्ने की फसल में दो से तीन फीट पानी भर गया है। फसल खराब होने का खतरा है। संवाद
किसानों के नुकसान का करा रहे आंकलन
नायब तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा और लेखपाल प्रवीण कुमार के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। सोलानी नदी के खादर क्षेत्र में पानी की स्थिति देखी गई। किसानों के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है।

तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद

तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद

तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद

तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद

तितावी में हिंडन नदी के पानी में डूबी फसलें : संवाद