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Pilibhit News: बनकटी में ग्रामीण और वनकर्मियों में विवाद के बाद मारपीट, दरोगा समेत चार घायल
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घायल वन दरोगा
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न्यूरिया। माला रेंज के बनकटी क्षेत्र में वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच तीन मार्च की रात विवाद के बाद मारपीट हो गई। इसमें वन दरोगा समेत दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। वन दरोगा का आरोप है कि लकड़ी कटान और शिकार करने जाने की सूचना पर टीम के साथ वह इसे रोकने पहुंचे। तभी 100 से अधिक ग्रामीणों ने हमला कर सरकारी गाड़ी को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। वन दरोगा की तहरीर पर पुलिस ने 14 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, ग्रामीणों ने झाड़ियों के काटने पर वनकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। घटना में घायल वन दरोगा समेत अन्य का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज की बनकटी चौकी पर तैनात वन विभाग के दरोगा सुमित कुमार ने थाना न्यूरिया में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि तीन मार्च की रात करीब पौने नौ बजे वह बनकटी बीट क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि ग्राम मरौरी की ओर से कुछ ग्रामीण डंडा, कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियार लेकर मरौरी क्रॉसिंग मचान की तरफ जंगल में लकड़ी काटने और वन्यजीवों के शिकार के इरादे से आ रहे हैं। सूचना मिलने पर उन्होंने वन रक्षक रामस्वरूप, रामूर्ति और कालीचरन को मौके पर बुला लिया। इसके साथ ही वन एवं वन्यजीव प्रभाग पीलीभीत के डिप्टी रेंजर शेर सिंह और धमेंद्र कुमार भी वहां पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 100 से अधिक लोगों की भीड़ को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया। हमले में वह और टाइगर ट्रैकर धमेंद्र घायल हो गए और मौके पर खड़ी विभागीय गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
ग्राम प्रधान मेवाराम पर वनकर्मियों को जान से मारने की फोन पर धमकी देने और ग्रामीणों को भड़काने का आरोप लगाया गया। सूचना मिलने पर थाना न्यूरिया पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह वनकर्मियों को भीड़ से बचाकर जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान मेवा राम, नितिन, बंटी, लालाराम, रूप राम, ज्ञानी, प्रेमराज, बालकराम, राकेश, राजकुमार, पप्पू, खूबचंद, इमरता, बाबूजी सहित करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। संवाद
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ग्रामीणों की तहरीर पर जांच शुरू
इस मामले में ग्राम मरौरी निवासी अशोक कुमार ने भी थाना न्यूरिया पुलिस को तहरीर देकर वनकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया गया। तहरीर में बताया गया कि वह अपने खेत पर जानवर भगाने गया था, जहां गांव के कुछ लोग झाड़ियां काट रहे थे। आरोप है कि तीन मार्च की शाम करीब आठ बजे वन विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे। उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उनकी भी पिटाई कर दी गई। इस मारपीट में वह और गांव के ओमप्रकाश घायल हो गए। आरोप है कि वनकर्मियों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। पीड़ित ने वन दरोगा सुमित कुमार, वन रक्षक सचिन, डिप्टी रेंजर शेर सिंह और हरमेंद्र को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी
न्यूरिया थाना प्रभारी सुभाष मावी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। आरोपों की जांच के लिए टीम को लगाया गया है। गांव में पहुंचकर टीम जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज की बनकटी चौकी पर तैनात वन विभाग के दरोगा सुमित कुमार ने थाना न्यूरिया में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि तीन मार्च की रात करीब पौने नौ बजे वह बनकटी बीट क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि ग्राम मरौरी की ओर से कुछ ग्रामीण डंडा, कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियार लेकर मरौरी क्रॉसिंग मचान की तरफ जंगल में लकड़ी काटने और वन्यजीवों के शिकार के इरादे से आ रहे हैं। सूचना मिलने पर उन्होंने वन रक्षक रामस्वरूप, रामूर्ति और कालीचरन को मौके पर बुला लिया। इसके साथ ही वन एवं वन्यजीव प्रभाग पीलीभीत के डिप्टी रेंजर शेर सिंह और धमेंद्र कुमार भी वहां पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 100 से अधिक लोगों की भीड़ को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया। हमले में वह और टाइगर ट्रैकर धमेंद्र घायल हो गए और मौके पर खड़ी विभागीय गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
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ग्राम प्रधान मेवाराम पर वनकर्मियों को जान से मारने की फोन पर धमकी देने और ग्रामीणों को भड़काने का आरोप लगाया गया। सूचना मिलने पर थाना न्यूरिया पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह वनकर्मियों को भीड़ से बचाकर जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान मेवा राम, नितिन, बंटी, लालाराम, रूप राम, ज्ञानी, प्रेमराज, बालकराम, राकेश, राजकुमार, पप्पू, खूबचंद, इमरता, बाबूजी सहित करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। संवाद
ग्रामीणों की तहरीर पर जांच शुरू
इस मामले में ग्राम मरौरी निवासी अशोक कुमार ने भी थाना न्यूरिया पुलिस को तहरीर देकर वनकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया गया। तहरीर में बताया गया कि वह अपने खेत पर जानवर भगाने गया था, जहां गांव के कुछ लोग झाड़ियां काट रहे थे। आरोप है कि तीन मार्च की शाम करीब आठ बजे वन विभाग के कर्मचारी वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे। उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो उनकी भी पिटाई कर दी गई। इस मारपीट में वह और गांव के ओमप्रकाश घायल हो गए। आरोप है कि वनकर्मियों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। पीड़ित ने वन दरोगा सुमित कुमार, वन रक्षक सचिन, डिप्टी रेंजर शेर सिंह और हरमेंद्र को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी
न्यूरिया थाना प्रभारी सुभाष मावी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। आरोपों की जांच के लिए टीम को लगाया गया है। गांव में पहुंचकर टीम जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
