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Pilibhit News: पति, पत्नी और वो... दो साल के किस्से ने उमाशंकर की सुनियोजित हत्या तक पहुंचा दिया
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कलीनगर। माधोटांडा के लोहरपुरी गांव में उमाशंकर की हत्या क्षणिक आवेश का परिणाम नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत हुई। पति-पत्नी के बीच में वो के रूप में सामने आए गुजरात के एक युवक से ममता के गहरे संबंध होने के बाद दंपती में कलह बढ़ती गई। नतीजा यह हुआ कि उमाशंकर की हत्या योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी गई।
बेटे विवेक और बेटी गीता के मुताबिक, वर्ष 2024 में ममता बच्चों के साथ गुजरात गई थी। वहां उसकी एक युवक से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। ममता ने एक सहमति पत्र भी बनवाया, जिसमें उस प्रेमी को अपना पति दर्शाया था। दोनों के बीच फोन से रोजाना बात होती थी। उमाशंकर और बेटा विवेक इसका लगातार विरोध करते रहे, लेकिन हर बार झगड़े के बाद विवाद शांत हो जाता था।
वहीं ममता के मन में कुछ और ही चल रहा था। वह पति को ठिकाने लगाने की योजना बनाती रही। दो दिन पहले गुजरात से लौटे उमाशंकर से शुक्रवार को भी झगड़ा हुआ। माना जा रहा है कि इसी के बाद ममता ने शुक्रवार को ही उसे अपने रास्ते से हटाना तय कर लिया।
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बच्चों का आरोप है कि ममता लंबे समय से परिवार के लोगों को चाय, दूध और अन्य पेय पदार्थों में नींद की गोलियां मिलाकर दे रही थी। शुक्रवार को ममता ने बेटे को भी कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। संभवत: उसे बेटे से ज्यादा डर था, इसलिए वह उसे भी गहरी नींद में सुलाने की जुगत में थी। हालांकि उमाशंकर को जब नींद की गोलियां मिला कोल्ड ड्रिंक बेटी के हाथों भेजा तो उसे पीने से मना कर दिया था। बच्चे कच्ची नींद के कारण ही ममता की करतूत के चश्मदीद बन गए। संवाद
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परिजनों का आरोप, शव को ठिकाने लगाने की थी तैयारी
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ममता गुजरात के जिस युवक के संपर्क में थी, वह करीब दो महीने पूरनपुर आकर किराये के मकान में रहने लगा था। शुक्रवार को ममता पूरनपुर गई थी, जहां से वह एक सीढ़ी और कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाई। शुक्रवार शाम और घटना से ठीक पहले कथित प्रेमी से उसकी कई बार फोन पर बातचीत हुई। परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद शव घर से बाहर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उससे पहले ही बच्चों के वहां पहुंचने से योजना पूरी नहीं हो सकी। ममता ने घटना से पहले अपने जेवर भी निकालकर अलग रख लिए थे। घर में मिले मोबाइल फोन से योजना के संबंध में कुछ अहम सुराग मिलने की बात भी परिजन कह रहे हैं। सीओ विधि भूषण मौर्य का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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पिता की मौत से दोनों बच्चे टूटे नजर आए
उमाशंकर की मौत से उसकी पुत्री गीता और पुत्र विवेक का रो रोकर हाल बेहाल है। रोते हुए परिजन ने घटना की जानकारी को बयां किया। जानकारी पर उमाशंकर के परिवार वाले लोहरपुरी पहुंचे और दोनों बच्चों को चित्तरपुर में अपने घर ले गए। कम उम्र में पिता का सिर से साया उठने और मां के सलाखों के पीछे जाने से बच्चे टूटे नजर आए। घटना के बाद दिन भर गांव में लोगों की भीड़ लगी रही। हर किसी की जुबान पर ममता के प्रति गुस्सा दिखा।
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मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। परिजनों ने महिला के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी भी दी है, जिसकी भी जांच की जा रही है। -विधिभूषण मौर्य, सीओ, पूरनपुर
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बेटे विवेक और बेटी गीता के मुताबिक, वर्ष 2024 में ममता बच्चों के साथ गुजरात गई थी। वहां उसकी एक युवक से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। ममता ने एक सहमति पत्र भी बनवाया, जिसमें उस प्रेमी को अपना पति दर्शाया था। दोनों के बीच फोन से रोजाना बात होती थी। उमाशंकर और बेटा विवेक इसका लगातार विरोध करते रहे, लेकिन हर बार झगड़े के बाद विवाद शांत हो जाता था।
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वहीं ममता के मन में कुछ और ही चल रहा था। वह पति को ठिकाने लगाने की योजना बनाती रही। दो दिन पहले गुजरात से लौटे उमाशंकर से शुक्रवार को भी झगड़ा हुआ। माना जा रहा है कि इसी के बाद ममता ने शुक्रवार को ही उसे अपने रास्ते से हटाना तय कर लिया।
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बच्चों का आरोप है कि ममता लंबे समय से परिवार के लोगों को चाय, दूध और अन्य पेय पदार्थों में नींद की गोलियां मिलाकर दे रही थी। शुक्रवार को ममता ने बेटे को भी कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया। संभवत: उसे बेटे से ज्यादा डर था, इसलिए वह उसे भी गहरी नींद में सुलाने की जुगत में थी। हालांकि उमाशंकर को जब नींद की गोलियां मिला कोल्ड ड्रिंक बेटी के हाथों भेजा तो उसे पीने से मना कर दिया था। बच्चे कच्ची नींद के कारण ही ममता की करतूत के चश्मदीद बन गए। संवाद
परिजनों का आरोप, शव को ठिकाने लगाने की थी तैयारी
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ममता गुजरात के जिस युवक के संपर्क में थी, वह करीब दो महीने पूरनपुर आकर किराये के मकान में रहने लगा था। शुक्रवार को ममता पूरनपुर गई थी, जहां से वह एक सीढ़ी और कोल्ड ड्रिंक खरीदकर लाई। शुक्रवार शाम और घटना से ठीक पहले कथित प्रेमी से उसकी कई बार फोन पर बातचीत हुई। परिवार का आरोप है कि हत्या के बाद शव घर से बाहर ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उससे पहले ही बच्चों के वहां पहुंचने से योजना पूरी नहीं हो सकी। ममता ने घटना से पहले अपने जेवर भी निकालकर अलग रख लिए थे। घर में मिले मोबाइल फोन से योजना के संबंध में कुछ अहम सुराग मिलने की बात भी परिजन कह रहे हैं। सीओ विधि भूषण मौर्य का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
पिता की मौत से दोनों बच्चे टूटे नजर आए
उमाशंकर की मौत से उसकी पुत्री गीता और पुत्र विवेक का रो रोकर हाल बेहाल है। रोते हुए परिजन ने घटना की जानकारी को बयां किया। जानकारी पर उमाशंकर के परिवार वाले लोहरपुरी पहुंचे और दोनों बच्चों को चित्तरपुर में अपने घर ले गए। कम उम्र में पिता का सिर से साया उठने और मां के सलाखों के पीछे जाने से बच्चे टूटे नजर आए। घटना के बाद दिन भर गांव में लोगों की भीड़ लगी रही। हर किसी की जुबान पर ममता के प्रति गुस्सा दिखा।
मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। परिजनों ने महिला के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी भी दी है, जिसकी भी जांच की जा रही है। -विधिभूषण मौर्य, सीओ, पूरनपुर