{"_id":"69cad5f054dffac4ed06cf94","slug":"bridge-construction-stalled-due-to-lack-of-budget-work-worth-rs-19-crore-remains-incomplete-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-156490-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: बजट के अभाव में अटका पुल का निर्माण,19 करोड़ के कार्य पड़े अधूरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: बजट के अभाव में अटका पुल का निर्माण,19 करोड़ के कार्य पड़े अधूरे
विज्ञापन
जमुनिया के पास निर्माणाधीन पुलिया का अटका काम। संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने में महज एक दिन शेष है, लेकिन जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं। विभाग जहां बजट खर्च करने के अंतिम प्रयासों में जुटे हैं। वहीं, जमीनी हकीकत यह है कि कई परियोजनाएं या तो स्वीकृति के स्तर पर अटकी रहीं या फिर बजट मिलने के बावजूद समय पर पूरी नहीं हो सकी।
खासतौर पर भगा-मोहम्मदगंज पुल का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका, जो इस वित्तीय वर्ष की प्रमुख अधूरी परियोजनाओं में शामिल है। इसके लिए 100 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है। इसके अलावा 19 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य कई निर्माण और विकास कार्य भी निर्धारित समय सीमा में पूरे नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अब इन अधूरे कार्यों को अगले वित्तीय वर्ष में ही पूरा किया जाएगा। वर्ष 2024 की जुलाई में आई बाढ़ से अमरिया क्षेत्र का भगा मोहम्मदगंज के पास देवहा नदी पर बना पुल कट गया था। विभाग करीब डेढ़ वर्ष से पुल निर्माण की स्वीकृति लेने और जल्द काम शुरू कराने का दावा कर रहा है। अब ग्रामीण बांस और बल्ली के सहारे अस्थाई पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बाइक सवार तो जोखिम के बीच गुजरने लगे, लेकिन बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। मार्ग कटने से करीब 30 गांवों के लोग प्रभावित हैं। संवाद
-- -- -- -- -- -
कुछ जगह काम शुरू, निर्माण अब तक अधूरा
मझोला-ड्यूनीडैम के आठ किमी लंबे मार्ग को करीब नाै करोड़ से पूरा किया जाना है। इस पर करीब 40 फीसद काम शेष है। निर्माण को स्वीकृति करीब छह माह पहले मिली थी। जुलाई 2024 की बाढ़ में कटी बीसलपुर और बरखेड़ा क्षेत्र की पुल-पुलियों का काम अभी अधूरा है। हालांकि कुछ सड़कें बन गई हैं।
-- -- -- --
बाढ़ से कटी माधोटांडा और कलीनगर मार्ग की पुलियों का कार्य भी अधूरा
वर्ष 2024 में आई बाढ़ के दौरान माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर करीब तीन पुलिया कट गई थी। इसके अलावा कलीनगर -पूरनपुर मार्ग पर भी पुलिया कटी थी। लोक निर्माण की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे दो माह पूर्व दोनों कार्यों के लिए पांच करोड़ से अधिक की धनराशि की मंजूरी मिली थी। माधोटांडा मार्ग की एक पुलिया का निर्माण शुरू कराया गया है। काम अभी 10 प्रतिशत भी नहीं हो सका है।
-- -- -- --
बाढ़ कार्यों पर ही शुरू नहीं हो सका अमल
देवहा नदी पर बाढ़ खंड की ओर से स्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाने थे। इसको लेकर शासन स्तर से मंजूरी मिली, लेकिन बजट अभी पास नहीं हुआ है। शहर से लेकर नावकूड़ गांव तक पिचिंग आदि के कार्य को मंजूरी मिली थी, लेकिन वित्तीय वर्ष बीतने के बावजूद अबतक कार्य शुरू नहीं कराए जा सके। अब इन कार्यों पर भी अगले वित्तीय वर्ष में ही कार्य हो सकेंगे।
-- --
माधोटांडा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य भी अधूरा
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी मिली थी। कार्य शुरू कराया गया, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके लिए करीब पांच करोड़ की स्वीकृति मिली थी। वहीं, अब कार्य अगले वित्तीय वर्ष में पूरा करने की बात कही जा रही है।
Trending Videos
खासतौर पर भगा-मोहम्मदगंज पुल का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका, जो इस वित्तीय वर्ष की प्रमुख अधूरी परियोजनाओं में शामिल है। इसके लिए 100 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है। इसके अलावा 19 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य कई निर्माण और विकास कार्य भी निर्धारित समय सीमा में पूरे नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अब इन अधूरे कार्यों को अगले वित्तीय वर्ष में ही पूरा किया जाएगा। वर्ष 2024 की जुलाई में आई बाढ़ से अमरिया क्षेत्र का भगा मोहम्मदगंज के पास देवहा नदी पर बना पुल कट गया था। विभाग करीब डेढ़ वर्ष से पुल निर्माण की स्वीकृति लेने और जल्द काम शुरू कराने का दावा कर रहा है। अब ग्रामीण बांस और बल्ली के सहारे अस्थाई पुल बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बाइक सवार तो जोखिम के बीच गुजरने लगे, लेकिन बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। मार्ग कटने से करीब 30 गांवों के लोग प्रभावित हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ जगह काम शुरू, निर्माण अब तक अधूरा
मझोला-ड्यूनीडैम के आठ किमी लंबे मार्ग को करीब नाै करोड़ से पूरा किया जाना है। इस पर करीब 40 फीसद काम शेष है। निर्माण को स्वीकृति करीब छह माह पहले मिली थी। जुलाई 2024 की बाढ़ में कटी बीसलपुर और बरखेड़ा क्षेत्र की पुल-पुलियों का काम अभी अधूरा है। हालांकि कुछ सड़कें बन गई हैं।
बाढ़ से कटी माधोटांडा और कलीनगर मार्ग की पुलियों का कार्य भी अधूरा
वर्ष 2024 में आई बाढ़ के दौरान माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर करीब तीन पुलिया कट गई थी। इसके अलावा कलीनगर -पूरनपुर मार्ग पर भी पुलिया कटी थी। लोक निर्माण की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे दो माह पूर्व दोनों कार्यों के लिए पांच करोड़ से अधिक की धनराशि की मंजूरी मिली थी। माधोटांडा मार्ग की एक पुलिया का निर्माण शुरू कराया गया है। काम अभी 10 प्रतिशत भी नहीं हो सका है।
बाढ़ कार्यों पर ही शुरू नहीं हो सका अमल
देवहा नदी पर बाढ़ खंड की ओर से स्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाने थे। इसको लेकर शासन स्तर से मंजूरी मिली, लेकिन बजट अभी पास नहीं हुआ है। शहर से लेकर नावकूड़ गांव तक पिचिंग आदि के कार्य को मंजूरी मिली थी, लेकिन वित्तीय वर्ष बीतने के बावजूद अबतक कार्य शुरू नहीं कराए जा सके। अब इन कार्यों पर भी अगले वित्तीय वर्ष में ही कार्य हो सकेंगे।
माधोटांडा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य भी अधूरा
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी मिली थी। कार्य शुरू कराया गया, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। इसके लिए करीब पांच करोड़ की स्वीकृति मिली थी। वहीं, अब कार्य अगले वित्तीय वर्ष में पूरा करने की बात कही जा रही है।

जमुनिया के पास निर्माणाधीन पुलिया का अटका काम। संवाद