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Pilibhit News: एक करोड़ के घोटाले के आरोपी इल्हाम पर लगेगा गैंगस्टर
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जांच का दायरा हुआ तेज, 35 खातों में लेनदेन की चल रही जांच, बढ़ेंगी मुश्किलें, डीएम बोले, हर पहलुओं पर कराई जा रही जांच, गैंगस्टर की भी होगी कार्रवाई
पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय के एक करोड़ पांच लाख रुपये ठिकाने लगाने के आरोपी निलंबित चपरासी इल्हाम शम्सी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरोपी पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो सकती है। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। डीएम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। इससे आरोपी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध चपरासी इल्हाम शम्सी ने वर्ष 2018 से सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाना शुरू किया था। उसने अपनी पत्नी अर्शी खातून के अलावा कई करीबी रिश्तेदार और परिचितों के खातों में धनराशि को ठिकाने लगाया। फरवरी में उसकी पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ के हुए लेनदेन के बाद पूरे घोटाले का खुलासा हो सका। मामले में संज्ञान लेकर डीएम ने जांच कराई। करीब 35 ऐसे खाते सामने आए, जिनमें डीआईओएस कार्यालय की करीब 30 करोड़ की धनराशि का लेनदेन पाया गया। सभी खातों को फ्रीज कर जांच को आगे बढ़ाया गया। आरोपी इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इधर, पुलिस विवेचना को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य जुटाने में जुटी है। खाताधारकों को सूचीबद्ध करने के साथ ही धनराशि के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी इल्हाम पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह भी पूरे मामले में गंभीरता बरत रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में एसपी सुकीर्ति माधव से बातचीत कर ठोस कार्रवाई को कहा है। इसके बाद आरोपी इल्हाम पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि प्रकरण गंभीर है। हर पहलु पर जांच कराई जा रही है। आरोपी पर गैंगस्टर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। संवाद
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डीआईओएस और कोषागार के जिम्मेदारों पर कार्रवाई शेष
घोटाले में न मुख्य आरोपी इल्हाम और कार्यालय का बाबू विमल कुमार पर कुछ दिनों पहले निलंबन की कार्रवाई हो सकी है। इसके अलावा वर्ष 2018 से अब तक तैनात रहे डीआईओएस, वित्त एवं लेखाधिकारी और कोषागार के जिम्मेदारों ने भी धनराशि को बिना सोचे समझे अंजान खातों में भेजा, लेकिन डेढ़ माह बाद भी इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
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पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय के एक करोड़ पांच लाख रुपये ठिकाने लगाने के आरोपी निलंबित चपरासी इल्हाम शम्सी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरोपी पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो सकती है। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। डीएम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। इससे आरोपी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।
डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध चपरासी इल्हाम शम्सी ने वर्ष 2018 से सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाना शुरू किया था। उसने अपनी पत्नी अर्शी खातून के अलावा कई करीबी रिश्तेदार और परिचितों के खातों में धनराशि को ठिकाने लगाया। फरवरी में उसकी पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ के हुए लेनदेन के बाद पूरे घोटाले का खुलासा हो सका। मामले में संज्ञान लेकर डीएम ने जांच कराई। करीब 35 ऐसे खाते सामने आए, जिनमें डीआईओएस कार्यालय की करीब 30 करोड़ की धनराशि का लेनदेन पाया गया। सभी खातों को फ्रीज कर जांच को आगे बढ़ाया गया। आरोपी इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इधर, पुलिस विवेचना को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य जुटाने में जुटी है। खाताधारकों को सूचीबद्ध करने के साथ ही धनराशि के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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आरोपी इल्हाम पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह भी पूरे मामले में गंभीरता बरत रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में एसपी सुकीर्ति माधव से बातचीत कर ठोस कार्रवाई को कहा है। इसके बाद आरोपी इल्हाम पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि प्रकरण गंभीर है। हर पहलु पर जांच कराई जा रही है। आरोपी पर गैंगस्टर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। संवाद
डीआईओएस और कोषागार के जिम्मेदारों पर कार्रवाई शेष
घोटाले में न मुख्य आरोपी इल्हाम और कार्यालय का बाबू विमल कुमार पर कुछ दिनों पहले निलंबन की कार्रवाई हो सकी है। इसके अलावा वर्ष 2018 से अब तक तैनात रहे डीआईओएस, वित्त एवं लेखाधिकारी और कोषागार के जिम्मेदारों ने भी धनराशि को बिना सोचे समझे अंजान खातों में भेजा, लेकिन डेढ़ माह बाद भी इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।