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Pilibhit News: जल्द शुरू होगा वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर, चार अगस्त को होगी तैयारियों की समीक्षा
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गोपालपुर जंगल में 14.33 करोड़ रुपये से बन रहा अत्याधुनिक केंद्र, निर्माण अंतिम चरण में
पीलीभीत। पीटीआर में बन रहे बहुप्रतीक्षित वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र को जल्द संचालित करने की तैयारी तेज हो गई है। शासन स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में चार अगस्त को लखनऊ में प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोमी केंद्र के निर्माण कार्य और संचालन संबंधी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगी। बैठक में पीलीभीत के वरिष्ठ वन अधिकारी भी शामिल होंगे।
पूरनपुर रेंज के गोपालपुर जंगल में 14.33 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिनिशिंग का काम पूरा होने के बाद यहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में घायल, बीमार या आक्रामक व्यवहार वाले बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के उपचार के लिए उन्हें गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के चिड़ियाघरों में भेजना पड़ता है। इससे उपचार में समय लगने के साथ वन्यजीवों को लंबी दूरी तक ले जाने की चुनौती भी बनी रहती है।
इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने करीब चार वर्ष पहले पीलीभीत में रेस्क्यू सेंटर की स्वीकृति दी थी। रेस्क्यू सेंटर शुरू होने के बाद घायल और बीमार वन्यजीवों का उपचार जिले में ही संभव हो सकेगा। पीटीआर प्रशासन ने बीते माह केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ का प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। अब शासन स्तर पर निर्माण और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद केंद्र को जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। संचालन के लिए स्टाफ की मांग शासन को भेजी जा चुकी है। निर्माण पूरा होते ही केंद्र को संचालित कर दिया जाएगा। संवाद
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पीलीभीत। पीटीआर में बन रहे बहुप्रतीक्षित वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र को जल्द संचालित करने की तैयारी तेज हो गई है। शासन स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में चार अगस्त को लखनऊ में प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोमी केंद्र के निर्माण कार्य और संचालन संबंधी तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करेंगी। बैठक में पीलीभीत के वरिष्ठ वन अधिकारी भी शामिल होंगे।
पूरनपुर रेंज के गोपालपुर जंगल में 14.33 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिनिशिंग का काम पूरा होने के बाद यहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में घायल, बीमार या आक्रामक व्यवहार वाले बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के उपचार के लिए उन्हें गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के चिड़ियाघरों में भेजना पड़ता है। इससे उपचार में समय लगने के साथ वन्यजीवों को लंबी दूरी तक ले जाने की चुनौती भी बनी रहती है।
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इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने करीब चार वर्ष पहले पीलीभीत में रेस्क्यू सेंटर की स्वीकृति दी थी। रेस्क्यू सेंटर शुरू होने के बाद घायल और बीमार वन्यजीवों का उपचार जिले में ही संभव हो सकेगा। पीटीआर प्रशासन ने बीते माह केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ का प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। अब शासन स्तर पर निर्माण और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद केंद्र को जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि वन्यजीव रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। संचालन के लिए स्टाफ की मांग शासन को भेजी जा चुकी है। निर्माण पूरा होते ही केंद्र को संचालित कर दिया जाएगा। संवाद