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Pilibhit News: पशुओं का प्राथमिक उपचार कर सकेंगी महिलाएं, बनेंगी पशु सखी
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पीलीभीत। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाए जाने के लिए लगातार विभागीय स्तर से कवायद की जा रही है। इन्हें विभागीय स्तर से प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब ऐसी महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं, जिन्होंने बॉयोलॉजी से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की हैं। उन लोगों को पशुओं के प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये पशु सखी बन जाएंगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त बनाए जाने के का काम किया जा रहा है। स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाएं कैंटीन, ब्यूटी पॉर्लर, जरी जरदोजी, आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाने सहित आदि का काम कर रही हैं। इससे यह महिलाएं न सिर्फ सशक्त बन रही हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। ऐसे में अब इन महिलाओं को पशु को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया के बाद इन महिलाओं को विभागीय स्तर से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद पंचायतवार सूची तैयार की जाएगी। इसको लेकर जिले के सातों ब्लॉकों के बीडीओ को पत्र जारी किया गया है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की उपायुक्त वंदना ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पशुओं की प्राथमिक उपचार को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसको लेकर आवेदन मांगे गए हैं। संवाद
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त बनाए जाने के का काम किया जा रहा है। स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाएं कैंटीन, ब्यूटी पॉर्लर, जरी जरदोजी, आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाने सहित आदि का काम कर रही हैं। इससे यह महिलाएं न सिर्फ सशक्त बन रही हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। ऐसे में अब इन महिलाओं को पशु को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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आवेदन प्रक्रिया के बाद इन महिलाओं को विभागीय स्तर से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद पंचायतवार सूची तैयार की जाएगी। इसको लेकर जिले के सातों ब्लॉकों के बीडीओ को पत्र जारी किया गया है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की उपायुक्त वंदना ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पशुओं की प्राथमिक उपचार को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसको लेकर आवेदन मांगे गए हैं। संवाद
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