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Pratapgarh News: प्रीपेड मीटर का झाम... भुगतान के बाद भी बिजली गुल
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विद्युत निगम ने 13 मार्च से जिले के करीब एक लाख स्मार्ट मीटर को प्रीपेड कर दिया है। विद्युत निगम मुख्यालय लखनऊ से बकाया होने पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली गुल कर दी जा रही है। ऑनलाइन भुगतान के बाद भी तत्काल उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। जिस कारण उपभोक्ता विद्युत उपकेंद्र के चक्कर काट रहे हैं। जेई भी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि केवल माइनस बैलेंस भरने से बिजली चालू नहीं होगी। जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आता तब तक उपभोक्ता के घर की बिजली बहाल नहीं की जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के पोस्टपेड मीटर स्मार्ट मीटर में बदल दिए गए हैं, उनका पुराना बकाया भी पड़ा है। अब रिचार्ज करने पर उस बकाये की वसूली एक तय प्रतिशत के आधार पर की जा रही है। इसे उपभोक्ताओं को हर हाल में जमा करना है। इसलिए उपभोक्ता स्मार्ट मीटर रिचार्ज करते समय अपना पुराना बकाया जरूर जांच लें। बताया कि जिले में करीब 30 हजार उपभोक्ताओं के 108 करोड़ रुपये माइनस में हैं।
अंधेरे में रहे उपभोक्ता, पेमेंट के बाद भी आपूर्ति ठप
शहर के अंबेडकर चौराहा स्थित दुकानदार प्रणव ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बकाया करीब छह हजार रुपये था। आठ हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया लेकिन एक दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई। अष्टभुजा नगर निवासी अमृतलाल ने बताया कि अचानक उनके दुकान की बिजली गुल हो गई। छह हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बाद भी मीटर माइनस था। दो हजार रुपये और जमा करने पर करीब दो घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई।
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अधीक्षण अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि केवल माइनस बैलेंस भरने से बिजली चालू नहीं होगी। जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आता तब तक उपभोक्ता के घर की बिजली बहाल नहीं की जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के पोस्टपेड मीटर स्मार्ट मीटर में बदल दिए गए हैं, उनका पुराना बकाया भी पड़ा है। अब रिचार्ज करने पर उस बकाये की वसूली एक तय प्रतिशत के आधार पर की जा रही है। इसे उपभोक्ताओं को हर हाल में जमा करना है। इसलिए उपभोक्ता स्मार्ट मीटर रिचार्ज करते समय अपना पुराना बकाया जरूर जांच लें। बताया कि जिले में करीब 30 हजार उपभोक्ताओं के 108 करोड़ रुपये माइनस में हैं।
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अंधेरे में रहे उपभोक्ता, पेमेंट के बाद भी आपूर्ति ठप
शहर के अंबेडकर चौराहा स्थित दुकानदार प्रणव ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बकाया करीब छह हजार रुपये था। आठ हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया लेकिन एक दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई। अष्टभुजा नगर निवासी अमृतलाल ने बताया कि अचानक उनके दुकान की बिजली गुल हो गई। छह हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बाद भी मीटर माइनस था। दो हजार रुपये और जमा करने पर करीब दो घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई।