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Raebareli News: मूर्तियों की चोरी के बाद मंदिरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:07 AM IST
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शिवगढ़ क्षेत्र के देहली गांव में मंदिर से चोरी हुई राधा-कृष्ण की मूर्ति।
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रायबरेली। जिले के मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इन वारदातों ने न केवल आम लोगों में आक्रोश और भय का माहौल पैदा किया है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर भी सीधा प्रहार किया है। पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के दावों के बावजूद चोरों के हौसले बुलंद हैं। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार रात देहली गांव स्थित मंदिर से राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी हो गईं।
पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के दावों के बावजूद चोरियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कुछ समय में कई मंदिरों से अष्टधातु की मूर्तियों के अलावा घंटे चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पुलिस की गश्त और निगरानी में कमी के कारण चोर आसानी से वारदात कर रहे हैं। कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरों का पकड़ा जाना मुश्किल हो रहा है।
डलमऊ इलाके के रामपुर बरारा गांव स्थित रामजानकी मंदिर से बीते 13 दिसंबर की रात चोरों ने राम, लक्ष्मण और सीता की करीब 12 करोड़ कीमत की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी की थी। अष्टधातु चोरी के मामले में डीह थाना क्षेत्र के कल्लू मिश्र का पुरवा मजरे पोठई गांव निवासी आयुष त्रिवेदी, रायबरेली शहर के फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी शिवांक उर्फ शिवा, गदागंज थाना क्षेत्र के बीबा नहर निवासी तथाकथित अमन यादव, भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे माधव बक्श मजरे चकबल्लीहार निवासी अभिषेक यादव को जेल भेजा था।
यह सभी गुजरात प्रांत में मूर्तियां बेचने की फिराक में थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि गुजरात में आसानी से मूर्तियों की बिक्री अच्छे दामों में हो जाती है। पिछले छह वर्षों में विशेष रूप से 2020 से 2025 के बीच जिले के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों से कई बहुमूल्य और ऐतिहासिक मूर्तियों की चोरी हुई हैं। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई हैं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
मंदिरों में हो रही लगातार चोरियों से लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन को इन घटनाओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और चोरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
उधर, अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए कोई अलग से फोर्स की तैनाती नहीं होती है। सभी सीओ व थाना प्रभारियों को मंदिरों की सुरक्षा को लेकर दिशानिर्देश दिए गए हैं। जो भी घटनाएं होती हैं, उनका खुलासा किया जाता है।
2020 से 2025 तक मंदिरों में हुई चोरियां
वर्ष वारदात स्थान
2020- 20- शहर, बछरावां, सलोन, ऊंचाहार
2021-25- डलमऊ, बछरावां, ऊंचाहार
2022-30- बछरावां, सलोन, डीह, परशदेपुर
2023-35-सलोन, ऊंचाहार, सरेनी, लालगंज
2024- 40-लालगंज, सरेनी, डलमऊ, ऊंचाहार, शिवगढ़
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डलमऊ इलाके के रामपुर बरारा गांव स्थित रामजानकी मंदिर से बीते 13 दिसंबर की रात चोरों ने राम, लक्ष्मण और सीता की करीब 12 करोड़ कीमत की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी की थी। अष्टधातु चोरी के मामले में डीह थाना क्षेत्र के कल्लू मिश्र का पुरवा मजरे पोठई गांव निवासी आयुष त्रिवेदी, रायबरेली शहर के फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी शिवांक उर्फ शिवा, गदागंज थाना क्षेत्र के बीबा नहर निवासी तथाकथित अमन यादव, भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे माधव बक्श मजरे चकबल्लीहार निवासी अभिषेक यादव को जेल भेजा था।
यह सभी गुजरात प्रांत में मूर्तियां बेचने की फिराक में थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि गुजरात में आसानी से मूर्तियों की बिक्री अच्छे दामों में हो जाती है। पिछले छह वर्षों में विशेष रूप से 2020 से 2025 के बीच जिले के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों से कई बहुमूल्य और ऐतिहासिक मूर्तियों की चोरी हुई हैं। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई हैं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
मंदिरों में हो रही लगातार चोरियों से लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन को इन घटनाओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और चोरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
उधर, अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए कोई अलग से फोर्स की तैनाती नहीं होती है। सभी सीओ व थाना प्रभारियों को मंदिरों की सुरक्षा को लेकर दिशानिर्देश दिए गए हैं। जो भी घटनाएं होती हैं, उनका खुलासा किया जाता है।
2020 से 2025 तक मंदिरों में हुई चोरियां
वर्ष वारदात स्थान
2020- 20- शहर, बछरावां, सलोन, ऊंचाहार
2021-25- डलमऊ, बछरावां, ऊंचाहार
2022-30- बछरावां, सलोन, डीह, परशदेपुर
2023-35-सलोन, ऊंचाहार, सरेनी, लालगंज
2024- 40-लालगंज, सरेनी, डलमऊ, ऊंचाहार, शिवगढ़
