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Raebareli News: ईद की खुशियों से पहले घर में पसरा मातम
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:10 AM IST
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सलोन कोतवाली क्षेत्र में हादसे के बाद सड़क पर जाम लगाए परिजन व ग्रामीणों को समझाती पुलिस।
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सलोन। टोल प्लाजा के समीप हुई एक सड़क दुर्घटना ने दो परिवारों को तबाह कर दिया है। इस हादसे में मोहम्मद आलम और महफूज खान की मौत हो गई। इस घटना ने दोनों परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। दोनों घरों की रमजान और ईद की खुशियां मातम में बदल गई हैं।
दोनों की मौत की खबर जब घर पहुंची तो घरों में चीख-पुकार मच गई। मोहम्मद आलम की मां बेटे के शव के पास बदहवास होकर बैठी रही। एक मां को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। मृतक महफूज की मां मेहरुन निशा भी बेटे की मौत से सुधबुध खो चुकी हैं। बहन नसरीन, परवीन और शबनम को रोते देख हर किसी की आंख नम हो गई। महफूज के बड़े भाई फिरोज खान भाई की मौत से सदमे में हैं।
मोहम्मद तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और कंप्यूटर कोचिंग पढ़कर वह आगे खुद का काम करने की सोच रहा था। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद मोहम्मद आलम ने अपने परिवार की माली हालत को सही करने के लिए खुद पैरों पर खड़ा होने की ठान ली थी। कंप्यूटर कोर्स करने के बाद वह कंप्यूटर हार्डवेयर मरम्मत की दुकान खोलने को सोच रहा था। बड़े भाई की मौत से दो छोटे भाइयों अरमान व अबरार भी रोते रहे। परिवार के अन्य सदस्यों ने उनको ढाढ़स बंधाया।
इनसेट
जाम में फंसी रहीं बसें, लोग रहे परेशान
मोहम्मद आलम और महफूज खान की मौत के बाद परिवार के लोगों के साथ ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस कारण सलोन-जौनपुर हाईवे पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। रायबरेली, प्रतापगढ़, जौनपुर और लखनऊ डिपो की कई बसें जाम में फंस गईं। स्कूली छात्रों को ले जा रही बसें भी इस जाम में फंसी रहीं।
वहीं बस में सवार यात्री लंबे समय तक फंसे रहने से काफी परेशान हो गए। तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कुछ यात्री अपनी बसों को छोड़कर पेड़ों की छांव में बैठ गए। इस दौरान यात्रियों को पीने के पानी और भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। करीब चार घंटे के जाम से यात्रियों को भारी असुविधा हुई।
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दोनों की मौत की खबर जब घर पहुंची तो घरों में चीख-पुकार मच गई। मोहम्मद आलम की मां बेटे के शव के पास बदहवास होकर बैठी रही। एक मां को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। मृतक महफूज की मां मेहरुन निशा भी बेटे की मौत से सुधबुध खो चुकी हैं। बहन नसरीन, परवीन और शबनम को रोते देख हर किसी की आंख नम हो गई। महफूज के बड़े भाई फिरोज खान भाई की मौत से सदमे में हैं।
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मोहम्मद तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और कंप्यूटर कोचिंग पढ़कर वह आगे खुद का काम करने की सोच रहा था। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद मोहम्मद आलम ने अपने परिवार की माली हालत को सही करने के लिए खुद पैरों पर खड़ा होने की ठान ली थी। कंप्यूटर कोर्स करने के बाद वह कंप्यूटर हार्डवेयर मरम्मत की दुकान खोलने को सोच रहा था। बड़े भाई की मौत से दो छोटे भाइयों अरमान व अबरार भी रोते रहे। परिवार के अन्य सदस्यों ने उनको ढाढ़स बंधाया।
इनसेट
जाम में फंसी रहीं बसें, लोग रहे परेशान
मोहम्मद आलम और महफूज खान की मौत के बाद परिवार के लोगों के साथ ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस कारण सलोन-जौनपुर हाईवे पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। रायबरेली, प्रतापगढ़, जौनपुर और लखनऊ डिपो की कई बसें जाम में फंस गईं। स्कूली छात्रों को ले जा रही बसें भी इस जाम में फंसी रहीं।
वहीं बस में सवार यात्री लंबे समय तक फंसे रहने से काफी परेशान हो गए। तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कुछ यात्री अपनी बसों को छोड़कर पेड़ों की छांव में बैठ गए। इस दौरान यात्रियों को पीने के पानी और भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। करीब चार घंटे के जाम से यात्रियों को भारी असुविधा हुई।