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Raebareli News: सराफा कारोबारी निराश, महिलाओं में खुशी
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शहर के बेलीगंज स्थित एक दुकान में रविवार को लैपटॉप पर बजट देखते युवा।
- फोटो : शहर के बेलीगंज स्थित एक दुकान में रविवार को लैपटॉप पर बजट देखते युवा।
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रायबरेली। केंद्र सरकार 2026 के बजट पर सुबह से ही जिले में चर्चा रही। पंचायत चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक लिहाज से भी बजट के संबंध में लोगों की अपनी राय रही। सराफा कारोबारियों को उम्मीद थी कि इंपोर्ट डयूटी कम होगी तो सोना चांदी सस्ता हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। रविवार सुबह से ही लोग टीवी सेट पर बजट को देखने में लगे रहे। खासकर राजनीति से सरोकार रखने वाले बजट पर खास निगाह लगाए रहे। महिलाओं का कहना है कि जिस तरह सी मार्ट योजना की शुरुआत की जाएगी, उससे अपना कारोबार करने में सहूलियत होगी। पर्यटन का भी विकास होगा। किसानों को भी उम्मीद थी कि खाद की सब्सिडी और बढ़ सकती है।
विकसित भारत की अवधारणा पर है इस वर्ष का बजट लोक लुभावन वादों से दूर भारत को एक नई रफ्तार देने का प्रयास है। बजट से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तो किसानों को और सुविधाएं मिलेंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ विकसित भारत बनाने की राह पर बजट है। सी मार्ट योजना से महिलाओं को अपना खुद का व्यापार करने में और सहूलियत होगी। -दीपिका खन्ना, व्यवसायी, प्रभु टाउन
टैक्स को कम नहीं किया गया है। जिस कारण महिलाओं को बहुत अधिक फायदा नहीं मिलेगा। जो महिलाएं पति के साथ बिजनेस कर रही है और संयुक्त रूप से किसी कंपनी को चला रही हैं तो उसमें महिलाओं के लिए टैक्स में अलग से रियायत दी जानी चाहिए। फिलहाल बजट मिलाजुला है। -प्रियंका अग्रवाल, गृहिणी
केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद थी कि इंपोर्ट डयूटी घटाई जाएगी। इसे लेकर सराफा व्यापारियों और संगठन ने सरकार से मांग की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब इंपोर्ट डयूटी घटी नहीं है तो ज्वेलरी सस्ती नहीं होगी। ऐसे में सराफा बाजार के लिए बजट मिला जुला है। जैसे सोच रहे थे। वैसा नहीं मिला है। -शुभम वर्मा, सराफा व्यापारी
बजट से उम्मीद थी कि सोने व चांदी की एक्सपोर्ट डयूटी 6 प्रतिशत से कम हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है। जो जैसा था वैसा ही है। एक्सपोर्ट डयूटी कम हो जाती तो ग्राहक को रियायत मिलती और बाजार में खरीदारी तेज होती। हालांकि अभी बाजार स्थिर है, यदि ऐसा ही रहा तो कारोबार में बढ़त होने की उम्मीद है। -हर्षवर्धन, सराफा व्यापारी
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विकसित भारत की अवधारणा पर है इस वर्ष का बजट लोक लुभावन वादों से दूर भारत को एक नई रफ्तार देने का प्रयास है। बजट से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तो किसानों को और सुविधाएं मिलेंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ विकसित भारत बनाने की राह पर बजट है। सी मार्ट योजना से महिलाओं को अपना खुद का व्यापार करने में और सहूलियत होगी। -दीपिका खन्ना, व्यवसायी, प्रभु टाउन
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टैक्स को कम नहीं किया गया है। जिस कारण महिलाओं को बहुत अधिक फायदा नहीं मिलेगा। जो महिलाएं पति के साथ बिजनेस कर रही है और संयुक्त रूप से किसी कंपनी को चला रही हैं तो उसमें महिलाओं के लिए टैक्स में अलग से रियायत दी जानी चाहिए। फिलहाल बजट मिलाजुला है। -प्रियंका अग्रवाल, गृहिणी
केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद थी कि इंपोर्ट डयूटी घटाई जाएगी। इसे लेकर सराफा व्यापारियों और संगठन ने सरकार से मांग की थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब इंपोर्ट डयूटी घटी नहीं है तो ज्वेलरी सस्ती नहीं होगी। ऐसे में सराफा बाजार के लिए बजट मिला जुला है। जैसे सोच रहे थे। वैसा नहीं मिला है। -शुभम वर्मा, सराफा व्यापारी
बजट से उम्मीद थी कि सोने व चांदी की एक्सपोर्ट डयूटी 6 प्रतिशत से कम हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है। जो जैसा था वैसा ही है। एक्सपोर्ट डयूटी कम हो जाती तो ग्राहक को रियायत मिलती और बाजार में खरीदारी तेज होती। हालांकि अभी बाजार स्थिर है, यदि ऐसा ही रहा तो कारोबार में बढ़त होने की उम्मीद है। -हर्षवर्धन, सराफा व्यापारी
