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Raebareli News: जिले से होकर गुजरेगा हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, 350 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
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प्रकाश नगर में टीवी पर बजट देखते लोग।
- फोटो : प्रकाश नगर में टीवी पर बजट देखते लोग।
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रायबरेली। केंद्रीय बजट में रविवार को वित्त मंत्री ने देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की बात कही है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर रायबरेली जिले से होकर गुजरने की पूरी उम्मीद है। वजह यह कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए पांच साल पहले जिले में सर्वे कराया जा चुका है। जिले के चार तहसील क्षेत्रों से गुजरने वाले इस कॉरिडोर की चर्चा काफी समय से हो रही थी, लेकिन बजट में घोषणा से उम्मीद बंध गई है कि यह कॉरिडोर इसी जिले से गुजरेगा। कॉरिडोर बनने के बाद 350 किमी. प्रति घंटा से भी ज्यादा रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इससे दिल्ली से वाराणसी के बीच चार घंटे में सफर किया जा सकेगा।
देशभर में बनने वाले सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी का अनुमानित रूट मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही बताया जा रहा है। इसे कई चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें 10 से 15 साल लग सकते हैं। लगभग 865 किमी. लंबे इस प्रोजेक्ट के रायबरेली से गुजरने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। पांच साल पहले इस जिले में सर्वे कराया गया था।
जिले में महराजगंज, सदर, ऊंचाहार एवं सलोन तहसील क्षेत्रों के गांवों में नापजोख हुई थी, तभी से कहा जा रहा था कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए यह प्रक्रिया चल रही है। इधर से बुलेट ट्रेन दौड़ेंगी। बजट में घोषणा होने से उम्मीद पूरी होती नजर आ रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के रूट का ऐलान नहीं हुआ है। विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ऊंचाहार-अमेठी समेत दो रेल लाइनें अधर में लटकीं
जिले से होकर गुजरने वाली दो नई रेल लाइनों पर इस बार भी कोई बात नहीं हुई। वर्ष 2013 में ऊंचाहार-अमेठी के साथ ही रायबरेली को अकबरगंज से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन की परियोजना तैयार हुई थी। शिलान्यास भी कराया जा चुका था, लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना लटक गई। कई बार इन रेल लाइनों का मुद्दा उठाया गया, लेकिन नई रेल लाइन परियोजनाओं पर कोई अमल होता नहीं दिख रहा है। हर बार बजट से पहले उम्मीद जताई जाती है। सदन में मुद्दा भी गूंजता है। इसके बावजूद बजट पेश होने पर निराशा हाथ लगती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही रहा। ये रेल लाइनें अमेठी और रायबरेली के कई गांवों से होकर गुजरती। इससे प्रतापगढ़ एवं अयोध्या समेत कई जिलों से सीधा संपर्क हो जाता।
अमृत भारत में चयनित स्टेशनों में हो रहा सुधार
केंद्रीय बजट में अमृत भारत स्टेशन योजना का खास जिक्र किया गया। देशभर में अमृत भारत योजना के तहत चयनित स्टेशनों पर चल रहे काम का जिक्र करते हुए कहा गया कि स्टेशनों को आधुनिक रूप देने की योजना पर काम चल रहा है। स्टेशनों पर बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। अमृत भारत योजना में जिले के चार रेलवे स्टेशन चयनित हैं, जिनमें रायबरेली स्टेशन को पहले चरण में चयनित किया गया था। रायबरेली जंक्शन पर काम चल रहा है। इसके बाद बछरावां, ऊंचाहार और लालगंज को भी चयनित किया गया। बछरावां में इसी साल काम पूरा होने की उम्मीद है। लालगंज व ऊंचाहार में भी नया रूप दिया जाना है। चारों स्टेशनों को हाईटेक करने के साथ ही ढेरों सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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जिले में महराजगंज, सदर, ऊंचाहार एवं सलोन तहसील क्षेत्रों के गांवों में नापजोख हुई थी, तभी से कहा जा रहा था कि हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए यह प्रक्रिया चल रही है। इधर से बुलेट ट्रेन दौड़ेंगी। बजट में घोषणा होने से उम्मीद पूरी होती नजर आ रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के रूट का ऐलान नहीं हुआ है। विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ऊंचाहार-अमेठी समेत दो रेल लाइनें अधर में लटकीं
जिले से होकर गुजरने वाली दो नई रेल लाइनों पर इस बार भी कोई बात नहीं हुई। वर्ष 2013 में ऊंचाहार-अमेठी के साथ ही रायबरेली को अकबरगंज से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन की परियोजना तैयार हुई थी। शिलान्यास भी कराया जा चुका था, लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना लटक गई। कई बार इन रेल लाइनों का मुद्दा उठाया गया, लेकिन नई रेल लाइन परियोजनाओं पर कोई अमल होता नहीं दिख रहा है। हर बार बजट से पहले उम्मीद जताई जाती है। सदन में मुद्दा भी गूंजता है। इसके बावजूद बजट पेश होने पर निराशा हाथ लगती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही रहा। ये रेल लाइनें अमेठी और रायबरेली के कई गांवों से होकर गुजरती। इससे प्रतापगढ़ एवं अयोध्या समेत कई जिलों से सीधा संपर्क हो जाता।
अमृत भारत में चयनित स्टेशनों में हो रहा सुधार
केंद्रीय बजट में अमृत भारत स्टेशन योजना का खास जिक्र किया गया। देशभर में अमृत भारत योजना के तहत चयनित स्टेशनों पर चल रहे काम का जिक्र करते हुए कहा गया कि स्टेशनों को आधुनिक रूप देने की योजना पर काम चल रहा है। स्टेशनों पर बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। अमृत भारत योजना में जिले के चार रेलवे स्टेशन चयनित हैं, जिनमें रायबरेली स्टेशन को पहले चरण में चयनित किया गया था। रायबरेली जंक्शन पर काम चल रहा है। इसके बाद बछरावां, ऊंचाहार और लालगंज को भी चयनित किया गया। बछरावां में इसी साल काम पूरा होने की उम्मीद है। लालगंज व ऊंचाहार में भी नया रूप दिया जाना है। चारों स्टेशनों को हाईटेक करने के साथ ही ढेरों सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
