सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Confusion over the future of the building constructed on the acquired land

Raebareli News: अधिग्रहीत भूमि पर बने भवन के भविष्य पर असमंजस

संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 19 Mar 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
Confusion over the future of the building constructed on the acquired land
लखनऊ-प्रयागराज हाईवे ​स्थित अ​ख्तियारपुर ​के पास निर्माणाधीन इमारत। 
विज्ञापन
रायबरेली। हाईकोर्ट की इलाहाबाद खंड पीठ ने आरडीए (रायबरेली विकास प्राधिकरण) के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एकता विहार (अख्तियारपुर) में अधिग्रहीत भूमि को मूल मालिक को वापस करने का आदेश दिया है, लेकिन कोर्ट ने संबंधित भूमि पर आवंटन के बाद बनवाए गए भवन को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया है।
Trending Videos

कोर्ट का आदेश आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आवंटी भी निर्माण कराने में आए खर्च को लेकर असमंजस में है। आरडीए ने 30 मई 2009 को लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शहर के अख्तियारपुर में माता बख्श की भूमि का अधिग्रहण किया था। सात जुलाई 2023 को संबंधित भूमि के साथ अन्य प्लॉटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। दो नवंबर 2023 को हाईकोर्ट ने माता बख्श को जमीन के लिए सरकार के पास जाने का आदेश दिया था, लेकिन 20 फरवरी 2024 को सरकार ने जमीन वापस करने से इन्कार कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर आरडीए ने आवंटन प्रक्रिया पूरी करते हुए आवंटी आदिल खान के पक्ष में दो मार्च 2024 को बैनामा कर 22 मार्च 2024 को आवंटी को कब्जा भी दे दिया था। आवंटी आदिल खान ने 28 मार्च 2024 को आरडीए से मैप पास कराकर भूमि पर दो मंजिला भवन का निर्माण भी करा लिया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 10 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट ने भूमि पर स्थगन आदेश पारित कर दिया।
अब कोर्ट ने संबंधित भूमि को मूल मालिक को वापस करने का फैसला आया है। कोर्ट ने भूमि का पैसा ब्याज के साथ आवंटी को पास करने का आदेश तो दिया है, लेकिन मैप पास कराकर कराए गए निर्माण के संबंध में स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया है। ऐसे में आवंटी और प्राधिकरण सामने बड़ी चुनौती आ गई है। सवाल उठ रहा है कि इस भवन का क्या होगा। निर्माण में खर्च किया गया बजट आवंटी को मिलेगा या नहीं। भवन को गिराकर मूल मालिक को भूमि वापस लौटाई जाएगी। फैसले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
उधर, आरडीए के सचिव विशाल यादव का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले को लेकर समीक्षा की जा रही है। जल्द ही मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट ने तीन माह का समय दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed