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डिजिटल अरेस्ट : 24 घंटे निगरानी... खौफ में बीते छह दिन
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:43 AM IST
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रायबरेली। रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी के लिए डिजिटल अरेस्ट के छह दिन दहशत और खौफ भरे थे। साइबर अपराधियों के इशारे पर दंपती कार्य करते रहे। जांच में पता चला है कि दंपती इतना डरे थे कि साइबर अपराधियों के इजाजत के बिना शौचालय तक नहीं जाते थे। ठीक से सो नहीं पा रहे थे। पुलिस को सूचना देने के बजाय परिवार की सलामती के लिए दंपती मामले को दबाए रहे। छठवें दिन हिम्मत दिखाकर पुलिस के पास पहुंचे तो इस मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस के मुताबिक रिटायर सूबेदार को 11 अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट किया गया था। साइबर अपराधी व्हाट्सएप कॉल के जरिये रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी पर नजर रखे थे। 13 अप्रैल तक तो दंपती को घर के अंदर ही रहने की बात कही। डरा धमकाकर साइबर अपराधी अपने बताए हुए खातों में रुपये मंगाते रहे। यहां तक दंपती शौचालय जाने की बात कहते थे तो उन्हें मना कर देते।
बहुत गुजारिश पर साइबर अपराधी कहते थे कि शौचालय जाओ, लेकिन कैमरा ऑन रखना। किसी तरह की चालाकी मत करना। हमारी टीम तुम लोगों की निगरानी कर रही है। साइबर अपराधी रात में 12 बजे सोने व सुबह सात बजे उठने की बात कहते थे। पुलिस के मुताबिक 14 अप्रैल को साइबर अपराधियों ने रिटायर सूबेदार से खाते में रुपये भेजने की बात कही। इस पर रिटायर सूबेदार ने कहा कि बैंक जाना पड़ेगा। इसके बाद वह रायबरेली शहर के सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक पहुंचकर अपने खाते से साइबर अपराधियों के खाते में रुपये भेज देते हैं।
इस दौरान भी साइबर अपराधी धमकी देते रहे कि किसी तरह की चालाकी मत करना, वरना तुम्हारे साथ परिवार के अन्य सदस्यों को जेल जाना पड़ेगा। बहुत काला धन अर्जित किया है। तुम्हारे आतंकवादियों से संबंध हैं। इसके बाद रिटायर सूबेदार घर आए। 15 अप्रैल को रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी घर के अंदर ही रहे। 16 अप्रैल को जब साइबर अपराधियों ने फिर रुपये भेजने का दबाव बनाया तो वह दोपहर ढाई बजे सदर कोतवाली पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए।
एक घंटे की देरी करते तो चले जाते 31 लाख रुपये
सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि यदि एक घंटे रिटायर सूबेदार पुलिस के पास पहुंचने में देर करते तो जो करीब 31 लाख रुपये होल्ड कराया गया, वह भी साइबर अपराधी निकाल लेते। कोतवाली आने पर रिटायर सूबेदार बहुत घबराए थे। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था। उनकी शिकायत सुनकर तत्काल एक्शन लिया गया। साइबर अपराधियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
पुलिस का दावा-31 लाख रुपये होल्ड कराए
एसपी रवि कुमार का कहना है कि रिटायर फौजी की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए है। इंडस एंड बैंक नोएडा व यस बैंक बैरकपुर पश्चिम बंगाल में ठगों ने रुपये ट्रांसफर कराए थे। जांच में पता चला है कि साइबर अपराधियों ने यस बैंक में जो पैसा मंगाया, वह खाता बराकपोर हेल्थ केयर सोसाइटी नाम से संचालित है। पुलिस ने बैंकों को पत्राचार के जरिये साइबर अपराधियों के खाते से संबंधित जानकारी मांगी है।
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पुलिस के मुताबिक रिटायर सूबेदार को 11 अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट किया गया था। साइबर अपराधी व्हाट्सएप कॉल के जरिये रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी पर नजर रखे थे। 13 अप्रैल तक तो दंपती को घर के अंदर ही रहने की बात कही। डरा धमकाकर साइबर अपराधी अपने बताए हुए खातों में रुपये मंगाते रहे। यहां तक दंपती शौचालय जाने की बात कहते थे तो उन्हें मना कर देते।
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बहुत गुजारिश पर साइबर अपराधी कहते थे कि शौचालय जाओ, लेकिन कैमरा ऑन रखना। किसी तरह की चालाकी मत करना। हमारी टीम तुम लोगों की निगरानी कर रही है। साइबर अपराधी रात में 12 बजे सोने व सुबह सात बजे उठने की बात कहते थे। पुलिस के मुताबिक 14 अप्रैल को साइबर अपराधियों ने रिटायर सूबेदार से खाते में रुपये भेजने की बात कही। इस पर रिटायर सूबेदार ने कहा कि बैंक जाना पड़ेगा। इसके बाद वह रायबरेली शहर के सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक पहुंचकर अपने खाते से साइबर अपराधियों के खाते में रुपये भेज देते हैं।
इस दौरान भी साइबर अपराधी धमकी देते रहे कि किसी तरह की चालाकी मत करना, वरना तुम्हारे साथ परिवार के अन्य सदस्यों को जेल जाना पड़ेगा। बहुत काला धन अर्जित किया है। तुम्हारे आतंकवादियों से संबंध हैं। इसके बाद रिटायर सूबेदार घर आए। 15 अप्रैल को रिटायर सूबेदार और उनकी पत्नी घर के अंदर ही रहे। 16 अप्रैल को जब साइबर अपराधियों ने फिर रुपये भेजने का दबाव बनाया तो वह दोपहर ढाई बजे सदर कोतवाली पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए।
एक घंटे की देरी करते तो चले जाते 31 लाख रुपये
सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि यदि एक घंटे रिटायर सूबेदार पुलिस के पास पहुंचने में देर करते तो जो करीब 31 लाख रुपये होल्ड कराया गया, वह भी साइबर अपराधी निकाल लेते। कोतवाली आने पर रिटायर सूबेदार बहुत घबराए थे। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था। उनकी शिकायत सुनकर तत्काल एक्शन लिया गया। साइबर अपराधियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
पुलिस का दावा-31 लाख रुपये होल्ड कराए
एसपी रवि कुमार का कहना है कि रिटायर फौजी की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह का कहना है कि 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए है। इंडस एंड बैंक नोएडा व यस बैंक बैरकपुर पश्चिम बंगाल में ठगों ने रुपये ट्रांसफर कराए थे। जांच में पता चला है कि साइबर अपराधियों ने यस बैंक में जो पैसा मंगाया, वह खाता बराकपोर हेल्थ केयर सोसाइटी नाम से संचालित है। पुलिस ने बैंकों को पत्राचार के जरिये साइबर अपराधियों के खाते से संबंधित जानकारी मांगी है।
