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Raebareli News: जेब भरने की होड़ में भूल गए कायदे कानून, खतरे में जिंदगानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:58 PM IST
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रायबरेली। नई दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में आग लगने की घटना ने होटलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में भी रुपये कमाने की होड़ में कायदे कानून ताक पर रख दिए गए हैं। हालात ये हैं कि होटलों और रेस्टोरेंटों में आग से बचाव के इंतजाम तक नहीं हैं। जिम्मेदार जांच के नाम पर महज खानापूर्ति करते हैं। लापरवाही का यही हाल रहा तो किसी दिन दिल्ली जैसा हादसा यहां भी हो सकता है।
अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 38 होटल व रेस्टोरेंट हैं। इनमें से 25 होटल व रेस्टोरेंटों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। विभाग की तरफ से इन संचालकों को नोटिस जारी कर आग से बचाव के इंतजाम करने की बात कही गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
जिन क्षेत्रों में केवल रिहायशी भवनों की अनुमति है, वहां लोगों ने घर में ही गेस्ट हाऊस खोल लिए हैं। इन इमारतों में न तो आग से बचाव के उचित इंतजाम हैं और न ही आपातकालीन निकास की व्यवस्था। कई जगहों पर तो बिजली के तार भी असुरक्षित तरीके से लगे हुए हैं। न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी है और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था ही।
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कई होटल व गेस्ट हाऊस संकरी गलियों में खुले हैं। यदि किसी होटल या गेस्ट हाउस में आग लग जाए तो दमकल की गाड़ियों का वहां तक पहुंचना भी नामुमकिन है। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके चुप बैठ जाते हैं।
आरडीए भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। बिना नक्शा पास कराए ही होटल व रेस्टोरेंट की इमारतें खड़ी हो जाती हैं। रुपये कमाने के चक्कर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। (संवाद)
-- इनसेट--
इन होटलों और रेस्टोरेंटों को जारी किया गया है नोटिस
फोटो - 22 व 23
होटल चरन, होटल हीरा, होटल कान्हा कॉन्टिनेंटल, होटल दीप, होटल जयदीप, होटल प्रीत, गणेश होटल, होटल खलसा इन, अमृतसरी हवेली, सत्या होटल, सफायर रेस्टोरेंट, होटल ध्यानवी, होटल रॉयल इन, शालीमार पैलेस, आशीर्वाद होटल, होटल बटोही रिसार्ट, होटल श्री गणेश पैराडाइज, गोल्डेन दीप, पवन नमकीन एंड रेस्टोरेंट, होटल प्रताप पैलेस, होटल हरिप्रताप, अजय पैलेस, चौहान स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, महावीर होटल, होटल प्लीजेंट व्यू को काफी समय पहले अग्निशमन विभाग की तरफ से नोटिस जारी कर आग से बचाव के इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
-- इनसेट--
यहां हो चुकी हैं आग लगने की घटनाएं
29 नवंबर 2024 को सिविल लाइन स्थित होटल ओम क्लार्क इन में आग लग गई थी। गनीमत थी कि समय रहते आग बुझा ली गई थी। इससे लोगों की जान बच गई थी। अग्निशमन विभाग का दावा है कि होटल में अब आग से बचाव के इंतजाम कर लिए गए हैं। 15 अप्रैल 2026 को बछरावां स्थित रैंबो होटल में आग लग गई थी। उसमें छह लोग झुलस गए थे। आठ फरवरी 2026 को ऊंचाहार स्थित फास्ट फूड मार्ट में आग लगने की घटना हुई थी। इन घटनाओं से होटल संचालक सबक नहीं ले रहे हैं।
-- इनसेट--
मामले में होगी कार्रवाई : विशाल यादव
आरडीए सचिव विशाल यादव का कहना है कि अग्निशमन विभाग की टीम होटलों व रेस्टोरेंटों की जांच करेगी। यदि उनके भवनों के नक्शे से संबंधित मामले सामने आएंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनधिकृत क्षेत्रों में जो भी निर्माण हुए हैं, उनके नक्शे पास नहीं हो सकते हैं। दिल्ली की घटना के बाद और सतर्कता बरती जा रही है।
-- वर्जन--
बरती जा रही है सतर्कता
जिले में संचालित 25 होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को पहले ही आग से बचाव के इंतजाम न होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। होटलों व रेस्टोरेंट में आग से बचाव के लिए पानी की टंकी, दमकल गाड़ियों को आने-जाने का रास्ता, अग्निशमन यंत्र आदि का इंतजाम होना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं है। दिल्ली की घटना के बाद सतर्कता बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को न्यू नरेश, मीरा होटल समेत अन्य होटलों को चेक किया गया।
-सुनील कुमार सिंह, जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी
-- वर्जन--
जांच कराई जा रही, होगी कार्रवाई
दिल्ली की घटना के बाद अग्निशमन विभाग को निर्देशित कर होटलों व रेस्टोरेंट की जांच करने के लिए कहा गया है। सभी जगहों पर आग से बचाव के इंतजाम कराने के लिए कहा गया है। जांच में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
-आलोक सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 38 होटल व रेस्टोरेंट हैं। इनमें से 25 होटल व रेस्टोरेंटों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। विभाग की तरफ से इन संचालकों को नोटिस जारी कर आग से बचाव के इंतजाम करने की बात कही गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
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जिन क्षेत्रों में केवल रिहायशी भवनों की अनुमति है, वहां लोगों ने घर में ही गेस्ट हाऊस खोल लिए हैं। इन इमारतों में न तो आग से बचाव के उचित इंतजाम हैं और न ही आपातकालीन निकास की व्यवस्था। कई जगहों पर तो बिजली के तार भी असुरक्षित तरीके से लगे हुए हैं। न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी है और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था ही।
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कई होटल व गेस्ट हाऊस संकरी गलियों में खुले हैं। यदि किसी होटल या गेस्ट हाउस में आग लग जाए तो दमकल की गाड़ियों का वहां तक पहुंचना भी नामुमकिन है। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके चुप बैठ जाते हैं।
आरडीए भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। बिना नक्शा पास कराए ही होटल व रेस्टोरेंट की इमारतें खड़ी हो जाती हैं। रुपये कमाने के चक्कर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। (संवाद)
इन होटलों और रेस्टोरेंटों को जारी किया गया है नोटिस
फोटो - 22 व 23
होटल चरन, होटल हीरा, होटल कान्हा कॉन्टिनेंटल, होटल दीप, होटल जयदीप, होटल प्रीत, गणेश होटल, होटल खलसा इन, अमृतसरी हवेली, सत्या होटल, सफायर रेस्टोरेंट, होटल ध्यानवी, होटल रॉयल इन, शालीमार पैलेस, आशीर्वाद होटल, होटल बटोही रिसार्ट, होटल श्री गणेश पैराडाइज, गोल्डेन दीप, पवन नमकीन एंड रेस्टोरेंट, होटल प्रताप पैलेस, होटल हरिप्रताप, अजय पैलेस, चौहान स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, महावीर होटल, होटल प्लीजेंट व्यू को काफी समय पहले अग्निशमन विभाग की तरफ से नोटिस जारी कर आग से बचाव के इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
यहां हो चुकी हैं आग लगने की घटनाएं
29 नवंबर 2024 को सिविल लाइन स्थित होटल ओम क्लार्क इन में आग लग गई थी। गनीमत थी कि समय रहते आग बुझा ली गई थी। इससे लोगों की जान बच गई थी। अग्निशमन विभाग का दावा है कि होटल में अब आग से बचाव के इंतजाम कर लिए गए हैं। 15 अप्रैल 2026 को बछरावां स्थित रैंबो होटल में आग लग गई थी। उसमें छह लोग झुलस गए थे। आठ फरवरी 2026 को ऊंचाहार स्थित फास्ट फूड मार्ट में आग लगने की घटना हुई थी। इन घटनाओं से होटल संचालक सबक नहीं ले रहे हैं।
मामले में होगी कार्रवाई : विशाल यादव
आरडीए सचिव विशाल यादव का कहना है कि अग्निशमन विभाग की टीम होटलों व रेस्टोरेंटों की जांच करेगी। यदि उनके भवनों के नक्शे से संबंधित मामले सामने आएंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनधिकृत क्षेत्रों में जो भी निर्माण हुए हैं, उनके नक्शे पास नहीं हो सकते हैं। दिल्ली की घटना के बाद और सतर्कता बरती जा रही है।
बरती जा रही है सतर्कता
जिले में संचालित 25 होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को पहले ही आग से बचाव के इंतजाम न होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। होटलों व रेस्टोरेंट में आग से बचाव के लिए पानी की टंकी, दमकल गाड़ियों को आने-जाने का रास्ता, अग्निशमन यंत्र आदि का इंतजाम होना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं है। दिल्ली की घटना के बाद सतर्कता बरती जा रही है। बृहस्पतिवार को न्यू नरेश, मीरा होटल समेत अन्य होटलों को चेक किया गया।
-सुनील कुमार सिंह, जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी
जांच कराई जा रही, होगी कार्रवाई
दिल्ली की घटना के बाद अग्निशमन विभाग को निर्देशित कर होटलों व रेस्टोरेंट की जांच करने के लिए कहा गया है। सभी जगहों पर आग से बचाव के इंतजाम कराने के लिए कहा गया है। जांच में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
-आलोक सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक