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Raebareli News: इथेनॉल की बढ़ी जरूरत, मक्का की होगी सरकारी खरीद
Sun, 12 Jul 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:12 AM IST
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ऊंचाहार क्षेत्र में मक्का कीखेती का जायजा लेते जिला कृषि अधिकारी अखिलेश कुमार पांडेय।
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रायबरेली। इथेनॉल की जरूरत को देखते हुए जिले में भी पहली बार अब मक्का खरीद भी होगी। जगतपुर और ऊंचाहार में दो क्रय केंद्र खोलने को हरी झंडी मिल गई है। ऐसा होने से करीब 10 हजार किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा। इंडस्ट्रियों में मक्का की डिमांड भी पूरी हो सकेगी।
जिले के सभी इलाकों में मक्का की खेती होती है, लेकिन ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ, दीनशाहगौरा, डीह में दो साल में कई गुना मक्का की खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। कृषि विभाग के आंकड़ें बताते हैं कि पहले इन ब्लॉकों में जायद, खरीफ सीजन में महज 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर मक्का की खेती हुआ करती थी, लेकिन दो साल में इन ब्लॉकों में खरीफ में 1800, जायद में 1600 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर खेती होने लगी है। हालांकि, रवि सीजन में मक्का की खेती नहीं होती है, लेकिन इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
मक्का की खेती का क्षेत्रफल बढ़ने पर भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। वजह बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का की बिक्री हो रही है। ऐसे में काफी अरसे से मक्का क्रय केंद्र खोलने की मांग उठ रही थी। कृषि विभाग की सिफारिश पर डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने जगतपुर और ऊंचाहार में मक्का क्रय केंद्र खोलने को हरी झंडी दी है।
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जिले में औसतन हाइब्रिड मक्का 80 से 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और अन्य किस्म 35 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पैदावार होती है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ) कमलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मक्का की खरीद 14 जून से की जाएगी। इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। 200 मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
मक्के की बिक्री के लिए किसानों को fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र मोबाइल एप पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण कराएं, जिस पर प्राप्त ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकें। किसान का बैंक खाता आधार से लिंक हो। खाते का एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) पोर्टल पर मैपिंग व सक्रिय होना जरूरी है। किसान किसी भी सहायता या समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 पर कॉल कर सकते हैं। संबंधित जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर सकते हैं।
जिले के पांच ब्लॉकों में महज दो साल में मक्का खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए दो क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। मक्के से ही इथेनॉल बनाया जाता है। पेट्रोलपंपों पर एथेनॉल का प्रयोग वाहनों में किया जा रहा है।
- अखिलेश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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जिले के सभी इलाकों में मक्का की खेती होती है, लेकिन ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ, दीनशाहगौरा, डीह में दो साल में कई गुना मक्का की खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। कृषि विभाग के आंकड़ें बताते हैं कि पहले इन ब्लॉकों में जायद, खरीफ सीजन में महज 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर मक्का की खेती हुआ करती थी, लेकिन दो साल में इन ब्लॉकों में खरीफ में 1800, जायद में 1600 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर खेती होने लगी है। हालांकि, रवि सीजन में मक्का की खेती नहीं होती है, लेकिन इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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मक्का की खेती का क्षेत्रफल बढ़ने पर भी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। वजह बाजार में दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का की बिक्री हो रही है। ऐसे में काफी अरसे से मक्का क्रय केंद्र खोलने की मांग उठ रही थी। कृषि विभाग की सिफारिश पर डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने जगतपुर और ऊंचाहार में मक्का क्रय केंद्र खोलने को हरी झंडी दी है।
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जिले में औसतन हाइब्रिड मक्का 80 से 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और अन्य किस्म 35 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पैदावार होती है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ) कमलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मक्का की खरीद 14 जून से की जाएगी। इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। 200 मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
मक्के की बिक्री के लिए किसानों को fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र मोबाइल एप पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण कराएं, जिस पर प्राप्त ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकें। किसान का बैंक खाता आधार से लिंक हो। खाते का एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) पोर्टल पर मैपिंग व सक्रिय होना जरूरी है। किसान किसी भी सहायता या समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 पर कॉल कर सकते हैं। संबंधित जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर सकते हैं।
जिले के पांच ब्लॉकों में महज दो साल में मक्का खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए दो क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। मक्के से ही इथेनॉल बनाया जाता है। पेट्रोलपंपों पर एथेनॉल का प्रयोग वाहनों में किया जा रहा है।
- अखिलेश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी