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Raebareli News: रहवां में अवैध कब्जे का मामला गरमाया
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:26 AM IST
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रायबरेली। हरचंदपुर क्षेत्र की रहवां ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के बगल और रास्ते की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला गरमा रहा है। विधानसभा में इस मुद्दे पर सपा विधायक राहुल लोधी ने सवाल उठाते हुए राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों और अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की बात कही थी।
असल में इस जमीन पर 1998 से कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीण राजनाथ सिंह, राम किशोर, मन्नालाल, राम बहादुर ने बताया कि ग्राम पंचायत में गाटा संख्या 1103 व अमृत सरोवर बना है व गाटा संख्या 891 व गाटा संख्या 922 पर सार्वजनिक रास्ता है। इसमें गाटा संख्या 1103 पर अमृत सरोवर भी बना है। वहीं तालाब की जमीन का पूरब की तरफ का भाग खाली और रास्ता बना है। जमीन के इसी भाग पर भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं।
ग्रामीणों वे बताया कि वर्ष 1998 में इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी तो तत्कालीन डीएम रेणुका कुमार ने सभी अवैध कब्जों को गिरवा दिया था। 20 अगस्त 2024 को राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन पर कब्जा करने के लिए गड्ढा खोदवाकर जमीन पर पथगढ़ी कराई थी। 22 अगस्त 2024 को ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम से की थी। इस पर डीएम हर्षिता माथुर ने इस पर टीम गठित कर स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। साथ ही पत्रावली को तलब किया था।
ग्रामीण राजनाथ सिंह का आरोप है कि जो टीम गठित की गई, उसमें मिलीभगत करने वाले राजस्व कर्मचारियों को शामिल किया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि रिपोर्ट फर्जी तरीके से बना दी गई। 11 जनवरी की रात को अधिकारियों व पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही आश्वासन दिया गया था कि अब कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। इस पर ग्रामीण घर चले गए। जैसे ही ग्रामीण घर लौटे तो रातोंरात जमीन पर अवैध निर्माण करा दिया गया। ग्रामीणों का राजस्व विभाग ने कब्जा रोकने की जरूरत नहीं समझी है। साथ ही डीएम को भी गलत रिपोर्ट दी गई है।
इनसेट
विधायक ने क्या कहा
हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी ने बताया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था। इस पर उन्होंने विधानसभा में कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में वह डीएम से भी बात करेंगे ताकि अवैध कब्जा हटाया जा रहा है।
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असल में इस जमीन पर 1998 से कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीण राजनाथ सिंह, राम किशोर, मन्नालाल, राम बहादुर ने बताया कि ग्राम पंचायत में गाटा संख्या 1103 व अमृत सरोवर बना है व गाटा संख्या 891 व गाटा संख्या 922 पर सार्वजनिक रास्ता है। इसमें गाटा संख्या 1103 पर अमृत सरोवर भी बना है। वहीं तालाब की जमीन का पूरब की तरफ का भाग खाली और रास्ता बना है। जमीन के इसी भाग पर भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं।
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ग्रामीणों वे बताया कि वर्ष 1998 में इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी तो तत्कालीन डीएम रेणुका कुमार ने सभी अवैध कब्जों को गिरवा दिया था। 20 अगस्त 2024 को राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन पर कब्जा करने के लिए गड्ढा खोदवाकर जमीन पर पथगढ़ी कराई थी। 22 अगस्त 2024 को ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम से की थी। इस पर डीएम हर्षिता माथुर ने इस पर टीम गठित कर स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। साथ ही पत्रावली को तलब किया था।
ग्रामीण राजनाथ सिंह का आरोप है कि जो टीम गठित की गई, उसमें मिलीभगत करने वाले राजस्व कर्मचारियों को शामिल किया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि रिपोर्ट फर्जी तरीके से बना दी गई। 11 जनवरी की रात को अधिकारियों व पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही आश्वासन दिया गया था कि अब कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। इस पर ग्रामीण घर चले गए। जैसे ही ग्रामीण घर लौटे तो रातोंरात जमीन पर अवैध निर्माण करा दिया गया। ग्रामीणों का राजस्व विभाग ने कब्जा रोकने की जरूरत नहीं समझी है। साथ ही डीएम को भी गलत रिपोर्ट दी गई है।
इनसेट
विधायक ने क्या कहा
हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी ने बताया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था। इस पर उन्होंने विधानसभा में कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में वह डीएम से भी बात करेंगे ताकि अवैध कब्जा हटाया जा रहा है।