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Raebareli News: बैंक लोन के फर्जीवाड़ा में बीओबी क्रेडिट ऑफिसर समेत दो गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:26 AM IST
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सदर कोतवाली में बैंक लोन के फर्जीवाड़ा में पकड़ा गया बीओबी का क्रेडिट ऑफिसर व अन्य।
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रायबरेली। शहर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में लोन के लिए हुए फर्जीवाड़ा के खेल में शनिवार को पुलिस ने लखनऊ में रहने वाले बैंक के क्रेडिट ऑफिसर और फतेहपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही लोन वाले खातों से 25 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।
इस फर्जीवाड़ा में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े 46 अन्य लोगों की भी तलाश में लगी हुई है। खुफिया विभाग को भी नेटवर्क के तार ढूंढने के लिए लगाया गया है। इस फर्जीवाड़ा के खेल में 53 लोग शामिल हैं। साथ ही इसके तार प्रदेश के कई जिलों से जुड़े होने की आशंका है।
बीओबी की मुख्य शाखा से साल 2024 और 2025 में नौ करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये का ऋण लिया गया था। बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल कार्यालय की तरफ से गोपनीय जांच में लोन के फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। इस ऋण घोटाले में शनिवार को पुलिस और सर्विलांस की टीम ने मुख्य शाखा में कार्यरत क्रेडिट ऑफिसर अमित कनौजिया निवासी 840 सोसाइटी रसल कोर्ट डेलो नेटस अपार्टमेंट सेक्टर 6 गोमती नगर विस्तार अहमामऊ लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया।
इसके साथ ही ग्राम देवरी बुजुर्ग जाफरगंज फतेहपुर निवासी सत्यम उर्फ शिवम को भी पकड़ गया है। पुलिस पूछताछ में बीओबी के क्रेडिट ऑफिसर अमित कनौजिया ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पर्सनल ऋण खातों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी सैलरी स्लिप तैयार कराई थी और आधार कार्ड में नाम व पता बदलवाकर ऋण स्वीकृत कराने की संस्तुति की थी। इसी तरह आरोपी सत्यम ने बताया कि उसने अपने आधार कार्ड में पता परिवर्तित कर फर्जी सैलरी स्लिप व फर्जी नियुक्ति पत्र लगाकर एजेंट के माध्यम से ऋण हासिल किया था।
असल में 29 दिसंबर 2025 को जब यह मामला खुला था तो बीओबी प्रबंधतंत्र में खलबली मच गई थी। नौ करोड़ दो लाख 50 हजार का लोन कैसे पास हो गया। इसकी जानकारी अधिकारियों तक को नहीं हो सकी थी। उसी दौरान से शक था कि बैंक के भीतर की कमजोर कड़ी ने इस फर्जीवाड़ा में अहम भूमिका निभाई है। उस दौरान बैंक के मुख्य प्रबंधक मुकेश की तहरीर पर सदर कोतवाली में 48 आवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ में लगी हुई थी।
एसपी रवि कुमार ने बताया कि मामले से जो भी आरोपी जुड़े हुए हैं, उन सभी की गिरफ्तारी होगी। पुलिस और सर्विलांस टीम लगी हुई है। इसके साथ ही जो लोग पकड़े जा रहे हैं, उनसे पूछताछ के बाद जो क्लू मिल रहे हैं, उस पर गहनता से पड़ताल हो रही है। अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आरोपी क्रेडिट ऑफिसर के साथी कौन हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
इनसेट
सलोन में हुए फर्जीवाड़ा के बाद खेल में तेजी
सलोन में 2024 में जन्म प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़ा के बाद आधार और दस्तावेज को फर्जी तरीके से बनाने का खेल बदस्तूर जारी है। यही कारण है कि बीओबी में भी फर्जीवाड़ा के जरिये नौ करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये का ऋण पास करा लिया गया। यह फर्जीवाड़ा भी वर्ष 2024 से शुरू हुआ था। साफ है कि जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़ा के तार दूर तक फैले हुए हैं। पुलिस ने बीओबी के क्रेडिट ऑफिसर को पकड़ा है। उसने जिस तरह से पूरी कहानी बताई है, उससे इस कांड का मास्टरमाइंड होने के सबूत दिए हैं।
इनको भी भेजा जा चुका जेल
बीओबी में हुए लोन फर्जीवाड़े में उन्नाव जिले के आसीवन थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर प्रथम कस्बा हैदराबाद निवासी राजेश सिंह, सीतापुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी तरीनपुर निवासी बबलू राठौर, उसकी पत्नी कामिनी राठौर, लखनऊ जिले के बीकेटी थाना क्षेत्र के गाजीपुर मजरे भैसामऊ निवासी गोपाल सिंह, उसकी पत्नी राधिका देवी को पकड़कर जेल भेजा गया है।
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इस फर्जीवाड़ा में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े 46 अन्य लोगों की भी तलाश में लगी हुई है। खुफिया विभाग को भी नेटवर्क के तार ढूंढने के लिए लगाया गया है। इस फर्जीवाड़ा के खेल में 53 लोग शामिल हैं। साथ ही इसके तार प्रदेश के कई जिलों से जुड़े होने की आशंका है।
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बीओबी की मुख्य शाखा से साल 2024 और 2025 में नौ करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये का ऋण लिया गया था। बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल कार्यालय की तरफ से गोपनीय जांच में लोन के फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। इस ऋण घोटाले में शनिवार को पुलिस और सर्विलांस की टीम ने मुख्य शाखा में कार्यरत क्रेडिट ऑफिसर अमित कनौजिया निवासी 840 सोसाइटी रसल कोर्ट डेलो नेटस अपार्टमेंट सेक्टर 6 गोमती नगर विस्तार अहमामऊ लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया।
इसके साथ ही ग्राम देवरी बुजुर्ग जाफरगंज फतेहपुर निवासी सत्यम उर्फ शिवम को भी पकड़ गया है। पुलिस पूछताछ में बीओबी के क्रेडिट ऑफिसर अमित कनौजिया ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पर्सनल ऋण खातों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी सैलरी स्लिप तैयार कराई थी और आधार कार्ड में नाम व पता बदलवाकर ऋण स्वीकृत कराने की संस्तुति की थी। इसी तरह आरोपी सत्यम ने बताया कि उसने अपने आधार कार्ड में पता परिवर्तित कर फर्जी सैलरी स्लिप व फर्जी नियुक्ति पत्र लगाकर एजेंट के माध्यम से ऋण हासिल किया था।
असल में 29 दिसंबर 2025 को जब यह मामला खुला था तो बीओबी प्रबंधतंत्र में खलबली मच गई थी। नौ करोड़ दो लाख 50 हजार का लोन कैसे पास हो गया। इसकी जानकारी अधिकारियों तक को नहीं हो सकी थी। उसी दौरान से शक था कि बैंक के भीतर की कमजोर कड़ी ने इस फर्जीवाड़ा में अहम भूमिका निभाई है। उस दौरान बैंक के मुख्य प्रबंधक मुकेश की तहरीर पर सदर कोतवाली में 48 आवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ में लगी हुई थी।
एसपी रवि कुमार ने बताया कि मामले से जो भी आरोपी जुड़े हुए हैं, उन सभी की गिरफ्तारी होगी। पुलिस और सर्विलांस टीम लगी हुई है। इसके साथ ही जो लोग पकड़े जा रहे हैं, उनसे पूछताछ के बाद जो क्लू मिल रहे हैं, उस पर गहनता से पड़ताल हो रही है। अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आरोपी क्रेडिट ऑफिसर के साथी कौन हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
इनसेट
सलोन में हुए फर्जीवाड़ा के बाद खेल में तेजी
सलोन में 2024 में जन्म प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़ा के बाद आधार और दस्तावेज को फर्जी तरीके से बनाने का खेल बदस्तूर जारी है। यही कारण है कि बीओबी में भी फर्जीवाड़ा के जरिये नौ करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये का ऋण पास करा लिया गया। यह फर्जीवाड़ा भी वर्ष 2024 से शुरू हुआ था। साफ है कि जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़ा के तार दूर तक फैले हुए हैं। पुलिस ने बीओबी के क्रेडिट ऑफिसर को पकड़ा है। उसने जिस तरह से पूरी कहानी बताई है, उससे इस कांड का मास्टरमाइंड होने के सबूत दिए हैं।
इनको भी भेजा जा चुका जेल
बीओबी में हुए लोन फर्जीवाड़े में उन्नाव जिले के आसीवन थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर प्रथम कस्बा हैदराबाद निवासी राजेश सिंह, सीतापुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी तरीनपुर निवासी बबलू राठौर, उसकी पत्नी कामिनी राठौर, लखनऊ जिले के बीकेटी थाना क्षेत्र के गाजीपुर मजरे भैसामऊ निवासी गोपाल सिंह, उसकी पत्नी राधिका देवी को पकड़कर जेल भेजा गया है।