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Raebareli News: मजदूर के बेटे विमल ने पांचवें प्रयास में हासिल की 107वीं रैंक
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:08 AM IST
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खींरो ब्लॉक के चांदेमऊ गांव में परिवार के साथ विमल कुमार।
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सतांव (रायबरेली)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। जिले के विमल कुमार ने 107वीं रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विमल कुमार एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पिता भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। विमल ने अपनी मेहनत और मेधा से यह सफलता अर्जित की है। लगातार प्रयास करने के बाद सफलता मिली तो परिवार में खुशी छा गई।
क्षेत्र के चांदेमऊ निवासी विमल कुमार का सिविल सेवा परीक्षा में चयन हुआ है। विमल के पिता रामदेव मजदूर हैं। गांव में ही भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। माता सियावती गृहिणी हैं। एक भाई पुष्पेंद्र कुमार विदेश में नाैकरी के लिए गया हुआ है, वहीं दूसरा भाई अजीत (गोलू) स्टेट बैंक में चपरासी है। दो बहनों मीरा और आरती की शादी हो चुकी है। परिवार के पास महज एक बीघा जमीन है। ऐसी हालत में विमल कुमार का सिविल सेवा परीक्षा में सफल होना सराहनीय है। विमल कुमार ने घर पर ही रहकर सिविल सेवा की तैयारी की थी। पांचवें प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली।
चौथे प्रयास में साक्षात्कार के बाद 12 अंकों से पीछे रह गए थे। विमल कुमार ने प्राइमरी शिक्षा गांव के ही स्कूल से की। इसके बाद नवोदय विद्यालय में चयन हो गया, जहां से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। दक्षिणा फाउंडेशन से छात्रवृत्ति मिली तो जवाहर नवोदय से ही इंटर की पढ़ाई करने केरल चले गए। आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया। इसके बाद सिविल सेवा की तैयारी में लग गए। विमल कुमार को मिली सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा है।
शिक्षक के पुत्र ऋषभ को मिली 132वीं रैंक
रायबरेली। शहर के सुभाष नगर निवासी ऋषभ यादव ने सिविल सेवा परीक्षा में 132वीं रैंक हासिल की है। उन्हें यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली। उनके पिता नरेंद्र कुमार यादव इसी जिले के रुस्तमपुर स्थित गायत्री इंटर काॅलेज में शिक्षक हैं, जो मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। बड़ी बहन सौम्या विधि क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का प्रयास कर रही है। ऋषभ ने इसी शहर के केंद्रीय विद्यालय से इंटर तक पढ़ाई की। इसके बाद आगे की पढ़ाई डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय से पूरी की। ऋषभ को सिविल सेवा में पढ़ाई के लिए उनके मामा राजेश और राकेश यादव प्रेरित करते रहे। ऋषभ को मिली सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। (संवाद)
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क्षेत्र के चांदेमऊ निवासी विमल कुमार का सिविल सेवा परीक्षा में चयन हुआ है। विमल के पिता रामदेव मजदूर हैं। गांव में ही भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। माता सियावती गृहिणी हैं। एक भाई पुष्पेंद्र कुमार विदेश में नाैकरी के लिए गया हुआ है, वहीं दूसरा भाई अजीत (गोलू) स्टेट बैंक में चपरासी है। दो बहनों मीरा और आरती की शादी हो चुकी है। परिवार के पास महज एक बीघा जमीन है। ऐसी हालत में विमल कुमार का सिविल सेवा परीक्षा में सफल होना सराहनीय है। विमल कुमार ने घर पर ही रहकर सिविल सेवा की तैयारी की थी। पांचवें प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली।
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चौथे प्रयास में साक्षात्कार के बाद 12 अंकों से पीछे रह गए थे। विमल कुमार ने प्राइमरी शिक्षा गांव के ही स्कूल से की। इसके बाद नवोदय विद्यालय में चयन हो गया, जहां से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। दक्षिणा फाउंडेशन से छात्रवृत्ति मिली तो जवाहर नवोदय से ही इंटर की पढ़ाई करने केरल चले गए। आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया। इसके बाद सिविल सेवा की तैयारी में लग गए। विमल कुमार को मिली सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा है।
शिक्षक के पुत्र ऋषभ को मिली 132वीं रैंक
रायबरेली। शहर के सुभाष नगर निवासी ऋषभ यादव ने सिविल सेवा परीक्षा में 132वीं रैंक हासिल की है। उन्हें यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली। उनके पिता नरेंद्र कुमार यादव इसी जिले के रुस्तमपुर स्थित गायत्री इंटर काॅलेज में शिक्षक हैं, जो मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। बड़ी बहन सौम्या विधि क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का प्रयास कर रही है। ऋषभ ने इसी शहर के केंद्रीय विद्यालय से इंटर तक पढ़ाई की। इसके बाद आगे की पढ़ाई डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय से पूरी की। ऋषभ को सिविल सेवा में पढ़ाई के लिए उनके मामा राजेश और राकेश यादव प्रेरित करते रहे। ऋषभ को मिली सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। (संवाद)
