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Raebareli News: नाग देवता की हुई पूजा, पीटी गईं गुड़ियां
Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
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बालापुर में कपड़े से बनी गुड़िया को पीटने के लिए खड़े बच्चे।
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रायबरेली-हरचंदपुर। नागपंचमी का पर्व जिले में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। हरचंदपुर के आस्तीक स्वामी आश्रम में भक्तों की भीड़ रही।
हरचंदपुर विकासखंड के लालूपुर गांव स्थित ऐतिहासिक आस्तीक स्वामी मंदिर में सोमवार को नागपंचमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सावन मेले के दूसरे दिन सुबह से ही मंदिर और सई नदी के घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने सई नदी में स्नान कर आस्तीक बाबा के दर्शन और पूजन किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दोपहर तक लगातार जारी रहा।
मंदिर के पुजारी हरिहर द्विवेदी और अमित तिवारी ने बताया कि सोमवार को नागपंचमी पर सुबह से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। दोपहर दो बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु आस्तीक बाबा के दर्शन कर चुके थे। श्रद्धालुओं की भीड़ देर शाम तक बढ़ने की उम्मीद है। शहर के इंदिरा नगर स्थित सर्वेश्वर मंदिर में नागपंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा-अर्चना की गई।
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पं अक्षत तिवारी ने विधि-विधान से पूजा कराई। मलिकमऊ स्थित नाग मंदिर में सुबह से लोगों की भीड़ रही। शाम को गुड़िया पीटने की परंपरा निभाई गई। अमावां ब्लॉक के बड़ागांव में शिवपालेश्वर धाम के प्रांगण में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नागपंचमी का त्योहार मनाया गया और अखाड़े का भी आयोजन किया गया। अंकुर गुप्ता बताते हैं कि आज गांवों में त्योहार में एक अलग ही रौनक रहती है।
इस अवसर पर चंद्रमोहन त्रिपाठी, अंकुर गुप्ता, आनंद प्रजापति, श्रवण शुक्ला, नरेंद्र दुबे, विवेक श्रीवास्तव, राकेश गौड़, राजेश शुक्ला, दिलीप नाऊ मौजूद रहे। डीह ब्लॉक के मझिलहा गांव में नागपंचमी का त्योहार पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय महिलाओं ने सर्प देवता की पूजा की। महिलाओं का मानना है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय दूर होता है और कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है।
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हरचंदपुर विकासखंड के लालूपुर गांव स्थित ऐतिहासिक आस्तीक स्वामी मंदिर में सोमवार को नागपंचमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सावन मेले के दूसरे दिन सुबह से ही मंदिर और सई नदी के घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने सई नदी में स्नान कर आस्तीक बाबा के दर्शन और पूजन किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दोपहर तक लगातार जारी रहा।
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मंदिर के पुजारी हरिहर द्विवेदी और अमित तिवारी ने बताया कि सोमवार को नागपंचमी पर सुबह से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। दोपहर दो बजे तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु आस्तीक बाबा के दर्शन कर चुके थे। श्रद्धालुओं की भीड़ देर शाम तक बढ़ने की उम्मीद है। शहर के इंदिरा नगर स्थित सर्वेश्वर मंदिर में नागपंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा-अर्चना की गई।
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पं अक्षत तिवारी ने विधि-विधान से पूजा कराई। मलिकमऊ स्थित नाग मंदिर में सुबह से लोगों की भीड़ रही। शाम को गुड़िया पीटने की परंपरा निभाई गई। अमावां ब्लॉक के बड़ागांव में शिवपालेश्वर धाम के प्रांगण में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नागपंचमी का त्योहार मनाया गया और अखाड़े का भी आयोजन किया गया। अंकुर गुप्ता बताते हैं कि आज गांवों में त्योहार में एक अलग ही रौनक रहती है।
इस अवसर पर चंद्रमोहन त्रिपाठी, अंकुर गुप्ता, आनंद प्रजापति, श्रवण शुक्ला, नरेंद्र दुबे, विवेक श्रीवास्तव, राकेश गौड़, राजेश शुक्ला, दिलीप नाऊ मौजूद रहे। डीह ब्लॉक के मझिलहा गांव में नागपंचमी का त्योहार पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय महिलाओं ने सर्प देवता की पूजा की। महिलाओं का मानना है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय दूर होता है और कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है।

बालापुर में कपड़े से बनी गुड़िया को पीटने के लिए खड़े बच्चे।