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Rampur News: 404 करोड़ से बनेंगे 13 मटर फ्रोजन प्लांट, बढ़ेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:56 AM IST
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रामपुर। जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 13 मटर फ्रोजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर कुल 404.45 करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्लांटों के शुरू होने से जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को भी अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित 13 मटर फ्रोजन इकाइयों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14,735 लोगों को रोजगार मिलेगा। इन इकाइयों के संचालन से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही मटर उत्पादक किसानों को फसल के भंडारण और विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। मटर फ्रोजन प्लांटों के माध्यम से मटर का प्रसंस्करण कर उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे फसल खराब होने की समस्या कम होगी और कृषि उत्पादों की मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ते निवेश से जिले की औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद रामपुर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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ऐसे काम करता है मटर फ्रोजन प्लांट
रामपुर। मटर फ्रोजन प्लांट में किसानों से खरीदी गई ताजी मटर की सफाई, छंटाई और ग्रेडिंग की जाती है। इसके बाद विशेष तकनीक से मटर को ब्लांचिंग और त्वरित फ्रीजिंग (आईक्यूएफ) प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिससे उसका स्वाद, रंग और पोषण लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। तैयार उत्पाद को कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है और जरूरत के अनुसार बाजारों में भेजा जाता है। इससे फसल खराब होने की आशंका घटती है और किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।
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खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा 10 करोड़ रुपये तक अनुदान
रामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने वालों को प्रोत्साहन दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत कृषि उत्पादों की सफाई, छंटाई, पैकिंग, भंडारण और प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयों को सहायता मिलेगी। रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ और कोल्ड स्टोरेज परियोजनाएं भी योजना में शामिल हैं। पात्र उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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जिले में स्थापित होने वाले 13 मटर फ्रोजन प्लांट कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। इन इकाइयों से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ बिक्री की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। फसल के संरक्षण और प्रसंस्करण से नुकसान कम होगा। परियोजनाओं के शुरू होने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।- अजय कुमार, अधीक्षक राजकीय उद्यान
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अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित 13 मटर फ्रोजन इकाइयों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14,735 लोगों को रोजगार मिलेगा। इन इकाइयों के संचालन से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही मटर उत्पादक किसानों को फसल के भंडारण और विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। मटर फ्रोजन प्लांटों के माध्यम से मटर का प्रसंस्करण कर उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे फसल खराब होने की समस्या कम होगी और कृषि उत्पादों की मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ते निवेश से जिले की औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद रामपुर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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रामपुर। मटर फ्रोजन प्लांट में किसानों से खरीदी गई ताजी मटर की सफाई, छंटाई और ग्रेडिंग की जाती है। इसके बाद विशेष तकनीक से मटर को ब्लांचिंग और त्वरित फ्रीजिंग (आईक्यूएफ) प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिससे उसका स्वाद, रंग और पोषण लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। तैयार उत्पाद को कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है और जरूरत के अनुसार बाजारों में भेजा जाता है। इससे फसल खराब होने की आशंका घटती है और किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।
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जिले में स्थापित होने वाले 13 मटर फ्रोजन प्लांट कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। इन इकाइयों से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ बिक्री की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। फसल के संरक्षण और प्रसंस्करण से नुकसान कम होगा। परियोजनाओं के शुरू होने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।- अजय कुमार, अधीक्षक राजकीय उद्यान