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Rampur News: रजा पुस्तकालय में संत कबीर जयंती पर प्रदर्शनी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:58 AM IST
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रामपुर। संत कबीर की जयंती पर रविवार को रजा पुस्तकालय एवं संग्रहालय में प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने किया। इस दौरान संत कबीर के जीवन, दर्शन, काव्य और भारतीय समाज पर उनके प्रभाव से जुड़ी दुर्लभ सामग्री प्रदर्शित की गई।
निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि कबीर केवल संत या कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की चेतना के ऐसे स्वर हैं, जिनकी वाणी आज भी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कबीर निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत थे। उनका मानना था कि ईश्वर की अनुभूति बाहरी आडंबरों से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सदाचार से होती है।
उन्होंने कहा कि कबीर ने लोकभाषा के माध्यम से जटिल आध्यात्मिक विचारों को आमजन तक पहुंचाया, जिसके कारण उनकी वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि ‘‘ढाई आखर प्रेम का’’ का संदेश आज के समाज में और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। प्रेम, सद्भाव और मानवीय व्यवहार ही समाज को जोड़ सकते हैं। यदि लोग कबीर के विचारों को अपने जीवन में उतारें तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि कबीर केवल संत या कवि नहीं, बल्कि भारतीय समाज की चेतना के ऐसे स्वर हैं, जिनकी वाणी आज भी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कबीर निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत थे। उनका मानना था कि ईश्वर की अनुभूति बाहरी आडंबरों से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सदाचार से होती है।
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उन्होंने कहा कि कबीर ने लोकभाषा के माध्यम से जटिल आध्यात्मिक विचारों को आमजन तक पहुंचाया, जिसके कारण उनकी वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि ‘‘ढाई आखर प्रेम का’’ का संदेश आज के समाज में और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। प्रेम, सद्भाव और मानवीय व्यवहार ही समाज को जोड़ सकते हैं। यदि लोग कबीर के विचारों को अपने जीवन में उतारें तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।