Azam Khan: डीएम को तनखैया बताने वाले मामले में बहस पूरी, 18 को फैसला, सजा के खिलाफ दायर की है अपील
सपा नेता आजम खां पर दर्ज मामले में निचली अदालत की दो साल की सजा के खिलाफ अपील पर अभियोजन की बहस पूरी हो गई है। सेशन कोर्ट इस मुकदमे का फैसला 18 जुलाई को सुना सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा नेता आजम खां पर दर्ज तत्कालीन डीएम को तनखइया बताने के मामले में निचली अदालत से हुई दो साल की सजा के फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में दायर अपील पर अभियोजन की बहस पूरी हो गई। अब 18 जुलाई को सेशन कोर्ट इस मुकदमे का फैसला सुना सकती है।
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खान पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। रामपुर लोकसभा सीट सपा को मिली थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने कई बार विवादित बयानबाजी की थी। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई मुकदमे आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर भी रोक लगा दी थी। इनमें ही एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था।
यह मुकदमा तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी की ओर से कराया गया था। इस मुकदमे में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने आजम खान को दोषी मानते हुए 16 मई 2026 को दो साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दाखिल की थी।
अपील पर सुनवाई चल रही है। बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से इस मामले में बहस की गई। एडीजीसी सीमा राणा के अनुसार इस प्रकरण में अभियोजन की बहस पूरी हो गई है। अब 18 तक बचाव पक्ष किसी भी दिन अपना पक्ष रखना चाहें तो वह रख सकते हैं। कोर्ट अब इस मामले में 18 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है।