{"_id":"6a5b52ef9405ed78a50a941f","slug":"rampur-azam-khan-appeal-dismissed-in-the-case-involving-his-labeling-of-an-officer-as-tankhaiya-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामपुर: अफसर को तनखैया बताने के मामले में सपा नेता आजम खां की अपील खारिज, दो साल की सजा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर: अफसर को तनखैया बताने के मामले में सपा नेता आजम खां की अपील खारिज, दो साल की सजा बरकरार
Sat, 18 Jul 2026 03:48 PM IST
Vimal Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: Vimal Sharma
Updated Sat, 18 Jul 2026 03:48 PM IST
सार
Azam Khan Update News: चुनावी सभा में अफसर तनखैया बताने के मामले में सपा नेता आजम खां को राहत नहीं मिली। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने निचली अदालत से मिली दो साल की सजा के खिलाफ दायर उनकी अपील खारिज कर दी। इससे पहले निचली अदालत ने उन्हें दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
सपा नेता आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान चुनावी सभा में अधिकारी को तनखैया बताने के मामले में सपा नेता आजम खां को राहत नहीं मिली। निचली अदालत से मिली दो वर्ष की सजा के खिलाफ दायर उनकी अपील को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए सजा और जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा है। मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान थाना भोट क्षेत्र के गांव मनकरा में आयोजित एक जनसभा में आजम खां ने मंच से अधिकारियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
प्रशासन ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना था। इस बयान के संबंध में तत्कालीन उप जिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में हुई।
विज्ञापन
सुनवाई के बाद अदालत ने 16 मई 2026 को आजम खां को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में दो-दो वर्ष के कारावास और प्रत्येक धारा में पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आजम खां ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में अपील दाखिल की थी।
अपील पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष का पक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को सुनाए गए फैसले में सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही मानते हुए आजम खां की अपील खारिज कर दी। सेशन कोर्ट के इस फैसले के बाद आजम खां को निचली अदालत से सुनाई गई दो वर्ष की सजा और जुर्माने की राशि बरकरार रहेगी।