{"_id":"6a67c81bb1b30303e603c4a3","slug":"stay-on-order-to-demolish-38-buildings-of-jauhar-university-rampur-news-c-15-1-mbd1062-957054-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवन ध्वस्त करने के आदेश पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवन ध्वस्त करने के आदेश पर रोक
Tue, 28 Jul 2026 02:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश पर मुरादाबाद के कमिश्नर एवं आरडीए के अध्यक्ष आंजनेय कुमार सिंह ने अगली सुनवाई और अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। आरडीए के उपाध्यक्ष एवं रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी के स्तर से बिना नक्शा पास हुए बने 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने प्राधिकरण अध्यक्ष एवं कमिश्नर के न्यायालय में अपील दाखिल की थी। उधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट द्वारा इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख निर्धारित है।
आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम ने 15 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से कमिश्नर के न्यायालय में दाखिल अपील की सुनवाई के लिए 28 जुलाई (मंगलवार) की तारीख निर्धारित की गई थी। तय तारीख से एक दिन पहले सोमवार को अधिवक्ताओं द्वारा मुरादाबाद के एक वरिष्ठ वकील के निधन के कारण मंगलवार को बार एसोसिएशन के कंडोलेंस (न्यायिक कार्यों से विरत रहने) के प्रस्ताव की जानकारी न्यायालय को दी गई। साथ ही सोमवार को ही सुनवाई का आग्रह किया गया। इस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण पर रोक के आदेश दे दिए।
यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने बताया कि सोमवार को कमिश्नर न्यायालय में यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट की ओर से उन्होंने और आरडीए की तरफ से शासकीय अधिवक्ता दिनेश चौहान ने पक्ष रखा। यूनिवर्सिटी का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि आरडीए द्वारा यूनिवर्सिटी को इस बाबत नोटिस जारी करने का अधिकार ही नहीं है। यदि भवनों की अनुमति नहीं ली गई है तो भी जिला पंचायत एक्ट के मुताबिक 500 रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। आरडीए के अधिवक्ता ने अपने तर्क रखे।
विज्ञापन
अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कमिश्नर एवं आरडीए अध्यक्ष के न्यायालय ने अगली सुनवाई और अगले आदेश तक जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में मंगलवार को कमिश्नर न्यायालय में सुनवाई तो नहीं होगी लेकिन सुनवाई की अगली तिथि मिल जाएगी।
विज्ञापन
आरडीए उपाध्यक्ष एवं डीएम ने 15 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से कमिश्नर के न्यायालय में दाखिल अपील की सुनवाई के लिए 28 जुलाई (मंगलवार) की तारीख निर्धारित की गई थी। तय तारीख से एक दिन पहले सोमवार को अधिवक्ताओं द्वारा मुरादाबाद के एक वरिष्ठ वकील के निधन के कारण मंगलवार को बार एसोसिएशन के कंडोलेंस (न्यायिक कार्यों से विरत रहने) के प्रस्ताव की जानकारी न्यायालय को दी गई। साथ ही सोमवार को ही सुनवाई का आग्रह किया गया। इस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण पर रोक के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने बताया कि सोमवार को कमिश्नर न्यायालय में यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट की ओर से उन्होंने और आरडीए की तरफ से शासकीय अधिवक्ता दिनेश चौहान ने पक्ष रखा। यूनिवर्सिटी का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि आरडीए द्वारा यूनिवर्सिटी को इस बाबत नोटिस जारी करने का अधिकार ही नहीं है। यदि भवनों की अनुमति नहीं ली गई है तो भी जिला पंचायत एक्ट के मुताबिक 500 रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। आरडीए के अधिवक्ता ने अपने तर्क रखे।
विज्ञापन
अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कमिश्नर एवं आरडीए अध्यक्ष के न्यायालय ने अगली सुनवाई और अगले आदेश तक जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में मंगलवार को कमिश्नर न्यायालय में सुनवाई तो नहीं होगी लेकिन सुनवाई की अगली तिथि मिल जाएगी।