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टीबी : जिले के 286 गांव हाईरिस्क श्रेणी में, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 19 May 2026 01:38 AM IST
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रामपुर। जिले में टीबी संक्रमण की रोकथाम और मरीजों की समय पर पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग ने जिले के 286 गांवों को हाईरिस्क श्रेणी में चिन्हित किया है, जहां विशेष निगरानी के साथ लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इन गांवों में स्वास्थ्य टीमें कैंप लगाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऐसे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिन्हें लंबे समय से खांसी, बुखार या कमजोरी की शिकायत है। यदि किसी व्यक्ति को एक सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी आ रही है या दवा लेने के बाद भी बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो उसकी तत्काल जांच कराई जा रही है।
जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का तुरंत उपचार शुरू कराया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। विभाग का कहना है कि समय रहते बीमारी की पहचान होने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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वर्जन
जिले के 286 गांव हाईरिस्क श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में लगातार कैंप लगाकर मरीजों की जांच कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। -सत्यप्रकाश, जिला क्षय रोग अधिकारी
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ब्लाॅकवार हाईरिस्क गांवों की सूची
ब्लॉक-- गांवों की सख्या
बिलासपुर-- 74
मिलक-- 31
स्वार-- 61
शाहबाद-- 19
टांडा-- 17
सैदनगर-- 42
चमरौआ-- 42
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऐसे लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिन्हें लंबे समय से खांसी, बुखार या कमजोरी की शिकायत है। यदि किसी व्यक्ति को एक सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी आ रही है या दवा लेने के बाद भी बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो उसकी तत्काल जांच कराई जा रही है।
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जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का तुरंत उपचार शुरू कराया जाएगा। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। विभाग का कहना है कि समय रहते बीमारी की पहचान होने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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जिले के 286 गांव हाईरिस्क श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में लगातार कैंप लगाकर मरीजों की जांच कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। -सत्यप्रकाश, जिला क्षय रोग अधिकारी
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