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Rampur News: सबसे ज्यादा इनकम देने वाले हरिद्वार व देहरादून रूट हुए बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सावन में कांवड़ यात्रा को देखते हुए रूट डायवर्जन होने से रोडवेज की आमदनी को झटका लगा है। सबसे ज्यादा इनकम देने वाले हरिद्वार और देहरादून के रूट को बंद करना पड़ा। इन रूटों पर 20 प्रतिशत भी राजस्व नहीं जुट पा रहा था। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद रूट के लिए घूमकर जाने से रोडवेज को अलग से घाटा हो रहा है।
सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा का असर अब रोडवेज डिपो की आमदनी पर दिखने लगा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की तरफ से किया गया रूट डायवर्जन किया गया है। अब दूसरे सोमवार की तैयारी शुरू हो चुकी है और डायवर्जन फिर से लागू कर दिया गया है। इससे परिवहन निगम को लगातार झटका लग रहा है। कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार और देहरादून रूट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस रूट पर चल रही दो-दो बसों से सबसे अधिक राजस्व आ रहा था, लेकिन अब कमाई 20 प्रतिशत भी नहीं रह गई थी। ऐसे में इन दोनों रूटों को बंद करना पड़ा। यहीं नहीं अन्य रूटों पर भी बसों की आमदनी घटी है। डायवर्जन की वजह से बरेली और मुरादाबाद के लिए बाईपास से पास हो रही हैं। रोडवेज बसों को निर्धारित मार्ग से न गुजारकर वैकल्पिक मार्गो से गुजारा जा रहा है। इस समय रोडवेज डिपो का लक्ष्य 12.65 लाख रुपये प्रतिदिन का है और डिपो को 7-8 लाख ही मिल पा रहा है। कम से कम तीन से चार लाख रुपये का रोजाना का झटका लग रहा है। डिपो की बसें अधिकतर खाली जा रही हैं और 25 सवारी का कोरम पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। इस डायवर्जन से रोडवेज को काफी नुकसान हो रहा है।
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रामपुर। सावन में कांवड़ यात्रा को देखते हुए रूट डायवर्जन होने से रोडवेज की आमदनी को झटका लगा है। सबसे ज्यादा इनकम देने वाले हरिद्वार और देहरादून के रूट को बंद करना पड़ा। इन रूटों पर 20 प्रतिशत भी राजस्व नहीं जुट पा रहा था। इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद रूट के लिए घूमकर जाने से रोडवेज को अलग से घाटा हो रहा है।
सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा का असर अब रोडवेज डिपो की आमदनी पर दिखने लगा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की तरफ से किया गया रूट डायवर्जन किया गया है। अब दूसरे सोमवार की तैयारी शुरू हो चुकी है और डायवर्जन फिर से लागू कर दिया गया है। इससे परिवहन निगम को लगातार झटका लग रहा है। कांवड़ यात्रा के चलते हरिद्वार और देहरादून रूट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस रूट पर चल रही दो-दो बसों से सबसे अधिक राजस्व आ रहा था, लेकिन अब कमाई 20 प्रतिशत भी नहीं रह गई थी। ऐसे में इन दोनों रूटों को बंद करना पड़ा। यहीं नहीं अन्य रूटों पर भी बसों की आमदनी घटी है। डायवर्जन की वजह से बरेली और मुरादाबाद के लिए बाईपास से पास हो रही हैं। रोडवेज बसों को निर्धारित मार्ग से न गुजारकर वैकल्पिक मार्गो से गुजारा जा रहा है। इस समय रोडवेज डिपो का लक्ष्य 12.65 लाख रुपये प्रतिदिन का है और डिपो को 7-8 लाख ही मिल पा रहा है। कम से कम तीन से चार लाख रुपये का रोजाना का झटका लग रहा है। डिपो की बसें अधिकतर खाली जा रही हैं और 25 सवारी का कोरम पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। इस डायवर्जन से रोडवेज को काफी नुकसान हो रहा है।
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