चंद्रशेखर को मिले Z+ सुरक्षा: भीम आर्मी की ये पांच मांग प्रशासन के लिए बना मुसीबत, तीन जुलाई तक का दिया वक्त
कानून व्यवस्था बनाने में भाजपा सरकार नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
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चंद्रशेखर पर हुए जानलेवा हमले के बाद भीम आर्मी ने प्रशासन के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने चंद्रशेखर को जेड़ प्लस सुरक्षा और हमलावरों पर रासुका लगाने सहित पांच मांग शासन और प्रशासन के समक्ष रखी हैं। ऐसा नहीं होने पर तीन जुलाई को जनपद में विरोध प्रदर्शन करने की बात दोहराई है। जिसमें जनपद से बाहर के भी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की बात कही जा रही है।
मीडिया को जारी लिखित बयान में विनय रतन सिंह ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर पर हुआ हमला सुनियोजित जानलेवा हमला है, जिससे देशभर में चंद्रशेखर के समर्थकों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर कई बार सहारनपुर एसएसपी, डीजीपी और मुख्यमंत्री को रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग को अनदेखा किया जाता रहा है। शासन और प्रशासन के शिथिल रवैये के कारण ही घटना हुई है। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन ने अब भी घटना को गंभीरता से नहीं लिया है। घटना भाजपा सरकार, स्थानीय थानाध्यक्ष, एलआईयू व खुफिया विभाग की विफलता का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था बनाने में भाजपा सरकार नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर जाति और मजहब के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
चेतावनी दी कि यदि संगठन की पांच मांगों पर अमल नहीं हुआ तो भीम आर्मी तीन जुलाई को संवैधानिक दायरे में रहते हुए सहारनपुर में बड़ा आंदोलन करेगी, जिसमें लाखों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंचेंगे।
-घटना के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए।
- चंद्रशेखर आजाद को गृह मंत्रालय से स्पेशल जेड सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाई जाए।
- मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।
- चंद्रशेखर आजाद व भीम आर्मी के उच्च पदाधिकारियों को पुलिस सुरक्षा एवं शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाएं।