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Saharanpur News: होली पर केमिकल रंगों से बिगड़ी चेहरे की रंगत, आंखें हुईं लाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:57 AM IST
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सहारनपुर। होली की मस्ती में लोगों ने केमिकल युक्त रंगों का खूब इस्तेमाल किया। रंग आंखों में पहुंचा तो आंख लाल होने के साथ जलन शुरू हो गई। चेहरे की रंगत बिगड़ गई। दाने निकल आने के साथ ही खुजली हो गई। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो सबसे ज्यादा संख्या आंख और त्वचा से संबंधित मरीज की थी।
एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी के पंजीकरण काउंटर पर सुबह आठ बजे से ही लाइन लग गई। मरीज व उनके परिजन चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगे थे। नेत्र रोग और त्वचा रोग विशेषज्ञ के साथ फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन थी। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक 1067 लोगों ने पर्चा बनाकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। अस्पताल की नेत्र ओपीडी में करीब 100 मरीजों ने चिकित्सक को दिखाया। इसमें 10 से 15 फीसदी लोग होली खेलने में आंख में गए रंग से पीड़ित थे।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस लाल ने बताया कि केमिकल रंग से आंखों में जलन होने के बाद यह लाल हो जाती है। होली पर केमिकल वाले रंगों के इस्तेमाल से आंखों के लिए समस्या उत्पन्न हो गई। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु शर्मा ने बृहस्पतिवार को ओपीडी में 172 मरीज पहुंचे। इनमें से सात मरीज ऐसे थे, जिनके चेहरे पर दाने और खुजली की शिकायत थी। यह समस्या होली पर केमिकल रंगों से खेलने पर हुई है।
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-- फाग पर कुत्तों ने काटा, पहुंचे अस्पताल
फाग पर लोगों ने खूब हुड़दंग मचाया। युवाओं की टोली बाइक लेकर गली-मोहल्लों मस्ती करते नजर आए। चेहरों पर रंग पुता होने के कारण कुत्ते अपने मालिकों तक को पहचान नहीं पाए। इसी वजह से उन्होंने कई लोगों को काट लिया। एसबीडी जिला अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन लगवाने के लिए अनेक लोग पहुंचे।
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एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी के पंजीकरण काउंटर पर सुबह आठ बजे से ही लाइन लग गई। मरीज व उनके परिजन चिकित्सक को दिखाने के लिए लाइन में लगे थे। नेत्र रोग और त्वचा रोग विशेषज्ञ के साथ फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन थी। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक 1067 लोगों ने पर्चा बनाकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। अस्पताल की नेत्र ओपीडी में करीब 100 मरीजों ने चिकित्सक को दिखाया। इसमें 10 से 15 फीसदी लोग होली खेलने में आंख में गए रंग से पीड़ित थे।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस लाल ने बताया कि केमिकल रंग से आंखों में जलन होने के बाद यह लाल हो जाती है। होली पर केमिकल वाले रंगों के इस्तेमाल से आंखों के लिए समस्या उत्पन्न हो गई। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु शर्मा ने बृहस्पतिवार को ओपीडी में 172 मरीज पहुंचे। इनमें से सात मरीज ऐसे थे, जिनके चेहरे पर दाने और खुजली की शिकायत थी। यह समस्या होली पर केमिकल रंगों से खेलने पर हुई है।
फाग पर लोगों ने खूब हुड़दंग मचाया। युवाओं की टोली बाइक लेकर गली-मोहल्लों मस्ती करते नजर आए। चेहरों पर रंग पुता होने के कारण कुत्ते अपने मालिकों तक को पहचान नहीं पाए। इसी वजह से उन्होंने कई लोगों को काट लिया। एसबीडी जिला अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन लगवाने के लिए अनेक लोग पहुंचे।
