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Saharanpur News: मोहब्बत जीती, परिजनों से नाता टूटा
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गंगोह। परिजनों द्वारा प्रेमी के बजाय किसी और से निकाह करने का दबाव बनाने पर जनपद शामली निवासी युवती गांव लखनौती में प्रेमी के घर पहुंच गई। बाद में हुई पंचायत में दोनों का निकाह करा दिया गया। हालांकि युवती के परिजन उससे नाता तोड़ कर वापस लौट गए।
परिजनों ने बताया कि लखनौती निवासी नौशाद और शामली जनपद के बसी क्षेत्र की रहने वाली साइमा का रिश्ता करीब तीन वर्ष पहले तय हुआ था। इस दौरान दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और संबंध प्रगाढ़ होते गए। हालांकि कुछ समय बाद युवती के परिजनों ने यह रिश्ता तोड़ दिया। नौशाद ने कई बार अपने परिजनों के साथ जाकर बात करने का प्रयास किया, लेकिन लड़की पक्ष तैयार नहीं हुआ। इसी बीच साइमा के परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, जिसका उसने विरोध किया। वह नौशाद से ही शादी करने की जिद पर अड गई। शनिवार सुबह करीब चार बजे साइमा ने नौशाद को फोन कर घर से निकलने की जानकारी दी, जिसके बाद वह गंगोह पहुंची और नौशाद उसे अपने घर ले आया। नौशाद के परिजनों ने युवती के परिवार को अवगत कराया।
इसके बाद समाजसेवी हाजी सलीम कुरैशी के आवास पर दोनों पक्षों की पंचायत आयोजित की गई, जहां दोनों परिवारों की बात सुनी गई। अंततः लड़की पक्ष ने निर्णय हाजी सलीम कुरैशी पर छोड़ दिया। हाजी सलीम कुरैशी ने दोनों की इच्छा और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने निवास पर ही नौशाद और साइमा का निकाह संपन्न कराया। इस दौरान हाजी नदीम, अरफात मलिक, हाजी सकील, सभासद फुरकान मंसूरी, मुस्तफा नाजिम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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परिजनों ने बताया कि लखनौती निवासी नौशाद और शामली जनपद के बसी क्षेत्र की रहने वाली साइमा का रिश्ता करीब तीन वर्ष पहले तय हुआ था। इस दौरान दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और संबंध प्रगाढ़ होते गए। हालांकि कुछ समय बाद युवती के परिजनों ने यह रिश्ता तोड़ दिया। नौशाद ने कई बार अपने परिजनों के साथ जाकर बात करने का प्रयास किया, लेकिन लड़की पक्ष तैयार नहीं हुआ। इसी बीच साइमा के परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, जिसका उसने विरोध किया। वह नौशाद से ही शादी करने की जिद पर अड गई। शनिवार सुबह करीब चार बजे साइमा ने नौशाद को फोन कर घर से निकलने की जानकारी दी, जिसके बाद वह गंगोह पहुंची और नौशाद उसे अपने घर ले आया। नौशाद के परिजनों ने युवती के परिवार को अवगत कराया।
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इसके बाद समाजसेवी हाजी सलीम कुरैशी के आवास पर दोनों पक्षों की पंचायत आयोजित की गई, जहां दोनों परिवारों की बात सुनी गई। अंततः लड़की पक्ष ने निर्णय हाजी सलीम कुरैशी पर छोड़ दिया। हाजी सलीम कुरैशी ने दोनों की इच्छा और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने निवास पर ही नौशाद और साइमा का निकाह संपन्न कराया। इस दौरान हाजी नदीम, अरफात मलिक, हाजी सकील, सभासद फुरकान मंसूरी, मुस्तफा नाजिम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।