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Saharanpur News: दसवीं की फर्जी मार्कशीट से डॉक विभाग में पाई नौकरी, प्राथमिकी दर्ज
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- पूर्वी उपमंडल निरीक्षक की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। दसवीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोप में देवबंद कोतवाली में एक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूर्वी उप मंडल के निरीक्षक मनीष कुमार राणा ने मामले में एसएसपी के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। उसी के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मनीष कुमार राणा की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया कि वर्ष 2023 में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती प्रक्रिया के तहत घलौली शाखा डाकघर में बुलंदशहर के सैदपुरा औरंगाबाद निवासी नवनीत कुमार दिवाकर का चयन हुआ था।
दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी की ओर से प्रस्तुत दसवीं की मार्कशीट की जांच की गई तो उसमें दर्ज जन्म तिथि, क्यूआर कोड और अन्य जानकारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं डिजिलॉकर के अभिलेखों से मेल नहीं खाए। संबंधित विद्यालय, माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय तथा अन्य संबंधित विभागों से कराए गए सत्यापन में भी प्रस्तुत अंकपत्र को फर्जी बताया गया। इसके बाद डाक विभाग ने मामले की जांच कर संबंधित अभिलेखों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की संस्तुति की। जांच अधिकारी कपिल देव ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर नवनीत दिवाकर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। दसवीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोप में देवबंद कोतवाली में एक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूर्वी उप मंडल के निरीक्षक मनीष कुमार राणा ने मामले में एसएसपी के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। उसी के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मनीष कुमार राणा की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया कि वर्ष 2023 में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती प्रक्रिया के तहत घलौली शाखा डाकघर में बुलंदशहर के सैदपुरा औरंगाबाद निवासी नवनीत कुमार दिवाकर का चयन हुआ था।
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दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी की ओर से प्रस्तुत दसवीं की मार्कशीट की जांच की गई तो उसमें दर्ज जन्म तिथि, क्यूआर कोड और अन्य जानकारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं डिजिलॉकर के अभिलेखों से मेल नहीं खाए। संबंधित विद्यालय, माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय तथा अन्य संबंधित विभागों से कराए गए सत्यापन में भी प्रस्तुत अंकपत्र को फर्जी बताया गया। इसके बाद डाक विभाग ने मामले की जांच कर संबंधित अभिलेखों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की संस्तुति की। जांच अधिकारी कपिल देव ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर नवनीत दिवाकर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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