UP: एक्सप्रेसवे बना मुसीबत, खेत का रास्ता बंद, किसान ने पेट्रोल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने बचाया
सहारनपुर के नागल क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास खेत का रास्ता बंद होने से आक्रोशित किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई।
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सहारनपुर जिले के नागल क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास खेत का रास्ता बंद होने से आक्रोशित एक किसान ने आत्मदाह का प्रयास कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों की सतर्कता से समय रहते किसान को बचा लिया गया और बड़ी घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार कपासी गांव निवासी किसान रजत चौधरी का खेत लाखनौर के पास एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया जाना है। इसके मद्देनजर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हाल ही में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सड़क किनारे लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर खेत की ओर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया।
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किसान रजत चौधरी का आरोप है कि रास्ता बंद होने के कारण वह अपने खेत तक नहीं पहुंच पा रहा है। उसके खेत में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है, लेकिन रास्ता बंद होने से वह फसल को खेत से बाहर नहीं निकाल पा रहा है। किसान का कहना है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समस्या बताई, लेकिन समाधान नहीं निकाला गया।
पुलिस की सतर्कता से टली घटना
शनिवार को किसान मौके पर पहुंचा और आक्रोश में आकर पुलिस के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। उसने लाइटर जलाने की कोशिश भी की, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उसे रोक लिया और समझाकर शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने पर एनएचएआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान को आश्वासन दिया कि उसके खेत तक पहुंचने के लिए जल्द ही वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद किसान शांत हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं को सुना जाए और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तो इस तरह की नौबत नहीं आएगी। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाल लिया गया है।