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Saharanpur News: पटाखा फैक्टरी विस्फोट के मामले में मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
Sun, 26 Jul 2026 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:24 AM IST
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गंगोह। कुंडाबसी गांव स्थित राणा फायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार शाम हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने फैक्टरी मालिक हसन के खिलाफ लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, लापता हुए दोनों मजदूरों का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका। घटनास्थल के आसपास से शवों के जो अवशेष मिले थे उनका डीएनए कराया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि यह अवशेष दोनों मृत ठेकेदारों के हैं, जिनके शव मिल चुके हैं या फिर लापता मजदूरों के।
कुंडा कलां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें में बताया गया है कि शुक्रवार शाम ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो फैक्टरी के दो कमरे और टिनशेड पूरी तरह उड़ चुके थे। निरीक्षण में प्रथम दृष्टया सामने आया कि फैक्टरी मालिक हसन निवासी असालतपुर फर्रुखनगर, थाना टीला मोड़, गाजियाबाद द्वारा लाइसेंस की शर्तों एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया। वहां पर मानक पूरे नहीं थे, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि फैक्टरी मालिक इस घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचे। पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
वहीं, शनिवार को पुलिस ने ठेकेदार दीपराज देवड़े और संदीप के शव का पोस्टमार्टम कराया। लापता मजदूर आकाश रावत और राहुल उर्फ लालू के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास बिखरे मिले मानव अवशेषों को भी सुरक्षित कर लिया गया है। इनकी डीएनए जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापता बताए जा रहे दोनों मजदूरों की भी हादसे में मौत हो गई या वह कहीं चले गए।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने पहुंचकर दर्ज किए बयान
शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार ने फैक्टरी में पहुंचे। वहां पर मजदूरों से उनकी उम्र, कार्य और रोजगार संबंधी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मजदूरों के बयान दर्ज कर यह भी जानने का प्रयास किया कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था, जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
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बारूद और पटाखे में पानी डालकर किए जा रहे नष्ट
हादसे के बाद शुक्रवार रात से लेकर शनिवार पूरे दिन तक फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें फैक्टरी परिसर में मौजूद रहीं। किसी और विस्फोट की आशंका को देखते हुए परिसर में रखे बारूद और तैयार पटाखों पर लगातार पानी डालकर उन्हें निष्क्रिय किया गया। फैक्टरी के आसपास किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं जाने दिया गया।
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यह था मामला
शुक्रवार शाम कुंडाबसी गांव स्थित राणा फायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में बारूद का मसाला तैयार करते समय भीषण विस्फोट हो गया था। हादसे में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रहने वाले ठेकेदार दीपराज देवड़े (23) और संदीप (25) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं खरगोन जिले के आकाश रावत और खंडवा जिला निवासी राहुल उर्फ लालू घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश और पहचान की कार्रवाई जारी है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्टरी के चार कमरे और टिनशेड उड़ गए तथा शवों के अवशेष दूर-दूर तक बिखर गए।
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लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास बिखरे मिले मानव अवशेषों को सुरक्षित कर लिया गया है। उनका डीएनए कराया जाएगा। वहीं, फैक्टरी मालिक की भी तलाश की जा रही है।
- शशिप्रकाश शर्मा, सीओ
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कुंडा कलां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें में बताया गया है कि शुक्रवार शाम ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो फैक्टरी के दो कमरे और टिनशेड पूरी तरह उड़ चुके थे। निरीक्षण में प्रथम दृष्टया सामने आया कि फैक्टरी मालिक हसन निवासी असालतपुर फर्रुखनगर, थाना टीला मोड़, गाजियाबाद द्वारा लाइसेंस की शर्तों एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया। वहां पर मानक पूरे नहीं थे, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 5/9-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि फैक्टरी मालिक इस घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचे। पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
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वहीं, शनिवार को पुलिस ने ठेकेदार दीपराज देवड़े और संदीप के शव का पोस्टमार्टम कराया। लापता मजदूर आकाश रावत और राहुल उर्फ लालू के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास बिखरे मिले मानव अवशेषों को भी सुरक्षित कर लिया गया है। इनकी डीएनए जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापता बताए जा रहे दोनों मजदूरों की भी हादसे में मौत हो गई या वह कहीं चले गए।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने पहुंचकर दर्ज किए बयान
शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार ने फैक्टरी में पहुंचे। वहां पर मजदूरों से उनकी उम्र, कार्य और रोजगार संबंधी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मजदूरों के बयान दर्ज कर यह भी जानने का प्रयास किया कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था, जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
बारूद और पटाखे में पानी डालकर किए जा रहे नष्ट
हादसे के बाद शुक्रवार रात से लेकर शनिवार पूरे दिन तक फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें फैक्टरी परिसर में मौजूद रहीं। किसी और विस्फोट की आशंका को देखते हुए परिसर में रखे बारूद और तैयार पटाखों पर लगातार पानी डालकर उन्हें निष्क्रिय किया गया। फैक्टरी के आसपास किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं जाने दिया गया।
यह था मामला
शुक्रवार शाम कुंडाबसी गांव स्थित राणा फायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में बारूद का मसाला तैयार करते समय भीषण विस्फोट हो गया था। हादसे में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रहने वाले ठेकेदार दीपराज देवड़े (23) और संदीप (25) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं खरगोन जिले के आकाश रावत और खंडवा जिला निवासी राहुल उर्फ लालू घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश और पहचान की कार्रवाई जारी है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्टरी के चार कमरे और टिनशेड उड़ गए तथा शवों के अवशेष दूर-दूर तक बिखर गए।
लापता मजदूरों की तलाश की जा रही है। घटनास्थल के आसपास बिखरे मिले मानव अवशेषों को सुरक्षित कर लिया गया है। उनका डीएनए कराया जाएगा। वहीं, फैक्टरी मालिक की भी तलाश की जा रही है।
- शशिप्रकाश शर्मा, सीओ