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Saharanpur News: मकान बिकवाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी
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- एसएसपी के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने दो नामजद व एक अज्ञात पर दर्ज की प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। छुटमलपुर की मुस्लिम कॉलोनी निवासी अब्दुल कुद्दस से मकान बिकवाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने दो नामजद व एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।
अब्दुल कुद्दस ने थाना कुतुबशेर में तहरीर देकर बताया कि स्थायी मकान छुटमलपुर की मुस्लिम कॉलोनी में है। मकान का क्षेत्रफल 46.67 वर्ग गज था। आरोपी है कि मकान का दानपत्र गुलबहार ने पत्नी नुसरत के नाम उपनिबंधक बेहट कार्यालय में पंजीकृत कराया था। पीड़ित को पड़ोसी रमजानी के जरिए मकान बिकाऊ होने की जानकारी मिली। इसके बाद आठ अक्तूबर 2023 को 14.40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोप है कि सौदे के तहत 10 हजार रुपये फोन-पे और 11 अक्तूबर 2023 को 4.90 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए गए।
इस तरह पांच लाख रुपये बतौर बयाना अदा किए गए। नवंबर 2024 में विपक्षियों ने अपनी मजबूरी बताकर दो लाख रुपये नकद और ले लिए। सात लाख रुपये देने के बावजूद न तो बैनामा कराया गया और न ही मकान का कब्जा दिया गया। पीड़ित ने कब्जा लेने का प्रयास किया तो विपक्षियों के अन्य परिजनों ने मकान पर अपना कब्जा बताते हुए साफ इनकार कर दिया। पंचायत में जनवरी 2025 तक रकम लौटाने का वादा किया गया, लेकिन इसके बावजूद रुपये वापस नहीं किए गए। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने नुसरत, नमरा रोशनी और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही जांच शुरू कर दी है।
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सहारनपुर। छुटमलपुर की मुस्लिम कॉलोनी निवासी अब्दुल कुद्दस से मकान बिकवाने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने दो नामजद व एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।
अब्दुल कुद्दस ने थाना कुतुबशेर में तहरीर देकर बताया कि स्थायी मकान छुटमलपुर की मुस्लिम कॉलोनी में है। मकान का क्षेत्रफल 46.67 वर्ग गज था। आरोपी है कि मकान का दानपत्र गुलबहार ने पत्नी नुसरत के नाम उपनिबंधक बेहट कार्यालय में पंजीकृत कराया था। पीड़ित को पड़ोसी रमजानी के जरिए मकान बिकाऊ होने की जानकारी मिली। इसके बाद आठ अक्तूबर 2023 को 14.40 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोप है कि सौदे के तहत 10 हजार रुपये फोन-पे और 11 अक्तूबर 2023 को 4.90 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए गए।
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इस तरह पांच लाख रुपये बतौर बयाना अदा किए गए। नवंबर 2024 में विपक्षियों ने अपनी मजबूरी बताकर दो लाख रुपये नकद और ले लिए। सात लाख रुपये देने के बावजूद न तो बैनामा कराया गया और न ही मकान का कब्जा दिया गया। पीड़ित ने कब्जा लेने का प्रयास किया तो विपक्षियों के अन्य परिजनों ने मकान पर अपना कब्जा बताते हुए साफ इनकार कर दिया। पंचायत में जनवरी 2025 तक रकम लौटाने का वादा किया गया, लेकिन इसके बावजूद रुपये वापस नहीं किए गए। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने नुसरत, नमरा रोशनी और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही जांच शुरू कर दी है।
