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Saharanpur News: जुर्माना देना मंजूर, नहीं करा रहे प्रदूषण की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:35 AM IST
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सहारनपुर। तमाम चेकिंग और जागरुकता अभियान के बावजूद लोग सुधर नहीं रहे हैं। हालत यह है कि लोगों को जुर्माना देना मंजूर है, लेकिन वाहनों की समय पर जांच कराना नहीं। संभागीय परिवहन विभाग ने वर्ष 2025 में 310 वाहनों का बिना प्रदूषण चालान कर 31 लाख रुपये जुर्माना लगाया। इतनी राशि में तो करीब 38 हजार वाहनों की प्रदूषण जांच हो जाती।
एआरटीओ प्रवर्तन एमपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में ओवरलोडिंग, वाहन फिटनेस, परमिट शर्ताें का उल्लंघन, ऑटो, ई-रिक्शा, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के 4218 मामलों में कार्रवाई हुई, जिसमें 7.38 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। वायु प्रदूषण के 310 मामलों में 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वाहन की प्रदूषण जांच औसतन 100 रुपये में हो जाती है, जबकि पकड़े जाने बिना प्रदूषण 10 हजार रुपये का जुर्माना लगता है। 31 लाख में करीब 38 हजार वाहनों की प्रदूषण जांच हो जाती है, लेकिन इन वाहन मालिकों ने जुर्माना भरना मंजूर रहा।
इसके अलावा ओवरलोडिंग पर 929 मामलों में कार्रवाई की गई। इन पर 5.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर वसूला गया, जो कुल वसूली का लगभग 70 फीसदी है। 1093 मामलों में कार्रवाई कर 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। शहरी परिवहन की रीढ़ माने जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई। ऑटो के 579 मामलों में 30.68 लाख और ई-रिक्शा के 1081 मामलों में 42.13 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। परमिट शर्तों का उल्लंघन करने के 164 मामलों में 6.49 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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एआरटीओ प्रवर्तन एमपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में ओवरलोडिंग, वाहन फिटनेस, परमिट शर्ताें का उल्लंघन, ऑटो, ई-रिक्शा, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के 4218 मामलों में कार्रवाई हुई, जिसमें 7.38 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। वायु प्रदूषण के 310 मामलों में 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वाहन की प्रदूषण जांच औसतन 100 रुपये में हो जाती है, जबकि पकड़े जाने बिना प्रदूषण 10 हजार रुपये का जुर्माना लगता है। 31 लाख में करीब 38 हजार वाहनों की प्रदूषण जांच हो जाती है, लेकिन इन वाहन मालिकों ने जुर्माना भरना मंजूर रहा।
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इसके अलावा ओवरलोडिंग पर 929 मामलों में कार्रवाई की गई। इन पर 5.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर वसूला गया, जो कुल वसूली का लगभग 70 फीसदी है। 1093 मामलों में कार्रवाई कर 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। शहरी परिवहन की रीढ़ माने जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई। ऑटो के 579 मामलों में 30.68 लाख और ई-रिक्शा के 1081 मामलों में 42.13 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। परमिट शर्तों का उल्लंघन करने के 164 मामलों में 6.49 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
