{"_id":"6a5149e8b3566051140e3a69","slug":"villagers-left-confined-to-the-village-deprived-even-of-basic-amenities-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-179336-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: गांव में कैद होकर रह गए ग्रामीण, सुविधाओं को भी तरसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: गांव में कैद होकर रह गए ग्रामीण, सुविधाओं को भी तरसे
Sat, 11 Jul 2026 01:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। शिवालिक तलहटी में बसे गांव खुवासपुर का मिर्जापुर-खुवासपुर सड़क मार्ग बड़कला खोल (नदी) में आई बाढ़ के बाद दो साल पहले ध्वस्त हो गया था। इसके चलते हर बरसात में नदी में पानी का तेज बहाव आने पर ग्रामीण घर में ही कैद होकर रह जाते हैं। फिलहाल भी दो दिनों तक ग्रामीणों की आवाजाही बंद है।
गांव में मोबाइल टावर भी बंद है और बिजली आपूर्ति भी नाममात्र को हो रही है। ग्रामीणों की पीड़ा है कि उनके हालात देखने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रधान ने जेसीबी से रास्ते को किसी तरह से चलने लायक बनाया है। गांव में मोबाइल टावर भी शेरपुर पैलो गांव के टावर से जुड़ा हुआ है और थोड़ी सी भी बारिश होने के बाद मोबाइल के सिग्नल चले जाते हैं और बिजली आपूर्ति भी ठप हो जाती है। ऐसे में उनके सामने विकट समस्या बनी हुई है।
-- यह बोले ग्रामीण
- तैय्यब का कहना है कि पिछले 24 घंटे से नदी में आई बाढ़ के चलते तहसील मुख्यालय एवं कोतवाली से संपर्क कटा हुआ है।
- फिरोज चौधरी का कहना है कि अभी तो पूरी बरसात बाकी है। आने वाली बरसात में नदी के बाढ़ आने पर हालात और भी खराब होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
- मंसूर चौधरी का कहना है कि पिछले दो दिनों से उनकी किसी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी ने सुध नहीं ली है अभी तो बच्चों के स्कूल बंद हैं, लेकिन खुलने पर उन्हें स्कूल जाने में दिक्कत आएगी।
- रागिब चौधरी का कहना है कि पहले भी रास्ता ग्रामीणों ने ही पहल करके ठीक कराया था लगता है इस बार भी उन्हें ही पहल करनी होगी। कोई भी अधिकारी और नेता उनकी सुनने वाला नहीं है।
विज्ञापन
गांव में मोबाइल टावर भी बंद है और बिजली आपूर्ति भी नाममात्र को हो रही है। ग्रामीणों की पीड़ा है कि उनके हालात देखने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रधान ने जेसीबी से रास्ते को किसी तरह से चलने लायक बनाया है। गांव में मोबाइल टावर भी शेरपुर पैलो गांव के टावर से जुड़ा हुआ है और थोड़ी सी भी बारिश होने के बाद मोबाइल के सिग्नल चले जाते हैं और बिजली आपूर्ति भी ठप हो जाती है। ऐसे में उनके सामने विकट समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन
- तैय्यब का कहना है कि पिछले 24 घंटे से नदी में आई बाढ़ के चलते तहसील मुख्यालय एवं कोतवाली से संपर्क कटा हुआ है।
- फिरोज चौधरी का कहना है कि अभी तो पूरी बरसात बाकी है। आने वाली बरसात में नदी के बाढ़ आने पर हालात और भी खराब होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
- मंसूर चौधरी का कहना है कि पिछले दो दिनों से उनकी किसी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी ने सुध नहीं ली है अभी तो बच्चों के स्कूल बंद हैं, लेकिन खुलने पर उन्हें स्कूल जाने में दिक्कत आएगी।
- रागिब चौधरी का कहना है कि पहले भी रास्ता ग्रामीणों ने ही पहल करके ठीक कराया था लगता है इस बार भी उन्हें ही पहल करनी होगी। कोई भी अधिकारी और नेता उनकी सुनने वाला नहीं है।