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Sambhal News: ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई
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संभल। उत्तर प्रदेश के ग्राम चौकीदारों (ग्राम प्रहरियों) का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय को जनहित याचिका भेजी है। महेंद्र के अनुसार याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार को ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के ग्राम चौकीदारों को वर्तमान में प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय मिलता है, जबकि वे पुलिस प्रशासन के सहयोगी के रूप में गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों की सूचना देने और विभिन्न संवेदनशील मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद कई वर्षों से मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम चौकीदारों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी कार्य करना पड़ता है। कई बार पुलिस की कार्रवाई में उनका सहयोग लिया जाता है और थानों में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ही मानदेय की प्रक्रिया पूरी होती है। महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। महेंद्र ने बताया कि इससे पहले आगरा के ग्राम चौकीदारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने इस विषय को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला माना था। ब्यूरो
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याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के ग्राम चौकीदारों को वर्तमान में प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय मिलता है, जबकि वे पुलिस प्रशासन के सहयोगी के रूप में गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों की सूचना देने और विभिन्न संवेदनशील मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद कई वर्षों से मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम चौकीदारों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी कार्य करना पड़ता है। कई बार पुलिस की कार्रवाई में उनका सहयोग लिया जाता है और थानों में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ही मानदेय की प्रक्रिया पूरी होती है। महंगाई के दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। महेंद्र ने बताया कि इससे पहले आगरा के ग्राम चौकीदारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने इस विषय को राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला माना था। ब्यूरो
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