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Sambhal News: भैंसे का आतंक, एक को मारा, आठ को कर चुका है घायल
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जुनावई(संभल)। थाना क्षेत्र के गांव में खूंखार हुए छुट्टा भैंसे का आतंक बना हुआ है। इसने दो माह के अंदर नौ लोगों पर हमला कर घायल कर दिया, जिसमें एक किसान की मौत भी हो चुकी है। गांव के लोगों ने वन विभाग में भी इसकी शिकायत की और इसे पकड़ दूसरी जगह छोड़े जाने को कहा, लेकिन आतंक का पर्याय बना यह भैंसा अभी गांव के आसपास रहता है, जिससे लोगों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया है।
थाना क्षेत्र के काशीपुर करीब दो वर्ष पूर्व एक भैंसे को गांव के लोगों ने जंगल में छोड़ दिया था। अब वह बड़ा होकर खूंखार हो गया है। वह खेतों पर जाने वाले ग्रामीणों का दुश्मन बन गया है। वह आने जाने महिला व पुरुषों पर हमला कर देता है। यह भैंसा दो महीने के अंदर आठ लोगों को घायल कर चुका है और एक किसान की जान ले चुका है। थाना क्षेत्र के ग्राम करियामई के रहने वाले बुजुर्ग सियाराम को इस छुट्टा भैंसे ने हमला कर घायल कर दिया था। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान किसान की विगत 16 मार्च को मौत हो गई।
डेढ़ माह पहले काशीपुर गांव के हरिशंकर को खेत पर जाते समय रास्ते में इस भैंसे ने पीछे से दौड़ाते हुए जमीन पर गिरा लिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक माह पहले खेत पर जाते समय गांव के ही रामसिंह यादव को पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। बीस दिन पहले गांव के सत्यराम सिंह पांच दिन पहले चिकित्सक के पास दवा लेने जा रहे थे, तभी गांव में घूम रहे छुट्टा भैंसे ने हमला कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बच गए। पखवाड़ा पूर्व हरिओम की पत्नी मीना देवी खेत से घर आ रहीं थीं, तभी पीछे से आए छुट्टा भैंसा अपने सींगों पर उठा कर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गईं।
इसी तरह दो दिन पहले गांव के रहने वाले रामसिंह सागर अपने घर के दरवाजे पर खड़े हुए थे, तभी पीछे से आए भैंसे ने उन्हें अपने सींगों पर उठा कर दूर फेंक दिया। खुशीराम चौकीदार आठ दिन पहले घर से निकल कर परचून दुकान से सामान खरीदने के लिए जा रहे थे। पीछे से आए भैंसे ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया, मौके पर पहुंचे लोगों ने बमुश्किल उन्हें बचाया। दो दिन पहले ही गांव के बुजुर्ग भूरे सिंह गांव में मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए जा रहे थे, जिन्हें हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इसके अलावा पड़ोसी गांव अहरोला नवाजी के रहने वाले देवकरन की पत्नी आठ दिन पहले किसी काम जा रही थीं, भैंसे ने उन्हें दौड़ा लिया और हमला कर घायल कर दिया। लोगों ने इस खूंखार भैंसे को पकड़ने की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान किशनवीर सिंह ने बताया कि छुट्टा भैंसा दो महीने में कई लोगों को घायल कर चुका है। इस भैंसे को गांव से बाहर छोड़ना जरूरी हो गया है। यह भैंसा एक को मौत के घाट उतारने के साथ ही गांव के दर्जन भर महिला पुरुषों को घायल कर चुका है।
फाइल फोटो सहित गांव के बयान
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-काशीपुर के रहने वाले राहुल कुमार ने बताया छुट्टा भैंसे की दहशत से गांव के लोग रात में अपने घरों में दुबक कर सोते हैं। कोई भी बाहर खेत पर जाने से डरता है।
-गांव के ही कोमिल सिंह ने बताया छुट्टा भैंसा रात-दिन गांव के आसपास ही रहता है और इंसानों को देखते ही उनपर हमला कर देता है, जिससे लोगों में दहशत है।
-इसी गांव के रहने वाले बालकिशन सिंह ने बताया छुट्टा भैंसे की दहशत से स्कूल के बच्चे भी डरते हुए स्कूल तक पहुंचते हैं। वह बच्चों पर कभी हमला कर सकता है।
-इस संबंध में राजा राम ने बताया कि छुट्टा भैंसा खूंखार हो चुका है। वह अब तक दर्जन भर लोगों को हमला कर घायल कर चुका है। एक किसान की जान भी ले चुका है।
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हम लोग केवल वन क्षेत्र के जानवरों को ही पकड़ सकते हैं। गांव में छुट्टा घूम रहे जानवरों को पकड़ने का अधिकार नहीं है। फिर भी जानकारी की जाएगी।
बृज मोहन सिंह, रेंजर, विन विभाग
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थाना क्षेत्र के काशीपुर करीब दो वर्ष पूर्व एक भैंसे को गांव के लोगों ने जंगल में छोड़ दिया था। अब वह बड़ा होकर खूंखार हो गया है। वह खेतों पर जाने वाले ग्रामीणों का दुश्मन बन गया है। वह आने जाने महिला व पुरुषों पर हमला कर देता है। यह भैंसा दो महीने के अंदर आठ लोगों को घायल कर चुका है और एक किसान की जान ले चुका है। थाना क्षेत्र के ग्राम करियामई के रहने वाले बुजुर्ग सियाराम को इस छुट्टा भैंसे ने हमला कर घायल कर दिया था। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान किसान की विगत 16 मार्च को मौत हो गई।
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डेढ़ माह पहले काशीपुर गांव के हरिशंकर को खेत पर जाते समय रास्ते में इस भैंसे ने पीछे से दौड़ाते हुए जमीन पर गिरा लिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक माह पहले खेत पर जाते समय गांव के ही रामसिंह यादव को पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। बीस दिन पहले गांव के सत्यराम सिंह पांच दिन पहले चिकित्सक के पास दवा लेने जा रहे थे, तभी गांव में घूम रहे छुट्टा भैंसे ने हमला कर दिया, लेकिन वह किसी तरह बच गए। पखवाड़ा पूर्व हरिओम की पत्नी मीना देवी खेत से घर आ रहीं थीं, तभी पीछे से आए छुट्टा भैंसा अपने सींगों पर उठा कर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गईं।
इसी तरह दो दिन पहले गांव के रहने वाले रामसिंह सागर अपने घर के दरवाजे पर खड़े हुए थे, तभी पीछे से आए भैंसे ने उन्हें अपने सींगों पर उठा कर दूर फेंक दिया। खुशीराम चौकीदार आठ दिन पहले घर से निकल कर परचून दुकान से सामान खरीदने के लिए जा रहे थे। पीछे से आए भैंसे ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया, मौके पर पहुंचे लोगों ने बमुश्किल उन्हें बचाया। दो दिन पहले ही गांव के बुजुर्ग भूरे सिंह गांव में मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए जा रहे थे, जिन्हें हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इसके अलावा पड़ोसी गांव अहरोला नवाजी के रहने वाले देवकरन की पत्नी आठ दिन पहले किसी काम जा रही थीं, भैंसे ने उन्हें दौड़ा लिया और हमला कर घायल कर दिया। लोगों ने इस खूंखार भैंसे को पकड़ने की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान किशनवीर सिंह ने बताया कि छुट्टा भैंसा दो महीने में कई लोगों को घायल कर चुका है। इस भैंसे को गांव से बाहर छोड़ना जरूरी हो गया है। यह भैंसा एक को मौत के घाट उतारने के साथ ही गांव के दर्जन भर महिला पुरुषों को घायल कर चुका है।
फाइल फोटो सहित गांव के बयान
-काशीपुर के रहने वाले राहुल कुमार ने बताया छुट्टा भैंसे की दहशत से गांव के लोग रात में अपने घरों में दुबक कर सोते हैं। कोई भी बाहर खेत पर जाने से डरता है।
-गांव के ही कोमिल सिंह ने बताया छुट्टा भैंसा रात-दिन गांव के आसपास ही रहता है और इंसानों को देखते ही उनपर हमला कर देता है, जिससे लोगों में दहशत है।
-इसी गांव के रहने वाले बालकिशन सिंह ने बताया छुट्टा भैंसे की दहशत से स्कूल के बच्चे भी डरते हुए स्कूल तक पहुंचते हैं। वह बच्चों पर कभी हमला कर सकता है।
-इस संबंध में राजा राम ने बताया कि छुट्टा भैंसा खूंखार हो चुका है। वह अब तक दर्जन भर लोगों को हमला कर घायल कर चुका है। एक किसान की जान भी ले चुका है।
हम लोग केवल वन क्षेत्र के जानवरों को ही पकड़ सकते हैं। गांव में छुट्टा घूम रहे जानवरों को पकड़ने का अधिकार नहीं है। फिर भी जानकारी की जाएगी।
बृज मोहन सिंह, रेंजर, विन विभाग