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Sambhal News: खुले नालों के पास जलभराव हुआ तो राहगीरों की अटकी रहीं सांसें
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संभल। शहर के खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। यह नाले छह फीट गहरे और करीब तीन फीट चाैड़े हैं। बारिश के बाद हुए जलभराव में नाले कहां हैं, यह पता नहीं चलता है। ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, नगर पालिका परिषद ने नालों को स्लैब से कवर नहीं कराया। मंगलवार को झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जलभराव हुआ तो आवागमन के वक्त इन नालों के पास गुजरने वाले राहगीरों की सांसें अटकी रहीं। अतीत की बात करें तो, खुले नालों में हादसे भी हुए हैं। अगस्त 2022 में संभल बाईपास पर नाले में गिरने से असमोली के गांव मनोटा के तेलीपुरा मोहल्ला निवासी 17 वर्षीय फैजान और छह वर्षीय साहिल पुत्र आबिद दोनों भाइयों की मौत हो गई थी। कई हादसों में लोग खुश किस्मत रहे कि उनकी जान बच गई लेकिन नगरपालिका परिषद व प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। हालात यह है कि अब भी कई स्थानों पर खुले नाले हादसे को न्योता दे रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। हसनपुर रोड, चंदौसी रोड, रेलवे स्टेशन रोड हातिमसराय के अलावा नगर में ऐसे तमाम स्थान हैं, जहां पर नाले खुले हुए हैं। रोडवेज बस स्टैंड की ओर जाने वाला नाला भी खुला हुआ है। यह नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। 000000
-संभल-मुरादाबाद मार्ग : संभल में चंदौसी चौराहे से लेकर उप जिलाधिकारी कार्यालय, ब्लॉक, वाजिदपुरम के पास तक नाले का निर्माण हुआ है लेकिन इसे स्लैब से कवर कहीं नहीं किया गया है। नाला खुला हुआ है। रात के अंधेरे में यदि वाहन चालकों ने लापरवाही की तो कोई भी वाहन इसमें गिर सकता है।
-चौधरी सराय से चंदौसी चौराहे तक : नगर के मोहल्ला चौधरी सराय में चौराहे से चंदौसी चौराहे तक नाले का निर्माण हुआ है। इसे भी कहीं कवर नहीं किया गया है। यह खुला हुआ है। स्लैब न होने से हादसों का डर हर समय बना रहता है। बारिश अधिक होने पर सड़क और नाला एक सा दिखता है। कभी भी हादसा हो सकता है।
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-नाले के आसपास की जाती है बाउंड्री
आमतौर पर शहरी क्षेत्र में नाले के पास बाउंड्री कर दी जाती है। जिससे जलभराव होने पर यह अंदाजा लगाया जा सके कि नाले की हद कहां तक है। संभल नगर पालिका परिषद की ओर से ऐसी कोई एहतियात नहीं बरती गई है। जलभराव के बाद पूरा शहर तालाब की शक्ल ले लेता है। हादसा कहां हो जाए इसका खतरा पूरे शहर में रहता है।
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कोट
नालों को कवर कराने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। शंकर चौराहे से यशोदा चौराहे तक सड़क नए सिरे से बनेगी तो नाले को भी कवर कराते हुए बनवाया जाएगा। बाकी नालों को भी कवर कराएंगे। -आसिया मुशीर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, संभल
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-संभल-मुरादाबाद मार्ग : संभल में चंदौसी चौराहे से लेकर उप जिलाधिकारी कार्यालय, ब्लॉक, वाजिदपुरम के पास तक नाले का निर्माण हुआ है लेकिन इसे स्लैब से कवर कहीं नहीं किया गया है। नाला खुला हुआ है। रात के अंधेरे में यदि वाहन चालकों ने लापरवाही की तो कोई भी वाहन इसमें गिर सकता है।
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-चौधरी सराय से चंदौसी चौराहे तक : नगर के मोहल्ला चौधरी सराय में चौराहे से चंदौसी चौराहे तक नाले का निर्माण हुआ है। इसे भी कहीं कवर नहीं किया गया है। यह खुला हुआ है। स्लैब न होने से हादसों का डर हर समय बना रहता है। बारिश अधिक होने पर सड़क और नाला एक सा दिखता है। कभी भी हादसा हो सकता है।
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-नाले के आसपास की जाती है बाउंड्री
आमतौर पर शहरी क्षेत्र में नाले के पास बाउंड्री कर दी जाती है। जिससे जलभराव होने पर यह अंदाजा लगाया जा सके कि नाले की हद कहां तक है। संभल नगर पालिका परिषद की ओर से ऐसी कोई एहतियात नहीं बरती गई है। जलभराव के बाद पूरा शहर तालाब की शक्ल ले लेता है। हादसा कहां हो जाए इसका खतरा पूरे शहर में रहता है।
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कोट
नालों को कवर कराने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। शंकर चौराहे से यशोदा चौराहे तक सड़क नए सिरे से बनेगी तो नाले को भी कवर कराते हुए बनवाया जाएगा। बाकी नालों को भी कवर कराएंगे। -आसिया मुशीर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, संभल