फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Commuters held their breath as water accumulated near open drains

Sambhal News: खुले नालों के पास जलभराव हुआ तो राहगीरों की अटकी रहीं सांसें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
Commuters held their breath as water accumulated near open drains
संभल। शहर के खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। यह नाले छह फीट गहरे और करीब तीन फीट चाैड़े हैं। बारिश के बाद हुए जलभराव में नाले कहां हैं, यह पता नहीं चलता है। ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, नगर पालिका परिषद ने नालों को स्लैब से कवर नहीं कराया। मंगलवार को झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जलभराव हुआ तो आवागमन के वक्त इन नालों के पास गुजरने वाले राहगीरों की सांसें अटकी रहीं। अतीत की बात करें तो, खुले नालों में हादसे भी हुए हैं। अगस्त 2022 में संभल बाईपास पर नाले में गिरने से असमोली के गांव मनोटा के तेलीपुरा मोहल्ला निवासी 17 वर्षीय फैजान और छह वर्षीय साहिल पुत्र आबिद दोनों भाइयों की मौत हो गई थी। कई हादसों में लोग खुश किस्मत रहे कि उनकी जान बच गई लेकिन नगरपालिका परिषद व प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। हालात यह है कि अब भी कई स्थानों पर खुले नाले हादसे को न्योता दे रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। हसनपुर रोड, चंदौसी रोड, रेलवे स्टेशन रोड हातिमसराय के अलावा नगर में ऐसे तमाम स्थान हैं, जहां पर नाले खुले हुए हैं। रोडवेज बस स्टैंड की ओर जाने वाला नाला भी खुला हुआ है। यह नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। 000000
विज्ञापन

-संभल-मुरादाबाद मार्ग : संभल में चंदौसी चौराहे से लेकर उप जिलाधिकारी कार्यालय, ब्लॉक, वाजिदपुरम के पास तक नाले का निर्माण हुआ है लेकिन इसे स्लैब से कवर कहीं नहीं किया गया है। नाला खुला हुआ है। रात के अंधेरे में यदि वाहन चालकों ने लापरवाही की तो कोई भी वाहन इसमें गिर सकता है।
विज्ञापन

-चौधरी सराय से चंदौसी चौराहे तक : नगर के मोहल्ला चौधरी सराय में चौराहे से चंदौसी चौराहे तक नाले का निर्माण हुआ है। इसे भी कहीं कवर नहीं किया गया है। यह खुला हुआ है। स्लैब न होने से हादसों का डर हर समय बना रहता है। बारिश अधिक होने पर सड़क और नाला एक सा दिखता है। कभी भी हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-नाले के आसपास की जाती है बाउंड्री

आमतौर पर शहरी क्षेत्र में नाले के पास बाउंड्री कर दी जाती है। जिससे जलभराव होने पर यह अंदाजा लगाया जा सके कि नाले की हद कहां तक है। संभल नगर पालिका परिषद की ओर से ऐसी कोई एहतियात नहीं बरती गई है। जलभराव के बाद पूरा शहर तालाब की शक्ल ले लेता है। हादसा कहां हो जाए इसका खतरा पूरे शहर में रहता है।


0000
कोट
नालों को कवर कराने का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। शंकर चौराहे से यशोदा चौराहे तक सड़क नए सिरे से बनेगी तो नाले को भी कवर कराते हुए बनवाया जाएगा। बाकी नालों को भी कवर कराएंगे। -आसिया मुशीर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed