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Sambhal News: छह माह से रखे हैं फुट ओवरब्रिज के हिस्से, अब तक नहीं जोड़े गए
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चंदौसी(संभल)। भारत अमृत स्टेशन योजना के तहत रेलवे ट्रैक पार करने के लिए स्टेशन पर एक दूसरा फुट ओवरब्रिज बनाया जाना है। 12 मीटर चौड़े इस पुल के हिस्से लखनऊ स्थित रेलवे की लखनऊ स्थित ब्रिज वर्कशाॅप में तैयार ब्रिज के हिस्से यहां छह महीने से पड़े। लेकिन इन्हें अभी तक फिट नहीं किया जा सका है। छह महीने में केवल ढांचा ही तैयार हो सका है। अभी और कितना समय लगेगा नहीं कहा जा सकता।
रेल मंत्रालय की भारत अमृत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन का कायाकल्प कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल शिलान्यास व संवाद किया था। परिसर के आसपास बने क्वार्टरों को तोड़कर सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया जाना, मुख्य प्रवेश प्रवेश द्वार, दिव्यांगजनों के लिए शौचालय सुविधा, मुख्य द्वार के सामने सौंदर्यीकरण, एसी वेटिंग हॉल, पुरुष एवं महिलाओं के लिए नए शौचालय ब्लाक बनाया जाना, एरिया में पार्किंग क्षेत्र और रैंप के साथ ही 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था।
रेलवे स्टेशन पर होने वाले इन कार्यों पर करीब 21 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च का बजट पास हुआ था। जब काम शुरू हुआ तो बताया गया कि एक वर्ष सभी काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन बेहद धीमी गति से काम चला और दो वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
इसी योजना के तहत करीब सवा तीन करोड़ की लागत से फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराने के लिए लखनऊ ब्रिज वर्कशाॅप को पैसा भेजा गया था। वहां से करीब एक साल में ढांचा बनकर आया और फिर उसे जोड़ने का काम शुरू हुआ। अब इस काम में छह महीने का समय हो चुका है, लेकिन अभी इस पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। स्टेशन परिसर में भी अभी तक काफी काम अधूरा पड़ा है।
डीआरएम ने हर बार अपने दौरे के दौरान ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने की हिदायत दी, लेकिन काम की स्पीड नहीं बढ़ सकी। आखिर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम कब तक पूरा हो पाएगा नहीं कहा जा सकता। स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
रेलवे के एडीईएन सुभाष श्रीवास्तव ने बताया कि फुट ओवरब्रिज पर काम चल रहा जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। स्टेशन पर अन्य निर्माण कार्य भी लगभग नब्बे फीसदी पूरा हो चुका है।
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रेलवे स्टेशन पर होने वाले इन कार्यों पर करीब 21 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च का बजट पास हुआ था। जब काम शुरू हुआ तो बताया गया कि एक वर्ष सभी काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन बेहद धीमी गति से काम चला और दो वर्ष बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
इसी योजना के तहत करीब सवा तीन करोड़ की लागत से फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराने के लिए लखनऊ ब्रिज वर्कशाॅप को पैसा भेजा गया था। वहां से करीब एक साल में ढांचा बनकर आया और फिर उसे जोड़ने का काम शुरू हुआ। अब इस काम में छह महीने का समय हो चुका है, लेकिन अभी इस पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। स्टेशन परिसर में भी अभी तक काफी काम अधूरा पड़ा है।
डीआरएम ने हर बार अपने दौरे के दौरान ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने की हिदायत दी, लेकिन काम की स्पीड नहीं बढ़ सकी। आखिर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम कब तक पूरा हो पाएगा नहीं कहा जा सकता। स्थानीय स्तर पर अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
रेलवे के एडीईएन सुभाष श्रीवास्तव ने बताया कि फुट ओवरब्रिज पर काम चल रहा जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। स्टेशन पर अन्य निर्माण कार्य भी लगभग नब्बे फीसदी पूरा हो चुका है।
