{"_id":"69b08873928a956d0302111b","slug":"insurance-companies-are-breaking-agreements-shipping-charges-are-increasing-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-133030-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: निर्यातकों पर बोझ, इंश्योरेंस कंपनियां तोड़ रहीं करार, शिपिंग का बढ़ा चार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: निर्यातकों पर बोझ, इंश्योरेंस कंपनियां तोड़ रहीं करार, शिपिंग का बढ़ा चार्ज
विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। संभल से हड्डी-सींग और लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात करने वाले निर्यातकों की अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से मुश्किल बढ़ गई हैं। माल का इंश्योरेंस करने वाली कंपनियां करार तोड़ रही हैं और शिपिंग कंपनी माल डिलीवरी करने का अतिरिक्त चार्ज वसूलने लगी हैं। बड़े कंटेनर पर तीन लाख रुपये अतिरिक्त का बिल बनाया जा रहा है। जबकि छोटे कंटेनर पर डेढ़ लाख रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं।
युद्ध के कारण नए ऑर्डर मिल नहीं रहे और जो ऑर्डर भेजे जाने थे वह होल्ड करा दिए गए हैं। निर्यातकों के सामने हर तरफ से चुनौती है। निर्यातकों का कहना है कि जंग नहीं रुकी तो निर्यातकों की कमर टूट जाएगी। छोटे कारोबारियों का संभलना मुश्किल हो जाएगा।
दरअसल संभल से अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया में सबसे ज्यादा निर्यात किया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष में हस्तशिल्प का करीब चार हजार करोड़ का रहा था। इसमें 70 प्रतिशत निर्यात किया गया था। इस वर्ष अमेरिका के टैरिफ का असर रहा तो ऑर्डर होल्ड कर दिए गए थे। अब अमेरिका- इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया। शिपिंग का रास्ता फिलहाल बंद कर दिया गया है। अब नए ऑर्डर मिलने बंद हो गए और पुराने ऑर्डर जो रास्ते में है वह फंस गए हैं। जो ऑर्डर अभी डिलीवरी के लिए नहीं निकले थे उनको होल्ड करा दिया गया है। निर्यातकों की चिंता यह है कि यह युद्ध लंबा चला तो कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
000000000000
नए ऑर्डर तो इस समय मिलना है नहीं। जो ऑर्डर डिलीवरी के जा रहे थे वह रोक दिए गए हैं। जबकि इस समय पश्चिम एशिया से ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं। जंग के चलते निर्यात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जंग रुकनी चाहिए। जंग हल नहीं है। कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
-ताहिर सलामी, अध्यक्ष, हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन, संभल
00000000
इंश्योरेंस कंपनियाें ने अपने करार तोड़ दिए हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त चार्ज वसूल करने लगी हैं। नए ऑर्डर मिलने नहीं है। पुराने ऑर्डर जो डिलीवरी करने थे उनको होल्ड करा दिया गया है। निर्यात यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया में किया जाता है।
-कमल कौशल वार्ष्णेय, निर्यातक, संभल
0000000
पहले अमेरिका के टैरिफ से निर्यात प्रभावित रहा और अब जंग से पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यूरोप से कारोबारी आने वाले थे लेकिन युद्ध को देखते हुए उन्होंने आने से इन्कार कर दिया है। कारोबार पर पूरी तरह असर है।
-अरविंद अरोरा, निर्यातक, संभल
00000
जर्मनी और नोएडा में फेयर लगी थी। इससे करीब 100 करोड़ के ऑर्डर संभल को मिल जाते। 20 दिन के अंदर ही जंग शुरू हो गई तो किसी भी निर्यातक को कोई ऑर्डर नहीं मिला है। निर्यातकों के सामने ज्यादा मुश्किल आ रही है। जंग नहीं रुकी तो लंबे समय तक कारोबार प्रभावित होगा।
-सुहैल परवेज, निर्यातक, संभल
Trending Videos
युद्ध के कारण नए ऑर्डर मिल नहीं रहे और जो ऑर्डर भेजे जाने थे वह होल्ड करा दिए गए हैं। निर्यातकों के सामने हर तरफ से चुनौती है। निर्यातकों का कहना है कि जंग नहीं रुकी तो निर्यातकों की कमर टूट जाएगी। छोटे कारोबारियों का संभलना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल संभल से अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया में सबसे ज्यादा निर्यात किया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष में हस्तशिल्प का करीब चार हजार करोड़ का रहा था। इसमें 70 प्रतिशत निर्यात किया गया था। इस वर्ष अमेरिका के टैरिफ का असर रहा तो ऑर्डर होल्ड कर दिए गए थे। अब अमेरिका- इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया। शिपिंग का रास्ता फिलहाल बंद कर दिया गया है। अब नए ऑर्डर मिलने बंद हो गए और पुराने ऑर्डर जो रास्ते में है वह फंस गए हैं। जो ऑर्डर अभी डिलीवरी के लिए नहीं निकले थे उनको होल्ड करा दिया गया है। निर्यातकों की चिंता यह है कि यह युद्ध लंबा चला तो कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
000000000000
नए ऑर्डर तो इस समय मिलना है नहीं। जो ऑर्डर डिलीवरी के जा रहे थे वह रोक दिए गए हैं। जबकि इस समय पश्चिम एशिया से ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं। जंग के चलते निर्यात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जंग रुकनी चाहिए। जंग हल नहीं है। कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
-ताहिर सलामी, अध्यक्ष, हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन, संभल
00000000
इंश्योरेंस कंपनियाें ने अपने करार तोड़ दिए हैं। शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त चार्ज वसूल करने लगी हैं। नए ऑर्डर मिलने नहीं है। पुराने ऑर्डर जो डिलीवरी करने थे उनको होल्ड करा दिया गया है। निर्यात यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया में किया जाता है।
-कमल कौशल वार्ष्णेय, निर्यातक, संभल
0000000
पहले अमेरिका के टैरिफ से निर्यात प्रभावित रहा और अब जंग से पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यूरोप से कारोबारी आने वाले थे लेकिन युद्ध को देखते हुए उन्होंने आने से इन्कार कर दिया है। कारोबार पर पूरी तरह असर है।
-अरविंद अरोरा, निर्यातक, संभल
00000
जर्मनी और नोएडा में फेयर लगी थी। इससे करीब 100 करोड़ के ऑर्डर संभल को मिल जाते। 20 दिन के अंदर ही जंग शुरू हो गई तो किसी भी निर्यातक को कोई ऑर्डर नहीं मिला है। निर्यातकों के सामने ज्यादा मुश्किल आ रही है। जंग नहीं रुकी तो लंबे समय तक कारोबार प्रभावित होगा।
-सुहैल परवेज, निर्यातक, संभल