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Sambhal News: गंगा में डूबे मुंशी का दूसरे दिन भी नहीं लगा सुराग
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जुनावई। जुनावई क्षेत्र के असदपुर गंगा घाट पर स्नान करते हुए मंगलवार को डूबे खनन मुंशी का बुधवार को भी पता नहीं चला।
तलाश के लिए दो स्टीमर एनडीआरएफ तो एक स्टीमर ठेकेदार की तरफ से लगाया गया। सात गोताखोर थाना पुलिस एवं पांच गोताखोर ठेकेदार की तरफ से लगाकर शाम तक सर्च अभियान चलाया गया। 32 घंटे बीतने के बाद भी मुंशी का अता पता नहीं चला।
असदपुर गंगा घाट पर खनन के लिए एसएस मेजर्स इंफ्राटेक कंपनी के राजकुमार शर्मा के नाम से ठेका हुआ था। खनन की शुरुआत किए जाने के लिए खनन मुंशी प्रबल चौहान उर्फ प्रवीन कुमार तथा साइड इंचार्ज अशोक पारासरी सहित चार लोग मंगलवार की सुबह साइट देखने असदपुर गंगा घाट पर पहुंचे। सुबह साढे़ नौ बजे प्रबल ने स्नान करने की इच्छा जाहिर की।
इस दौरान वह डूबने लगे। प्रबल को बचाने पहुंचे अशोक पारासरी एवं महेश भी डूबने लगे। देखते ही देखते मुंशी लोगों की नजरों से ओझल हो गए। पुलिस ने एनडीआरएफ टीम गोताखोरों की मदद से बीते दिन भी डूबे हुए युवक की तलाश कराई गई। बुधवार को एनडीआरएफ टीम की तरफ से दो स्टीमर एवं एक स्टीमर चलाकर डूबे हुए युवक की तलाश की गई।
थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान की तरफ से सात स्थानीय गोताखोर तो पांच गोताखोर ठेकेदार की तरफ से लगाने के उपरांत सर्च अभियान चलाया गया। परंतु 32 घंटे का समय बीतने के बाद भी मुंशी का कहीं अता-पता नहीं चल सका है। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया, स्टीमर और गोताखोरों को लगा कर डूबे हुए मुंशी की तलाश कराई गई लेकिन बुधवार तक पता नहीं चल सका है।
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तलाश के लिए दो स्टीमर एनडीआरएफ तो एक स्टीमर ठेकेदार की तरफ से लगाया गया। सात गोताखोर थाना पुलिस एवं पांच गोताखोर ठेकेदार की तरफ से लगाकर शाम तक सर्च अभियान चलाया गया। 32 घंटे बीतने के बाद भी मुंशी का अता पता नहीं चला।
असदपुर गंगा घाट पर खनन के लिए एसएस मेजर्स इंफ्राटेक कंपनी के राजकुमार शर्मा के नाम से ठेका हुआ था। खनन की शुरुआत किए जाने के लिए खनन मुंशी प्रबल चौहान उर्फ प्रवीन कुमार तथा साइड इंचार्ज अशोक पारासरी सहित चार लोग मंगलवार की सुबह साइट देखने असदपुर गंगा घाट पर पहुंचे। सुबह साढे़ नौ बजे प्रबल ने स्नान करने की इच्छा जाहिर की।
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इस दौरान वह डूबने लगे। प्रबल को बचाने पहुंचे अशोक पारासरी एवं महेश भी डूबने लगे। देखते ही देखते मुंशी लोगों की नजरों से ओझल हो गए। पुलिस ने एनडीआरएफ टीम गोताखोरों की मदद से बीते दिन भी डूबे हुए युवक की तलाश कराई गई। बुधवार को एनडीआरएफ टीम की तरफ से दो स्टीमर एवं एक स्टीमर चलाकर डूबे हुए युवक की तलाश की गई।
थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान की तरफ से सात स्थानीय गोताखोर तो पांच गोताखोर ठेकेदार की तरफ से लगाने के उपरांत सर्च अभियान चलाया गया। परंतु 32 घंटे का समय बीतने के बाद भी मुंशी का कहीं अता-पता नहीं चल सका है। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया, स्टीमर और गोताखोरों को लगा कर डूबे हुए मुंशी की तलाश कराई गई लेकिन बुधवार तक पता नहीं चल सका है।
