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Sambhal News: डीएम कार्यालय के बरामदे में धरने पर बैठे भाकियू टिकैत के पदाधिकारी
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बहजोई। जिला प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन, टिकैत के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय के बरामदे में धरना दिया। इस बीच, पदाधिकारियों की ओर से जमकर नारेबाजी की गई।
मंगलवार को दोपहर भाकियू टिकैत के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के बरामद में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदेश सचिव ने बताया कि 21 जुलाई में हुए धरना प्रदर्शन के दौरान एडीएम व एएसपी से हुई वार्ता के दौरान तय हुआ था कि 27 जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता होगी। बावजूद इसके 27 जुलाई को जानकारी मिली कि अब वार्ता 28 जुलाई को होगी। इसके बाद, वह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पर पहुंच गए।
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प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पहले प्रशासन की ओर से बैठक में कुछ पदाधिकारियों के साथ वार्ता करने की बात कही गई, लेकिन डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अधिकारियों के सामने किसानों के मुद्दे रखने को बात होनी थी। इसको लेकर वह पदाधिकारियों व किसानों के साथ डीएम कार्यालय पर पहुंच गए। इसके बाद, प्रशासन की ओर से वार्ता को लेकर अनदेखी करने पर पदाधिकारी व किसान डीएम कार्यालय के बरामदे में बैठ गए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नारेबाजी होने लगी। इसके बाद करीब ढाई बजे प्रशासन के बुलाने पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट सभागार में हुई वार्ता में शामिल हुए और डीएम के सामने किसानों की समस्याएं रखीं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस बीच डीएम के सामने खाद, चकबंदी व गुन्नौर क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी की जांच आदि उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इस बीच, करीब आधा घंटे तक हुई वार्ता के दौरान डीएम ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इस बीच, जिलाध्यक्ष मनपाल सिंह समेत उदयवीर सिंह यादव, रामवीर सिंह, मुकेश यादव, अमरसिंह राजपूत, चंद्रपाल सिंह, महेश यादव, मुनेंद्र सिंह यादव व जबर सिंह यादव आदि रहे।
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मंगलवार को दोपहर भाकियू टिकैत के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के बरामद में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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प्रदेश सचिव ने बताया कि 21 जुलाई में हुए धरना प्रदर्शन के दौरान एडीएम व एएसपी से हुई वार्ता के दौरान तय हुआ था कि 27 जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता होगी। बावजूद इसके 27 जुलाई को जानकारी मिली कि अब वार्ता 28 जुलाई को होगी। इसके बाद, वह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पर पहुंच गए।
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प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पहले प्रशासन की ओर से बैठक में कुछ पदाधिकारियों के साथ वार्ता करने की बात कही गई, लेकिन डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अधिकारियों के सामने किसानों के मुद्दे रखने को बात होनी थी। इसको लेकर वह पदाधिकारियों व किसानों के साथ डीएम कार्यालय पर पहुंच गए। इसके बाद, प्रशासन की ओर से वार्ता को लेकर अनदेखी करने पर पदाधिकारी व किसान डीएम कार्यालय के बरामदे में बैठ गए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नारेबाजी होने लगी। इसके बाद करीब ढाई बजे प्रशासन के बुलाने पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट सभागार में हुई वार्ता में शामिल हुए और डीएम के सामने किसानों की समस्याएं रखीं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस बीच डीएम के सामने खाद, चकबंदी व गुन्नौर क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी की जांच आदि उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इस बीच, करीब आधा घंटे तक हुई वार्ता के दौरान डीएम ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इस बीच, जिलाध्यक्ष मनपाल सिंह समेत उदयवीर सिंह यादव, रामवीर सिंह, मुकेश यादव, अमरसिंह राजपूत, चंद्रपाल सिंह, महेश यादव, मुनेंद्र सिंह यादव व जबर सिंह यादव आदि रहे।